निर्यात संवर्धन मिशन के दिशानिर्देश संभवत: अगले सप्ताह से जारी होंगे: Piyush Goyal

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि 25,060 करोड़ रुपये के निर्यात संवर्धन मिशन (ईपीएम) के विस्तृत दिशानिर्देश अगले सप्ताह से जारी हो सकते हैं। इसमें योजना के सभी हिस्से और उद्योग को मिलने वाले लाभों की पूरी जानकारी होगी। सरकार ने 12 नवंबर को 25,060 करोड़ रुपये की इस योजना को मंजूरी दी थी। योजना 2025-26 से शुरू होकर छह वित्त वर्षों के लिए है। इसका मकसद अमेरिका के भारी शुल्कों से निर्यातकों को राहत देना है। यह मिशन दो उप-योजनाओं से लागू होगा – निर्यात प्रोत्साहन (10,401 करोड़ रुपये) और निर्यात दिशा (14,659 करोड़ रुपये)। गोयल ने पीटीआई-से कहा, निर्यात संवर्धन मिशन के दिशानिर्देश बहुत जल्द जारी होंगे। मुझे लगता है कि अगले सप्ताह तक इसके सारे हिस्से और उद्योग को क्या फायदे होंगे, उसकी पूरी जानकारी दे दी जाएगी। इस मिशन के तहत उन क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जाएगी जो हाल में वैश्विक शुल्क वृद्धि से सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। इनमें कपड़ा, चमड़ा, आभूषण, इंजीनियरिंग सामान और समुद्री उत्पाद शामिल हैं। इन क्षेत्रों को अमेरिकी बाजार में भारी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। ऊंचे आयात शुल्क की वजह से अक्टूबर में अमेरिका को भारत का माल निर्यात 8.58 प्रतिशत घटकर 6.3 अरब डॉलर रह गया। गोयल ने कहा, पांच दिसंबर को रूस का एक बड़ा प्रतिनिधिमंडल आ रहा है। हम अलग-अलग तरीकों से प्रभावित क्षेत्रों को सहारा दे रहे हैं। मंत्री इस समय इजरायल में हैं। वह 60 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल के साथ द्विपक्षीय व्यापार और निवेश बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा कर रहे हैं।

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Nov 23, 2025 - 21:50
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निर्यात संवर्धन मिशन के दिशानिर्देश संभवत: अगले सप्ताह से जारी होंगे: Piyush Goyal

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि 25,060 करोड़ रुपये के निर्यात संवर्धन मिशन (ईपीएम) के विस्तृत दिशानिर्देश अगले सप्ताह से जारी हो सकते हैं। इसमें योजना के सभी हिस्से और उद्योग को मिलने वाले लाभों की पूरी जानकारी होगी।

सरकार ने 12 नवंबर को 25,060 करोड़ रुपये की इस योजना को मंजूरी दी थी। योजना 2025-26 से शुरू होकर छह वित्त वर्षों के लिए है। इसका मकसद अमेरिका के भारी शुल्कों से निर्यातकों को राहत देना है। यह मिशन दो उप-योजनाओं से लागू होगा – निर्यात प्रोत्साहन (10,401 करोड़ रुपये) और निर्यात दिशा (14,659 करोड़ रुपये)।

गोयल ने पीटीआई-से कहा, निर्यात संवर्धन मिशन के दिशानिर्देश बहुत जल्द जारी होंगे। मुझे लगता है कि अगले सप्ताह तक इसके सारे हिस्से और उद्योग को क्या फायदे होंगे, उसकी पूरी जानकारी दे दी जाएगी।

इस मिशन के तहत उन क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जाएगी जो हाल में वैश्विक शुल्क वृद्धि से सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। इनमें कपड़ा, चमड़ा, आभूषण, इंजीनियरिंग सामान और समुद्री उत्पाद शामिल हैं। इन क्षेत्रों को अमेरिकी बाजार में भारी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। ऊंचे आयात शुल्क की वजह से अक्टूबर में अमेरिका को भारत का माल निर्यात 8.58 प्रतिशत घटकर 6.3 अरब डॉलर रह गया।

गोयल ने कहा, पांच दिसंबर को रूस का एक बड़ा प्रतिनिधिमंडल आ रहा है। हम अलग-अलग तरीकों से प्रभावित क्षेत्रों को सहारा दे रहे हैं। मंत्री इस समय इजरायल में हैं। वह 60 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल के साथ द्विपक्षीय व्यापार और निवेश बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा कर रहे हैं।

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