बजट सत्र स्थगित, 16 April को Parliament का Special Session! Kiren Rijiju बोले- एक बहुत महत्वपूर्ण Bill' ला रहे हैं

भारत सरकार 16 से 18 अप्रैल, 2026 तक संसद का तीन दिवसीय विशेष सत्र बुलाने जा रही है, जिसका मुख्य उद्देश्य महिला आरक्षण अधिनियम, जिसे आधिकारिक तौर पर नारी शक्ति वंदन अधिनियम, 2023 के नाम से जाना जाता है, के कार्यान्वयन में तेजी लाने के उद्देश्य से संशोधनों पर चर्चा करना और उन्हें पारित करना है। लोकसभा और राज्यसभा दोनों की कार्यवाही आज, 2 अप्रैल को स्थगित कर दी गई। इससे पहले, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने राज्यसभा में बोलते हुए कहा कि सदन जल्द ही एक महत्वपूर्ण विधेयक पर विचार करने के लिए फिर से बैठेगा। इसे भी पढ़ें: Sansad Diary: मंत्री से नाराज हुए लोकसभा अध्यक्ष, महिला आरक्षण विधेयक पर सरकार की बड़ी तैयारीरिजिजू ने कहा कि हमारे पास कुछ विधेयक और महत्वपूर्ण मुद्दे हैं, और हमने इनकी जानकारी विपक्ष को भी दे दी है। अगले दो-तीन हफ्तों में हम एक बहुत महत्वपूर्ण विधेयक पेश करने जा रहे हैं। सरकारी कैलेंडर के अनुसार, 28 जनवरी को शुरू हुआ बजट सत्र 2 अप्रैल को समाप्त होना था। शुक्रवार को संसद की कोई बैठक नहीं होगी। दोनों सदन अब 16 अप्रैल को मिलेंगे। राज्यसभा की बैठक बृहस्पतिवार को 16 अप्रैल पूर्वाह्न 11 बजे के लिए स्थगित की गयी तथा उच्च सदन में सरकार की ओर से संकेत दिया गया कि वह कोई ‘महत्वपूर्ण विधेयक’ लाने वाली है। संसद के बजट सत्र के पूर्व-घोषित कार्यक्रम के अनुसार बैठक को आज अनिश्चित काल के लिए स्थगित किया जाना था किंतु उपसभापति हरिवंश ने आज बैठक को 16 अप्रैल पूर्वाह्न 11 बजे तक के लिए स्थगित किया। संसद के बचे हुए कुछ दिनों में सरकार द्वारा नारी शक्ति वंदन अधिनियम (महिला आरक्षण कानून) में संशोधन हेतु संविधान संशोधन विधेयक पेश किए जाने की संभावना है। इसे भी पढ़ें: 'सरकार बनी तो खत्म करेंगे भेदभावपूर्ण कानून', CAPF Bill पर Rahul Gandhi का बड़ा वादापिछले पखवाड़े केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एनडीए के कुछ घटक दलों और गैर-कांग्रेसी विपक्षी दलों के कुछ नेताओं के साथ इस योजना पर चर्चा की। हालांकि प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस और एक अन्य प्रमुख दल टीएमसी के साथ परामर्श होना बाकी था। उपलब्ध व्यापक रूपरेखा के अनुसार, लोकसभा सीटों की संख्या वर्तमान 543 से बढ़ाकर 816 कर दी जाएगी, जिसमें 273 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी। आरक्षण "ऊर्ध्वाधर आधार" पर किया जाएगा, जिसमें अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति को भी सीटें आवंटित की जाएंगी। निर्वाचन क्षेत्रों का पुनर्निर्धारण प्रस्तावित 2027 की जनगणना के बजाय 2011 की जनगणना के आधार पर किया जाएगा।

PNSPNS
Apr 3, 2026 - 12:21
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बजट सत्र स्थगित, 16 April को Parliament का Special Session! Kiren Rijiju बोले- एक बहुत महत्वपूर्ण Bill' ला रहे हैं
भारत सरकार 16 से 18 अप्रैल, 2026 तक संसद का तीन दिवसीय विशेष सत्र बुलाने जा रही है, जिसका मुख्य उद्देश्य महिला आरक्षण अधिनियम, जिसे आधिकारिक तौर पर नारी शक्ति वंदन अधिनियम, 2023 के नाम से जाना जाता है, के कार्यान्वयन में तेजी लाने के उद्देश्य से संशोधनों पर चर्चा करना और उन्हें पारित करना है। लोकसभा और राज्यसभा दोनों की कार्यवाही आज, 2 अप्रैल को स्थगित कर दी गई। इससे पहले, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने राज्यसभा में बोलते हुए कहा कि सदन जल्द ही एक महत्वपूर्ण विधेयक पर विचार करने के लिए फिर से बैठेगा।
 

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रिजिजू ने कहा कि हमारे पास कुछ विधेयक और महत्वपूर्ण मुद्दे हैं, और हमने इनकी जानकारी विपक्ष को भी दे दी है। अगले दो-तीन हफ्तों में हम एक बहुत महत्वपूर्ण विधेयक पेश करने जा रहे हैं। सरकारी कैलेंडर के अनुसार, 28 जनवरी को शुरू हुआ बजट सत्र 2 अप्रैल को समाप्त होना था। शुक्रवार को संसद की कोई बैठक नहीं होगी। दोनों सदन अब 16 अप्रैल को मिलेंगे। राज्यसभा की बैठक बृहस्पतिवार को 16 अप्रैल पूर्वाह्न 11 बजे के लिए स्थगित की गयी तथा उच्च सदन में सरकार की ओर से संकेत दिया गया कि वह कोई ‘महत्वपूर्ण विधेयक’ लाने वाली है। 

संसद के बजट सत्र के पूर्व-घोषित कार्यक्रम के अनुसार बैठक को आज अनिश्चित काल के लिए स्थगित किया जाना था किंतु उपसभापति हरिवंश ने आज बैठक को 16 अप्रैल पूर्वाह्न 11 बजे तक के लिए स्थगित किया। संसद के बचे हुए कुछ दिनों में सरकार द्वारा नारी शक्ति वंदन अधिनियम (महिला आरक्षण कानून) में संशोधन हेतु संविधान संशोधन विधेयक पेश किए जाने की संभावना है।
 

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पिछले पखवाड़े केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एनडीए के कुछ घटक दलों और गैर-कांग्रेसी विपक्षी दलों के कुछ नेताओं के साथ इस योजना पर चर्चा की। हालांकि प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस और एक अन्य प्रमुख दल टीएमसी के साथ परामर्श होना बाकी था। उपलब्ध व्यापक रूपरेखा के अनुसार, लोकसभा सीटों की संख्या वर्तमान 543 से बढ़ाकर 816 कर दी जाएगी, जिसमें 273 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी। आरक्षण "ऊर्ध्वाधर आधार" पर किया जाएगा, जिसमें अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति को भी सीटें आवंटित की जाएंगी। निर्वाचन क्षेत्रों का पुनर्निर्धारण प्रस्तावित 2027 की जनगणना के बजाय 2011 की जनगणना के आधार पर किया जाएगा।

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