निजी कंपनी के साथ 90 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी, पूर्व निदेशक समेत चार के खिलाफ मामला दर्ज
मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने ‘प्रोवोग इंडिया लिमिटेड’ के एक पूर्व निदेशक एवं एक पूर्व कर्मचारी समेत चार लोगों के खिलाफ कंपनी से 90 करोड़ रुपये की कथित धोखाधड़ी करने का मामला दर्ज किया है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। मुंबई में स्थित ‘प्रोवोग इंडिया लिमिटेड’ पुरुषों एवं महिलाओं के परिधान और एक्सेसरीज (सहायक सामग्री) समेत कई तरह के उत्पाद बनाती और बेचती है।इसे भी पढ़ें: US Immigrant Policies | आलोचना झेलेंगे पर करेंगे स्वागत... डोनाल्ड ट्रंप का कुशल प्रवासियों पर नरम रुख, क्या बदलेगी अमेरिका की नीति? एक अधिकारी ने बुधवार को बताया कि आरोपियों की पहचान कंपनी के पूर्व निदेशक राकेश रावत, उसके पूर्व कर्मचारी समीर खंडेलवाल, समाधान पेशवेर (रेजोल्यूशन प्रोफेशनल) अमित गुप्ता, नए खरीदार अर्पित खंडेलवाल, प्लूटस इन्वेस्टमेंट्स एंड होल्डिंग लिमिटेड और अन्य के तौर पर की गई है। उन्होंने बताया कि आरोपियों ने षड्यंत्र रचकर कंपनी की संपत्तियों की कीमत कथित तौर पर कम करके दिखाई और नीलामी की प्रक्रिया में जानबूझकर दो साल की देरी की ताकि उसका बाजार मूल्य कम हो जाए और खंडेलवाल कंपनी खरीद सके।इसे भी पढ़ें: Hyun Bin और Son Ye-jin ने Blue Dragon Film Awards में इतिहास रचा उन्होंने कहा कि आरोपियों ने ग्राहकों (कर्जदारों) से मिलने वाली रकम अपने फायदे के लिए नहीं ली। उन्होंने कहा कि इस संबंध में प्रोवोग इंडिया लिमिटेड के पूर्व प्रबंध निदेशक निखिल चतुर्वेदी (55) ने शिकायत दर्ज कराई थी। अधिकारी ने बताया कि यह अपराध 2018 और 2023 के बीच किया गया था। उन्होंने कहा कि आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात और आपराधिक साजिश के आरोप में मामला दर्ज किया गया है और जांच जारी है।
मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने ‘प्रोवोग इंडिया लिमिटेड’ के एक पूर्व निदेशक एवं एक पूर्व कर्मचारी समेत चार लोगों के खिलाफ कंपनी से 90 करोड़ रुपये की कथित धोखाधड़ी करने का मामला दर्ज किया है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। मुंबई में स्थित ‘प्रोवोग इंडिया लिमिटेड’ पुरुषों एवं महिलाओं के परिधान और एक्सेसरीज (सहायक सामग्री) समेत कई तरह के उत्पाद बनाती और बेचती है।
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एक अधिकारी ने बुधवार को बताया कि आरोपियों की पहचान कंपनी के पूर्व निदेशक राकेश रावत, उसके पूर्व कर्मचारी समीर खंडेलवाल, समाधान पेशवेर (रेजोल्यूशन प्रोफेशनल) अमित गुप्ता, नए खरीदार अर्पित खंडेलवाल, प्लूटस इन्वेस्टमेंट्स एंड होल्डिंग लिमिटेड और अन्य के तौर पर की गई है। उन्होंने बताया कि आरोपियों ने षड्यंत्र रचकर कंपनी की संपत्तियों की कीमत कथित तौर पर कम करके दिखाई और नीलामी की प्रक्रिया में जानबूझकर दो साल की देरी की ताकि उसका बाजार मूल्य कम हो जाए और खंडेलवाल कंपनी खरीद सके।
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उन्होंने कहा कि आरोपियों ने ग्राहकों (कर्जदारों) से मिलने वाली रकम अपने फायदे के लिए नहीं ली। उन्होंने कहा कि इस संबंध में प्रोवोग इंडिया लिमिटेड के पूर्व प्रबंध निदेशक निखिल चतुर्वेदी (55) ने शिकायत दर्ज कराई थी। अधिकारी ने बताया कि यह अपराध 2018 और 2023 के बीच किया गया था। उन्होंने कहा कि आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात और आपराधिक साजिश के आरोप में मामला दर्ज किया गया है और जांच जारी है।
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