जैसे-जैसे गर्मी का पारा चढ़ने लगता है, हम अक्सर अपनी सेहत को नजरअंदाज कर देते हैं। गर्मी के मौसम में सबसे जरूरी है अपने शरीर में पानी की कमी न होने देना। अगर हम पर्याप्त पानी नहीं पीते, तो डिहाइड्रेशन का खतरा बढ़ जाता है। यह सिर्फ मामूली प्यास नहीं है, बल्कि एक ऐसी स्थिति है जो मेडिकल इमरजेंसी बन सकती है। आसान शब्दों में कहें तो जब हमारे शरीर से पसीने के जरिए पानी ज्यादा निकलता है और हम उतना पानी पी नहीं पाते, तब डिहाइड्रेशन होता है।
शरीर देने लगता है खतरे के संकेत
हमारा शरीर बहुत समझदार है और पानी की कमी होने पर हमें चेतावनी देना शुरू कर देता है। सबसे पहला संकेत है बार-बार मुंह सूखना। इसके अलावा, अगर आपको महसूस हो कि पेशाब कम आ रहा है या उसका रंग गहरा पीला हो गया है, तो समझ जाइए कि शरीर को तुरंत पानी की जरूरत है। इन संकेतों को अनदेखा करना भारी पड़ सकता है।
लापरवाही पड़ सकती है जान पर भारी
डिहाइड्रेशन को हल्के में लेना जानलेवा भी हो सकता है। अगर समय रहते ध्यान न दिया जाए, तो शरीर के अंग काम करना बंद कर सकते हैं। ज्यादा थकान महसूस होना, चक्कर आना या कमजोरी लगना इसके गंभीर लक्षण हैं। गर्मी के इन दिनों में खुद को सुरक्षित रखने का सबसे आसान तरीका यही है कि आप प्यास लगने का इंतजार न करें और पूरे दिन थोड़ा-थोड़ा पानी पीते रहें।
डिहाइड्रेशन को मात देने के अचूक उपाय
गर्मी के मौसम में डिहाइड्रेशन से बचने के लिए सबसे जरूरी है कि आप प्यास लगने का इंतजार न करें। पूरे दिन थोड़ा-थोड़ा पानी पीते रहें और अपनी डाइट में तरबूज, खीरा और छाछ जैसी चीजें शामिल करें जो शरीर में पानी की कमी को पूरा करती हैं।
सादे पानी के अलावा नारियल पानी या नींबू पानी लेना बहुत फायदेमंद रहता है। साथ ही तेज धूप में बाहर निकलने से बचें और चाय-कॉफी का सेवन कम करें, क्योंकि ये शरीर को जल्दी सुखा देते हैं। बस इन छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखकर आप भीषण गर्मी में भी खुद को फिट और हाइड्रेटेड रख सकते हैं।