मानसून में Dudhsagar Falls Trek का रोमांच: एडवेंचर लवर्स के लिए पूरी Travel Guide और जरूरी सेफ्टी टिप्स

बरसात का मौसम काफी सुहावना होता है और इस मौसम में अधिकतर महिलाएं किसी न किसी ट्रिप पर जरूर जाती हैं। यदि आप भी लंबे समय किसी खास ट्रिप पर जाने का प्लान कर रहे हैं, तो यह लेख आपके लिए है। ट्रैकिंग करना हर किसी को काफी पसंद है। वहीं, मानसून के समय ट्रैकिंग करना बेहद परफेक्ट मानी जाती है।  मानसून में आप भी एक खूबसूरत और यादगार ट्रैकिंग ट्रिप की योजना बना सकते हैं। आइए आपको बताते हैं मानसून में ट्रैकिंग के लिए सबसे सुंदर जगह कौन-सी है।गोवा की बॉर्डर पर है खूबसूरत दूधसागर फॉल्सदरअसल, गोवा की बोर्डर पर स्थित 'दूधसागर फॉल्स' भारत का सबसे खूबसूरत झरनों में से एक है। बता दें कि, यह करीब 310 मीटर की ऊंचाई से गिरता है, जो अपनी खूबसूरती और सफेद दूध जैसी धाराओं के लिए पूरे देश में प्रसिद्ध है। असल में दूधसागर फॉल गोवा के 'भगवान महावीर वन्यजीव अभयारण्य' और 'मोल्लेम नेशनल पार्क' के अंदर स्थित है।यहां पर मौजूद दूध जैसा सफेद झरना, घने जंगल, ऊंचे पहाड़ों और रेलवे ब्रिज के बीचों-बीच बना हुआ है। मानसून के समय यहां पर ज्यादा भीड़ देखी जाती है। अगर आपको ट्रैकिंग पसंद है, तो आप यहां जा सकते हैं। लेकिन कुछ जरुरी बातों का जरुर ध्यान रखें।दूधसागर का फेमस ट्रैकिंग रूटआपको बताते चलें कि, दूधसागर जाने के लिए दो फेमस ट्रैकिंग रुट्स हैं। जो कि सबसे ज्याद पॉपलुर 'कुलेम रुट' माना गया है। यह करीब 11 किलोमीटर का सफर है, जिसे तय करने में करीब 5 से 6 घंटे का समय लगता है। वैसे इस रुट पर खूब घने जंगल, छोटे-छोटे नालों और खूबसूरत प्राकृतिक नजारों का अनुभव मिलेगा।कैसे पहुंचें दूधसागर?अगर आप भी इस जगह पर जाना चाहते हैं, तो यहां का सबसे नजदीकी एयरपोर्ट 'डाबोलिम एयरपोर्ट' है। वहीं, ट्रेन से यात्रा करने के लिए आपको कुलेम या कैसल रॉक रेलवे स्टेशन सबसे नजदीक पड़ेगा। बाय रोड जाने पर आप मोल्लेम गांव तक टैक्सी से आ सकती है और फिर वहां से आगे के लिए पर्सनल या शेयरिंग जीप बुक कर सकती हैं।ट्रैकिंग पर जाने से पहले अपने बैग में रखें ये जरूरी सामानयदि आप दूधसागर ट्रैक पर जाने का प्लान बना रहे हैं, तो आप अपने साथ अच्छी ग्रिप वाले ट्रैकिंग शूज जरुर रखें। इसके साथ ही रेनकोट, एक्सस्ट्रा टॉर्च, एनर्जी ड्रिंक्स, पानी की बोतल और बेसिक मेडिकल किट भी अपने बैग में जरुर शामिल करें। बरसात के मौसम में होने के वजह से आपके कपड़े भीग सकते हैं, इसलिए अपने साथ एक्स्ट्रा कपड़े जरुर रखें।किन बातों का ध्यान रखेंबारिश में ट्रैकिंग करना सबसे बेहतरीन और रोमांचक अनुभव होता है, हालांकि आप घूमने का प्लान बना रही, तो मौसम का अपडेट जरुर लें। वहां की सरकारी गाइडलाइंस को जरुर पढ़ें। कई बार भारी बारिश या लैंडस्लाइड की वजह से ट्रैकिंग रुट्स बंद हो जाते हैं। इसके अलावा, कई बार फोटो और सेल्फी लेने के चक्कर में बड़ी दुर्घटना हो सकती है। इस दौरान आप झरने के बहुत करीब जाकर फोटो या सेल्फी लेने की भूल न करें। वरना पानी के तेज बहाव के कारण कोई न कोई अनहोनी हो सकती है। 

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Jul 23, 2026 - 08:59
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मानसून में Dudhsagar Falls Trek का रोमांच: एडवेंचर लवर्स के लिए पूरी Travel Guide और जरूरी सेफ्टी टिप्स
बरसात का मौसम काफी सुहावना होता है और इस मौसम में अधिकतर महिलाएं किसी न किसी ट्रिप पर जरूर जाती हैं। यदि आप भी लंबे समय किसी खास ट्रिप पर जाने का प्लान कर रहे हैं, तो यह लेख आपके लिए है। ट्रैकिंग करना हर किसी को काफी पसंद है। वहीं, मानसून के समय ट्रैकिंग करना बेहद परफेक्ट मानी जाती है।  मानसून में आप भी एक खूबसूरत और यादगार ट्रैकिंग ट्रिप की योजना बना सकते हैं। आइए आपको बताते हैं मानसून में ट्रैकिंग के लिए सबसे सुंदर जगह कौन-सी है।

गोवा की बॉर्डर पर है खूबसूरत दूधसागर फॉल्स
दरअसल, गोवा की बोर्डर पर स्थित 'दूधसागर फॉल्स' भारत का सबसे खूबसूरत झरनों में से एक है। बता दें कि, यह करीब 310 मीटर की ऊंचाई से गिरता है, जो अपनी खूबसूरती और सफेद दूध जैसी धाराओं के लिए पूरे देश में प्रसिद्ध है। असल में दूधसागर फॉल गोवा के 'भगवान महावीर वन्यजीव अभयारण्य' और 'मोल्लेम नेशनल पार्क' के अंदर स्थित है।
यहां पर मौजूद दूध जैसा सफेद झरना, घने जंगल, ऊंचे पहाड़ों और रेलवे ब्रिज के बीचों-बीच बना हुआ है। मानसून के समय यहां पर ज्यादा भीड़ देखी जाती है। अगर आपको ट्रैकिंग पसंद है, तो आप यहां जा सकते हैं। लेकिन कुछ जरुरी बातों का जरुर ध्यान रखें।

दूधसागर का फेमस ट्रैकिंग रूट
आपको बताते चलें कि, दूधसागर जाने के लिए दो फेमस ट्रैकिंग रुट्स हैं। जो कि सबसे ज्याद पॉपलुर 'कुलेम रुट' माना गया है। यह करीब 11 किलोमीटर का सफर है, जिसे तय करने में करीब 5 से 6 घंटे का समय लगता है। वैसे इस रुट पर खूब घने जंगल, छोटे-छोटे नालों और खूबसूरत प्राकृतिक नजारों का अनुभव मिलेगा।

कैसे पहुंचें दूधसागर?
अगर आप भी इस जगह पर जाना चाहते हैं, तो यहां का सबसे नजदीकी एयरपोर्ट 'डाबोलिम एयरपोर्ट' है। वहीं, ट्रेन से यात्रा करने के लिए आपको कुलेम या कैसल रॉक रेलवे स्टेशन सबसे नजदीक पड़ेगा। बाय रोड जाने पर आप मोल्लेम गांव तक टैक्सी से आ सकती है और फिर वहां से आगे के लिए पर्सनल या शेयरिंग जीप बुक कर सकती हैं।

ट्रैकिंग पर जाने से पहले अपने बैग में रखें ये जरूरी सामान
यदि आप दूधसागर ट्रैक पर जाने का प्लान बना रहे हैं, तो आप अपने साथ अच्छी ग्रिप वाले ट्रैकिंग शूज जरुर रखें। इसके साथ ही रेनकोट, एक्सस्ट्रा टॉर्च, एनर्जी ड्रिंक्स, पानी की बोतल और बेसिक मेडिकल किट भी अपने बैग में जरुर शामिल करें। बरसात के मौसम में होने के वजह से आपके कपड़े भीग सकते हैं, इसलिए अपने साथ एक्स्ट्रा कपड़े जरुर रखें।

किन बातों का ध्यान रखें
बारिश में ट्रैकिंग करना सबसे बेहतरीन और रोमांचक अनुभव होता है, हालांकि आप घूमने का प्लान बना रही, तो मौसम का अपडेट जरुर लें। वहां की सरकारी गाइडलाइंस को जरुर पढ़ें। कई बार भारी बारिश या लैंडस्लाइड की वजह से ट्रैकिंग रुट्स बंद हो जाते हैं। इसके अलावा, कई बार फोटो और सेल्फी लेने के चक्कर में बड़ी दुर्घटना हो सकती है। इस दौरान आप झरने के बहुत करीब जाकर फोटो या सेल्फी लेने की भूल न करें। वरना पानी के तेज बहाव के कारण कोई न कोई अनहोनी हो सकती है। 

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