सरहदों से परे, फिर सुनाई देने लगी हैं बाघों की दहाड़ें
एशिया-प्रशान्त के बाघ आवासीय देशों में सीमापार सहयोग, समन्वय और सम्पर्क बढ़ाने के साझा प्रयासों से अभूतपूर्व सफलता मिली है. जिन क्षेत्रों में कभी बाघ विलुप्ति की कगार पर थे, वहाँ अब उनकी दुर्लभ झलक फिर से दिखने लगी है. UNDP के सहयोग से शुरू की गई पहल ने, बाघों के संरक्षण और उनके आवासों के पुनर्स्थापना में महत्वपूर्ण प्रगति सुनिश्चित की है.
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