मंदिर पर हमला करने वाले को पहली बार फांसी, पूरा भारत चौंका!

भारत के करोड़ों लोग यह खबर सुनकर हैरान हो जाएंगे। आपने सुना होगा कि चीन उईगर मुसलमानों पर कितने अत्याचार कर रहा है। लेकिन इन्हीं उईगर मुसलमानों ने ऐसा कांड कर दिया जो आपके होश उड़ा देगा। दरअसल थाईलैंड की अदालत ने दो उईगर मुसलमानों को मंदिर पर हमला करने के लिए फांसी की सजा सुना दी है। थाईलैंड की एक अदालत ने साल 2015 में बैंकॉक के प्रसिद्ध एरावान मंदिर में हुए बम धमाके के मामले में दो चीनी उईगर मुसलमानों को मौत की सजा सुनाई है। इस धमाके में 20 लोगों की मौत हुई थी जबकि 120 लोग घायल हो गए थे। आपको बता दें कि थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक में स्थित एरोन मंदिर हिंदू देवता ब्रह्मा को समर्पित है। यहां पर थाईलैंड के हिंदू भगवान ब्रह्मा की पूजा करते थे। लेकिन इसी मंदिर में दो ईगर मुसलमानों ने आतंकी हमला कर दिया। इसी अपराध के चलते अब इन दोनों ईगर मुसलमानों को फांसी पर लटकाया जा रहा है।इसे भी पढ़ें: Taiwan की घेराबंदी! China के 14 PLA फाइटर जेट और 9 Navy जहाजों से बढ़ा संकट दोषी ठहराए गए दोनों आरोपियों की पहचान यूसुफ मिराइल और बिलाल मोहम्मद के रूप में हुई है। ऐसा शायद पहली बार हो रहा है कि मंदिर पर हमले के लिए दो मुस्लिम अपराधियों को फांसी की सजा दी जा रही है। बताइए चीन के डर से उईगर मुसलमान चीन के अंदर अपने मन से दाढ़ी नहीं रख सकते। रोजा नहीं रख पाते। महिलाएं बुर्का नहीं पहन पाती। मस्जिदों को चीनी कानून के हिसाब से बनाया जाता है। चीन ने तो उईगर मुसलमानों के लिए 29 नामों की एक लिस्ट तक जारी कर रखी है। जिसमें कहा गया है कि उईगर मुसलमान चीन में अपने बच्चों के नाम मोहम्मद जिहाद, इस्लाम, इमाम, अजहर और सद्दाम नहीं रख सकते। ऐसे 29 नाम बताए गए हैं। लेकिन जब यही हुई मुसलमान चीन से बाहर निकलते हैं तो दूसरे देशों में जाकर हिंदू मंदिरों पर हमला करते हैं। बहरहाल आपको बता दें कि थाईलैंड में कई मशहूर हिंदू मंदिर और तीर्थ स्थल हैं जिनमें भारतीय और थाई वास्तुकला शैलियों का मिलाजुला स्वरूप देखने को मिलता है। थाईलैंड के बौद्ध भी हिंदू देवी देवताओं की पूजा करते हैं।  इसे भी पढ़ें: Travel Tips: थाईलैंड में लंबी छुट्टियों का सपना टूटा? 60 दिन की Visa-Free Entry खत्म, अब सिर्फ 15 दिन का Stayदोनों संस्कृतियों के बीच गहरा ऐतिहासिक और सांस्कृतिक जुड़ाव है। हैरानी की बात देखिए कि एक शिव मंदिर को लेकर भी थाईलैंड और उसके पड़ोसी देश कंबोडिया के बीच दशकों से संघर्ष चल रहा है। यह दोनों देश एक शिव मंदिर के लिए आपस में लड़ रहे हैं। दोनों देशों का दावा है कि मंदिर उनके क्षेत्र में है। वैसे 1962 में इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस ने प्रीह वेहियर नाम के इस मंदिर को कंबोडिया का हिस्सा माना था। लेकिन इसके बावजूद थाईलैंड इस शिव मंदिर को अपने पास लाना चाहता है। इसी को लेकर कई बार दोनों देशों के बीच हमले हो चुके हैं।

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Jun 13, 2026 - 13:18
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मंदिर पर हमला करने वाले को पहली बार फांसी, पूरा भारत चौंका!
भारत के करोड़ों लोग यह खबर सुनकर हैरान हो जाएंगे। आपने सुना होगा कि चीन उईगर मुसलमानों पर कितने अत्याचार कर रहा है। लेकिन इन्हीं उईगर मुसलमानों ने ऐसा कांड कर दिया जो आपके होश उड़ा देगा। दरअसल थाईलैंड की अदालत ने दो उईगर मुसलमानों को मंदिर पर हमला करने के लिए फांसी की सजा सुना दी है। थाईलैंड की एक अदालत ने साल 2015 में बैंकॉक के प्रसिद्ध एरावान मंदिर में हुए बम धमाके के मामले में दो चीनी उईगर मुसलमानों को मौत की सजा सुनाई है। इस धमाके में 20 लोगों की मौत हुई थी जबकि 120 लोग घायल हो गए थे। आपको बता दें कि थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक में स्थित एरोन मंदिर हिंदू देवता ब्रह्मा को समर्पित है। यहां पर थाईलैंड के हिंदू भगवान ब्रह्मा की पूजा करते थे। लेकिन इसी मंदिर में दो ईगर मुसलमानों ने आतंकी हमला कर दिया। 
इसी अपराध के चलते अब इन दोनों ईगर मुसलमानों को फांसी पर लटकाया जा रहा है।

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दोषी ठहराए गए दोनों आरोपियों की पहचान यूसुफ मिराइल और बिलाल मोहम्मद के रूप में हुई है। ऐसा शायद पहली बार हो रहा है कि मंदिर पर हमले के लिए दो मुस्लिम अपराधियों को फांसी की सजा दी जा रही है। बताइए चीन के डर से उईगर मुसलमान चीन के अंदर अपने मन से दाढ़ी नहीं रख सकते। रोजा नहीं रख पाते। महिलाएं बुर्का नहीं पहन पाती। मस्जिदों को चीनी कानून के हिसाब से बनाया जाता है। चीन ने तो उईगर मुसलमानों के लिए 29 नामों की एक लिस्ट तक जारी कर रखी है। जिसमें कहा गया है कि उईगर मुसलमान चीन में अपने बच्चों के नाम मोहम्मद जिहाद, इस्लाम, इमाम, अजहर और सद्दाम नहीं रख सकते। ऐसे 29 नाम बताए गए हैं। लेकिन जब यही हुई मुसलमान चीन से बाहर निकलते हैं तो दूसरे देशों में जाकर हिंदू मंदिरों पर हमला करते हैं। बहरहाल आपको बता दें कि थाईलैंड में कई मशहूर हिंदू मंदिर और तीर्थ स्थल हैं जिनमें भारतीय और थाई वास्तुकला शैलियों का मिलाजुला स्वरूप देखने को मिलता है। थाईलैंड के बौद्ध भी हिंदू देवी देवताओं की पूजा करते हैं।  

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दोनों संस्कृतियों के बीच गहरा ऐतिहासिक और सांस्कृतिक जुड़ाव है। हैरानी की बात देखिए कि एक शिव मंदिर को लेकर भी थाईलैंड और उसके पड़ोसी देश कंबोडिया के बीच दशकों से संघर्ष चल रहा है। यह दोनों देश एक शिव मंदिर के लिए आपस में लड़ रहे हैं। दोनों देशों का दावा है कि मंदिर उनके क्षेत्र में है। वैसे 1962 में इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस ने प्रीह वेहियर नाम के इस मंदिर को कंबोडिया का हिस्सा माना था। लेकिन इसके बावजूद थाईलैंड इस शिव मंदिर को अपने पास लाना चाहता है। इसी को लेकर कई बार दोनों देशों के बीच हमले हो चुके हैं।

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