हाफिज सईद की मुंहबोली बहन, जिसने सबके सामने काटी गाय, भारत की सबसे खतरनाक महिला को मिली बड़ी सजा, पाकिस्तान में बवाल!

दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट स्थित एनआईए की विशेष एक अदालत ने कश्मीरी अलगाववादी संगठन 'दुख्तरान-ए-मिल्लत' की प्रमुख आसिया अंद्राबी को देश के खिलाफ अपराधों की साजिश रचने के जुर्म में उम्रकैद की सजा सुनाई। इस मामले में उनकी दो साथियों सोफी फहमीदा और नाहिदा नसरीन को भी 30 साल की कैद की सजा दी गई। एडिशनल सेशन जज चंदर जीत सिंह ने गैर-कानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) की धारा 18 और आईपीसी की धारा 121-A के तहत अपराधों के लिए सजा का ऐलान किया। ये धाराएं भारत सरकार के खिलाफ युद्ध छेड़ने की साजिश रचने से संबंधित हैं। एनआईए ने विशेष रूप से अंद्राबी के लिए उम्रकैद की सजा की मांग की थी। उसने तर्क दिया था कि जो लोग देश के खिलाफ साजिश रचते हैं, उन्हें एक कड़ा संदेश देना बेहद जरूरी है।इसे भी पढ़ें: चलो वापस जाओ...Strait of Hormuz से दुनिया को कड़ा संदेश, कराची जा रहे जहाज को ईरान ने लौटाया2018 में पकड़ी गई आसिया अंद्राबी को दिल्ली की एक विशेष अदालत ने आतंक से जुड़े मामले में अजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसकी दो सहयोगियों सोफी फहमिदा और नाहिदा नसरीन को 30-30 साल की सजा दी गई है। आसिया अंद्राबी को आईपीसी की उन धाराओं में दोषी ठहराया गया है जो आपराधिक साजिश और देश के खिलाफ युद्ध छेड़ने से संबंधित है। आसिया अंद्राबी दुखतरान ए मिल्लत नाम के एक संगठन की संस्थापक है जो ऑल पार्टीज हुरियत कॉन्फ्रेंस का एक हिस्सा है। भारत सरकार ने इस संगठन को एक प्रतिबंधित संगठन घोषित कर रखा है। इस संगठन का उद्देश्य भारत से कश्मीर को आजाद कराना था। आसिया अंद्राबी कश्मीर में शरिया कानून लागू करवाना चाहती थी। आसिया अंद्रावी ने आशिक हुसैन फख्तू नाम के एक शख्स से शादी की थी जो हिजबुल मुजाहिद्दीन के संस्थापक सदस्यों में से एक है। इसका पति भी जेल में सड़ रहा है। इसे भी पढ़ें: 2 लाख महिलाओं से रेप, 3,000,000 की हत्या, आज ही के दिन हुआ ऐसा नरसंहार, कांप उठी थी दुनिया, PM ने किया चौंकाने वाला खुलासाआसिया आंद्राबी कश्मीर में महिलाओं को कट्टरपंथ की ट्रेनिंग देती थी। आतंकवादी हाफिज सईद को आशा की किरण बताकर उसका महिमा मंडन करती थी। अंद्राबी पहले भी विवादों में रही है। वर्ष 2015 में एक वीडियो सामने आने के बाद उसे गिरफ्तार किया गया था, जिसमें वह गाय काटते हुए दिखी थी। इस घटना पर खूब हंगामा हुआ था। 2014 से पहले कश्मीर में इसकी तूती बोलती थी। कश्मीर की सड़कों पर यह खुलेआम नारे लगाती थी कि कश्मीर बनेगा पाकिस्तान। इसने आईएसआई से फंड लिया और पाकिस्तान से सीधे संपर्क बनाए रखा।इसे भी पढ़ें: कश्मीर के लोगों का पूरा पैसा लेकर भाग गया ईरान! पूरा भारत हैरान 2013 में केंद्र सरकार से एक शर्मनाक डिप्लोमेटिक गलती हुई जब आसिया अंद्राबी को दिल्ली में पाकिस्तान के सलाहकार सरताज अजीत से मिलने की इजाजत दे दी गई। आप सोचिए कि पीएम मोदी के आने से पहले आसिया अंद्राबी कितने अकड़ के साथ कश्मीर में घूमती होगी। लेकिन जब से मोदी सरकार ने कश्मीर से धारा 370 को हटाया है। आसिया अंद्राबी और उसके जैसे कई सेपरेटिस्ट लीडर जेल में सड़ रहे हैं। आसिया अंद्राबी को उम्र कैद की सजा दे दी गई है। यासीन मलिक पहले से ही जेल में सड़ रहा है। मसरत आलम भी जेल में पड़ा हुआ है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाकिस्तान के आतंकी सरगना हाफिज सईद का भी आसिया अंद्राबी से करीबी संबंध बताया जाता है और वह उसे अपनी मुँहबोली बहन मानता था। 

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Mar 26, 2026 - 10:03
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हाफिज सईद की मुंहबोली बहन, जिसने सबके सामने काटी गाय, भारत की सबसे खतरनाक महिला को मिली बड़ी सजा, पाकिस्तान में बवाल!
दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट स्थित एनआईए की विशेष एक अदालत ने कश्मीरी अलगाववादी संगठन 'दुख्तरान-ए-मिल्लत' की प्रमुख आसिया अंद्राबी को देश के खिलाफ अपराधों की साजिश रचने के जुर्म में उम्रकैद की सजा सुनाई। इस मामले में उनकी दो साथियों सोफी फहमीदा और नाहिदा नसरीन को भी 30 साल की कैद की सजा दी गई। एडिशनल सेशन जज चंदर जीत सिंह ने गैर-कानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) की धारा 18 और आईपीसी की धारा 121-A के तहत अपराधों के लिए सजा का ऐलान किया। ये धाराएं भारत सरकार के खिलाफ युद्ध छेड़ने की साजिश रचने से संबंधित हैं। एनआईए ने विशेष रूप से अंद्राबी के लिए उम्रकैद की सजा की मांग की थी। उसने तर्क दिया था कि जो लोग देश के खिलाफ साजिश रचते हैं, उन्हें एक कड़ा संदेश देना बेहद जरूरी है।

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2018 में पकड़ी गई आसिया अंद्राबी को दिल्ली की एक विशेष अदालत ने आतंक से जुड़े मामले में अजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसकी दो सहयोगियों सोफी फहमिदा और नाहिदा नसरीन को 30-30 साल की सजा दी गई है। आसिया अंद्राबी को आईपीसी की उन धाराओं में दोषी ठहराया गया है जो आपराधिक साजिश और देश के खिलाफ युद्ध छेड़ने से संबंधित है। आसिया अंद्राबी दुखतरान ए मिल्लत नाम के एक संगठन की संस्थापक है जो ऑल पार्टीज हुरियत कॉन्फ्रेंस का एक हिस्सा है। भारत सरकार ने इस संगठन को एक प्रतिबंधित संगठन घोषित कर रखा है। इस संगठन का उद्देश्य भारत से कश्मीर को आजाद कराना था। आसिया अंद्राबी कश्मीर में शरिया कानून लागू करवाना चाहती थी। आसिया अंद्रावी ने आशिक हुसैन फख्तू नाम के एक शख्स से शादी की थी जो हिजबुल मुजाहिद्दीन के संस्थापक सदस्यों में से एक है। इसका पति भी जेल में सड़ रहा है। 

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आसिया आंद्राबी कश्मीर में महिलाओं को कट्टरपंथ की ट्रेनिंग देती थी। आतंकवादी हाफिज सईद को आशा की किरण बताकर उसका महिमा मंडन करती थी। अंद्राबी पहले भी विवादों में रही है। वर्ष 2015 में एक वीडियो सामने आने के बाद उसे गिरफ्तार किया गया था, जिसमें वह गाय काटते हुए दिखी थी। इस घटना पर खूब हंगामा हुआ था। 2014 से पहले कश्मीर में इसकी तूती बोलती थी। कश्मीर की सड़कों पर यह खुलेआम नारे लगाती थी कि कश्मीर बनेगा पाकिस्तान। इसने आईएसआई से फंड लिया और पाकिस्तान से सीधे संपर्क बनाए रखा।

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2013 में केंद्र सरकार से एक शर्मनाक डिप्लोमेटिक गलती हुई जब आसिया अंद्राबी को दिल्ली में पाकिस्तान के सलाहकार सरताज अजीत से मिलने की इजाजत दे दी गई। आप सोचिए कि पीएम मोदी के आने से पहले आसिया अंद्राबी कितने अकड़ के साथ कश्मीर में घूमती होगी। लेकिन जब से मोदी सरकार ने कश्मीर से धारा 370 को हटाया है। आसिया अंद्राबी और उसके जैसे कई सेपरेटिस्ट लीडर जेल में सड़ रहे हैं। आसिया अंद्राबी को उम्र कैद की सजा दे दी गई है। यासीन मलिक पहले से ही जेल में सड़ रहा है। मसरत आलम भी जेल में पड़ा हुआ है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाकिस्तान के आतंकी सरगना हाफिज सईद का भी आसिया अंद्राबी से करीबी संबंध बताया जाता है और वह उसे अपनी मुँहबोली बहन मानता था। 

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