बेंगलुरु एयरपोर्ट पर IndiGo विमान में उड़ा धुआं, सुरक्षित निकाले गए 230 से अधिक यात्री, DGCA ने शुरू की जांच

बेंगलुरु के केंपेगौड़ा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर मंगलवार शाम एक बड़ा हादसा टल गया। चेन्नई जाने वाली इंडिगो की एक उड़ान के टेक-ऑफ से ठीक पहले कॉकपिट और केबिन में अचानक धुआं भर गया। इसके बाद विमान में सवार 230 से अधिक यात्रियों और चालक दल के सदस्यों को आपातकालीन स्थिति में सुरक्षित बाहर निकाला गया। हालांकि, इस अफरा-तफरी के बीच सुरक्षित बाहर निकलने की प्रक्रिया (Evacuation) के दौरान दो यात्रियों को मामूली चोटें आई हैं। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने मामले की गंभीरता को देखते हुए विमान को अगली जांच तक उड़ान भरने से रोक (Ground) दिया है और घटना के कारणों का पता लगाने के लिए विस्तृत जांच शुरू कर दी है।विमानन नियामक डीजीसीए इस घटना की जांच कर रहा है और विमान को जांच के लिए उड़ान भरने से रोक दिया गया है। इंडिगो ने एक बयान में कहा कि सभी यात्री और चालक दल के सदस्य सुरक्षित हैं और उन्हें टर्मिनल पर ले जाया गया है, जहां विमानन कंपनी के दल उनकी देखभाल कर रहे हैं। एयरलाइन ने कहा, छब्बीस मई 2026 को बेंगलुरु से चेन्नई जाने वाली इंडिगो की उड़ान 6ई 6017 जब उड़ान भरने के लिए रनवे की ओर बढ़ रही थी, तभी विमान में धुआं दिखाई दिया। सुरक्षा के मद्देनजर यात्रियों को तुरंत बाहर निकाला गया और सभी संबंधित अधिकारियों को सूचित कर दिया गया है। सूत्रों ने बताया कि ए321 विमान में 230 से अधिक लोग सवार थे। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने बताया कि आपातकालीन स्थिति में यात्रियों को बाहर निकालने की यह प्रक्रिया ए321 विमान वीटी-आईएमई से की गई थी। नियामक ने एक बयान में कहा कि विमान को पीछे धकेले जाने (पुशबैक) के बाद जब उसने रनवे पर आगे बढ़ना शुरू किया, तभी कॉकपिट और केबिन में धुआं देखा गया। विमानन की में, पुशबैक का मतलब विशेष ट्रैक्टर द्वारा हवाई जहाज को पार्किंग-बे से पीछे धकेलकर रनवे के रास्ते पर लाना है, क्योंकि विमान में खुद पीछे जाने के लिए रिवर्स गियर नहीं होता। डीजीसीए ने कहा, क्रू (चालक दल) ने सभी आपातकालीन स्लाइड (एस्केप स्लाइड्स) का उपयोग करके यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला। इस प्रक्रिया के दौरान दो यात्रियों को मामूली चोटें आईं। विमान को जांच और सुधार के लिए उड़ान भरने से रोक दिया गया है। इसके साथ ही नियामक ने कहा कि वह इस घटना की जांच कर रहा है। एयरलाइन ने कहा कि इस उड़ान के संचालन के लिए एक वैकल्पिक (दूसरे) विमान की व्यवस्था की गई है।एयरलाइन और DGCA का रुखइंडिगो एयरलाइंस ने घटना के बाद एक आधिकारिक बयान जारी कर कहा: "सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए यात्रियों को तुरंत बाहर निकाला गया और सभी संबंधित अधिकारियों को सूचित कर दिया गया है। सभी यात्री और चालक दल के सदस्य पूरी तरह सुरक्षित हैं। उन्हें टर्मिनल बिल्डिंग में ले जाया गया, जहाँ एयरलाइन स्टाफ द्वारा उनकी देखभाल की जा रही है।" एयरलाइन ने यह भी पुष्टि की है कि चेन्नई जाने वाले यात्रियों के लिए एक वैकल्पिक (दूसरे) विमान की व्यवस्था की गई ताकि वे अपनी यात्रा पूरी कर सकें। फिलहाल प्रभावित विमान को ग्राउंडेड कर दिया गया है और तकनीकी खराबी के कारणों की सघन जांच की जा रही है। Read Latest National News in Hindi only on Prabhasakshi  

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May 27, 2026 - 10:41
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बेंगलुरु एयरपोर्ट पर IndiGo विमान में उड़ा धुआं, सुरक्षित निकाले गए 230 से अधिक यात्री, DGCA ने शुरू की जांच

बेंगलुरु के केंपेगौड़ा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर मंगलवार शाम एक बड़ा हादसा टल गया। चेन्नई जाने वाली इंडिगो की एक उड़ान के टेक-ऑफ से ठीक पहले कॉकपिट और केबिन में अचानक धुआं भर गया। इसके बाद विमान में सवार 230 से अधिक यात्रियों और चालक दल के सदस्यों को आपातकालीन स्थिति में सुरक्षित बाहर निकाला गया। हालांकि, इस अफरा-तफरी के बीच सुरक्षित बाहर निकलने की प्रक्रिया (Evacuation) के दौरान दो यात्रियों को मामूली चोटें आई हैं। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने मामले की गंभीरता को देखते हुए विमान को अगली जांच तक उड़ान भरने से रोक (Ground) दिया है और घटना के कारणों का पता लगाने के लिए विस्तृत जांच शुरू कर दी है।

विमानन नियामक डीजीसीए इस घटना की जांच कर रहा है और विमान को जांच के लिए उड़ान भरने से रोक दिया गया है। इंडिगो ने एक बयान में कहा कि सभी यात्री और चालक दल के सदस्य सुरक्षित हैं और उन्हें टर्मिनल पर ले जाया गया है, जहां विमानन कंपनी के दल उनकी देखभाल कर रहे हैं।

एयरलाइन ने कहा, छब्बीस मई 2026 को बेंगलुरु से चेन्नई जाने वाली इंडिगो की उड़ान 6ई 6017 जब उड़ान भरने के लिए रनवे की ओर बढ़ रही थी, तभी विमान में धुआं दिखाई दिया। सुरक्षा के मद्देनजर यात्रियों को तुरंत बाहर निकाला गया और सभी संबंधित अधिकारियों को सूचित कर दिया गया है। सूत्रों ने बताया कि ए321 विमान में 230 से अधिक लोग सवार थे। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने बताया कि आपातकालीन स्थिति में यात्रियों को बाहर निकालने की यह प्रक्रिया ए321 विमान वीटी-आईएमई से की गई थी।

नियामक ने एक बयान में कहा कि विमान को पीछे धकेले जाने (पुशबैक) के बाद जब उसने रनवे पर आगे बढ़ना शुरू किया, तभी कॉकपिट और केबिन में धुआं देखा गया। विमानन की में, पुशबैक का मतलब विशेष ट्रैक्टर द्वारा हवाई जहाज को पार्किंग-बे से पीछे धकेलकर रनवे के रास्ते पर लाना है, क्योंकि विमान में खुद पीछे जाने के लिए रिवर्स गियर नहीं होता।

डीजीसीए ने कहा, क्रू (चालक दल) ने सभी आपातकालीन स्लाइड (एस्केप स्लाइड्स) का उपयोग करके यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला। इस प्रक्रिया के दौरान दो यात्रियों को मामूली चोटें आईं। विमान को जांच और सुधार के लिए उड़ान भरने से रोक दिया गया है। इसके साथ ही नियामक ने कहा कि वह इस घटना की जांच कर रहा है। एयरलाइन ने कहा कि इस उड़ान के संचालन के लिए एक वैकल्पिक (दूसरे) विमान की व्यवस्था की गई है।

एयरलाइन और DGCA का रुख

इंडिगो एयरलाइंस ने घटना के बाद एक आधिकारिक बयान जारी कर कहा: "सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए यात्रियों को तुरंत बाहर निकाला गया और सभी संबंधित अधिकारियों को सूचित कर दिया गया है। सभी यात्री और चालक दल के सदस्य पूरी तरह सुरक्षित हैं। उन्हें टर्मिनल बिल्डिंग में ले जाया गया, जहाँ एयरलाइन स्टाफ द्वारा उनकी देखभाल की जा रही है।" एयरलाइन ने यह भी पुष्टि की है कि चेन्नई जाने वाले यात्रियों के लिए एक वैकल्पिक (दूसरे) विमान की व्यवस्था की गई ताकि वे अपनी यात्रा पूरी कर सकें। फिलहाल प्रभावित विमान को ग्राउंडेड कर दिया गया है और तकनीकी खराबी के कारणों की सघन जांच की जा रही है। 

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