नक्सल प्रभावित नारायणपुर में विकास की नई रफ़्तार, सीएम विष्णु देव साय ने बस में ग्रामीणों संग किया सफर, महतारी वंदन योजना की किस्त जारी
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शुक्रवार को नक्सल प्रभावित नारायणपुर जिले के अपने दो दिवसीय दौरे के दौरान 'विकास, विश्वास और सुशासन' का एक सशक्त संदेश दिया। मुख्यमंत्री ने न केवल दूरदराज के आदिवासी इलाकों के लिए शुरू की गई 'मुख्यमंत्री बस सेवा योजना' का जायजा लिया, बल्कि स्वयं बस में सफर कर ग्रामीणों से सीधा संवाद भी किया। एक सरकारी बयान में कहा गया है कि मुख्यमंत्री साय ने मुख्यमंत्री बस सेवा योजना के तहत चलाई जा रही बस में ग्रामीणों के साथ कुरुसनार से लगभग चार किलोमीटर की यात्रा की। यह योजना दूरदराज और सीमावर्ती आदिवासी क्षेत्रों में कनेक्टिविटी बेहतर बनाने और उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने के लिए शुरू की गई है।इसे भी पढ़ें: नाइजर की राजधानी में वायुसेना अड्डे पर इस्लामिक स्टेट का हमला, 20 हमलावर ढेर, जुंटा नेता ने फ्रांस को दी चेतावनी बयान में कहा गया है कि यात्रा के दौरान साय ने साथी यात्रियों से बात की और माओवाद प्रभावित क्षेत्र में बस सेवा ने आवाजाही और ज़रूरी सेवाओं तक पहुंच को कैसे बेहतर बनाया है, इस पर उनका विचार लिया। बयान में कहा गया है कि इस दौरे को नारायणपुर में विकास, विश्वास और सुशासन का एक मज़बूत संदेश भेजने के तौर पर देखा गया। विज्ञप्ति में कहा गया है कि इन सेवाओं ने उन क्षेत्रों में सार्वजनिक परिवहन बहाल किया है जो माओवादी हिंसा के कारण लगभग एक दशक से काफी हद तक कटे हुए थे। बस सेवा सार्वजनिक-निजी साझेदारी मॉडल के तहत चलाई जा रही है, जिसमें एक निजी ऑपरेटर संचालन के लिए ज़िम्मेदार है, जबकि मार्ग योजना और निगरानी राज्य सरकार द्वारा की जाती है। इसमें कहा गया है कि इस पहल का मकसद आदिवासी समुदायों को सुरक्षित, किफायती और भरोसेमंद परिवहन प्रदान करना, सामाजिक समावेश को बढ़ावा देना और क्षेत्रीय सड़क परिवहन को मज़बूत करना है। साय शुक्रवार से नारायणपुर के दो दिवसीय दौरे पर हैं। इससे पहले उन्होंने नारायणपुर में चेंदरू पार्क के पास स्थित गढ़बेंगल घोटुल का दौरा किया, जहां ग्रामीणों ने उनका पारंपरिक तरीके से स्वागत किया।इसे भी पढ़ें: भव्य प्रवेश द्वारों से सजेगी राजधानी लखनऊ! योगी आदित्यनाथ ने दिए 7 'विरासत द्वारों' के निर्माण के निर्देश बाद में एक अन्य कार्यक्रम के दौरान, साय ने राज्य सरकार की महतारी वंदन योजना (वित्तीय सहायता योजना) की 24वीं किस्त जारी की, जिसके तहत योग्य विवाहित महिलाओं को प्रति माह 1,000 रुपये मिलते हैं। इस दौरान राज्य भर में 68,39,592 महिला लाभार्थियों के बैंक खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के माध्यम से 641.34 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए गए। मुख्यमंत्री ने अपने दौरे के दौरान, नारायणपुर के हाई स्कूल मैदान में आयोजित जिला-स्तरीय बस्तर पंडुम कार्यक्रम में 351.49 करोड़ रुपये की 357 विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया और आधारशिला रखी।News Source- पीटीआई मुख्यमंत्री बस सेवा से सुदूर जनजातीय अंचलों में नई रफ्तारनारायणपुर प्रवास के दौरान, एक समय नक्सलवाद से प्रभावित रहे कुरुषनार से नारायणपुर तक यात्रियों के साथ बस यात्रा कर जमीनी बदलाव को प्रत्यक्ष अनुभव करने का अवसर मिला। वर्षों तक माओवाद के कारण सार्वजनिक परिवहन से वंचित रहे इन… pic.twitter.com/6qZHsX7Lzz— Vishnu Deo Sai (@vishnudsai) January 30, 2026
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शुक्रवार को नक्सल प्रभावित नारायणपुर जिले के अपने दो दिवसीय दौरे के दौरान 'विकास, विश्वास और सुशासन' का एक सशक्त संदेश दिया। मुख्यमंत्री ने न केवल दूरदराज के आदिवासी इलाकों के लिए शुरू की गई 'मुख्यमंत्री बस सेवा योजना' का जायजा लिया, बल्कि स्वयं बस में सफर कर ग्रामीणों से सीधा संवाद भी किया। एक सरकारी बयान में कहा गया है कि मुख्यमंत्री साय ने मुख्यमंत्री बस सेवा योजना के तहत चलाई जा रही बस में ग्रामीणों के साथ कुरुसनार से लगभग चार किलोमीटर की यात्रा की। यह योजना दूरदराज और सीमावर्ती आदिवासी क्षेत्रों में कनेक्टिविटी बेहतर बनाने और उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने के लिए शुरू की गई है।
इसे भी पढ़ें: नाइजर की राजधानी में वायुसेना अड्डे पर इस्लामिक स्टेट का हमला, 20 हमलावर ढेर, जुंटा नेता ने फ्रांस को दी चेतावनी
बयान में कहा गया है कि यात्रा के दौरान साय ने साथी यात्रियों से बात की और माओवाद प्रभावित क्षेत्र में बस सेवा ने आवाजाही और ज़रूरी सेवाओं तक पहुंच को कैसे बेहतर बनाया है, इस पर उनका विचार लिया। बयान में कहा गया है कि इस दौरे को नारायणपुर में विकास, विश्वास और सुशासन का एक मज़बूत संदेश भेजने के तौर पर देखा गया। विज्ञप्ति में कहा गया है कि इन सेवाओं ने उन क्षेत्रों में सार्वजनिक परिवहन बहाल किया है जो माओवादी हिंसा के कारण लगभग एक दशक से काफी हद तक कटे हुए थे।
बस सेवा सार्वजनिक-निजी साझेदारी मॉडल के तहत चलाई जा रही है, जिसमें एक निजी ऑपरेटर संचालन के लिए ज़िम्मेदार है, जबकि मार्ग योजना और निगरानी राज्य सरकार द्वारा की जाती है। इसमें कहा गया है कि इस पहल का मकसद आदिवासी समुदायों को सुरक्षित, किफायती और भरोसेमंद परिवहन प्रदान करना, सामाजिक समावेश को बढ़ावा देना और क्षेत्रीय सड़क परिवहन को मज़बूत करना है। साय शुक्रवार से नारायणपुर के दो दिवसीय दौरे पर हैं। इससे पहले उन्होंने नारायणपुर में चेंदरू पार्क के पास स्थित गढ़बेंगल घोटुल का दौरा किया, जहां ग्रामीणों ने उनका पारंपरिक तरीके से स्वागत किया।
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बाद में एक अन्य कार्यक्रम के दौरान, साय ने राज्य सरकार की महतारी वंदन योजना (वित्तीय सहायता योजना) की 24वीं किस्त जारी की, जिसके तहत योग्य विवाहित महिलाओं को प्रति माह 1,000 रुपये मिलते हैं। इस दौरान राज्य भर में 68,39,592 महिला लाभार्थियों के बैंक खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के माध्यम से 641.34 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए गए। मुख्यमंत्री ने अपने दौरे के दौरान, नारायणपुर के हाई स्कूल मैदान में आयोजित जिला-स्तरीय बस्तर पंडुम कार्यक्रम में 351.49 करोड़ रुपये की 357 विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया और आधारशिला रखी।
News Source- पीटीआई
मुख्यमंत्री बस सेवा से सुदूर जनजातीय अंचलों में नई रफ्तार
नारायणपुर प्रवास के दौरान, एक समय नक्सलवाद से प्रभावित रहे कुरुषनार से नारायणपुर तक यात्रियों के साथ बस यात्रा कर जमीनी बदलाव को प्रत्यक्ष अनुभव करने का अवसर मिला। वर्षों तक माओवाद के कारण सार्वजनिक परिवहन से वंचित रहे इन… pic.twitter.com/6qZHsX7Lzz— Vishnu Deo Sai (@vishnudsai) January 30, 2026
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