ऐसा कैसे हो गया! 22 अप्रैल को आनी थी बारात, घरवाले बांट रहे थे कार्ड, लेकिन 10 दिन पहले ही रच गई शादी

इस शादी में ना बैंड-बाजा था और ना घोड़ी, बारात। सिर्फ मंदिर परिसर, फूलों की माला और मोबाइल कैमरों में कैद होते पल थे। वर-वधू ने एक-दूसरे को वरमाला पहनाकर वैवाहिक जीवन की शुरुआत की। लोग चुटकी लेते हुए कह रहे हैं कि यहां शहनाई से ज्यादा पंचायत की आवाज गूंजी।

PNSPNS
Apr 14, 2026 - 09:30
 0
इस शादी में ना बैंड-बाजा था और ना घोड़ी, बारात। सिर्फ मंदिर परिसर, फूलों की माला और मोबाइल कैमरों में कैद होते पल थे। वर-वधू ने एक-दूसरे को वरमाला पहनाकर वैवाहिक जीवन की शुरुआत की। लोग चुटकी लेते हुए कह रहे हैं कि यहां शहनाई से ज्यादा पंचायत की आवाज गूंजी।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow