आर्मी ब्रिगेडियर को बीच सड़क बंगाल में पुलिस ने रोका, फिर जो हुआ..
पश्चिम बंगाल में बड़ा विवाद हुआ था जिसने पूरे देश को हिला कर रख दिया था जब भीड़ ने जजों को घेर लिया था। बंगाल की कानून व्यवस्था को लेकर पहले से ही कई सवाल उठ रहे थे। अब नया मामला सामने आया है जिसने कई सवाल भी खड़े कर दिए हैं। बहस को और भी ज्यादा तेज कर दिया है। पुलिस ने एक भारतीय सेना के ब्रिगेडियर को रोका। शुरुआत में सख्ती दिखाई गई। लेकिन इसके बाद जो हुआ वो बहुत कुछ सिखाता है आम लोगों को। ना कोई गुस्सा, ना कोई बहस, ना कोई भी यहां पर पावर शो बल्कि ब्रिगेडियर ने पूरे संयम और गरिमा के साथ अपनी बात को पुलिस वालों के सामने रखा। हर शब्द में अनुशासन, हर व्यवहार में प्रोफेशनलिज्म। इसे भी पढ़ें: PM Modi की West Bengal में बड़ी चेतावनी, 4 May के बाद TMC के हर पाप का होगा हिसाबसबसे बड़ी बात यह है कि दोनों ही वर्दियां देश की सुरक्षा के लिए है। टकराव के लिए नहीं। जिस तरीके से ब्रिगेडियर ने संयम दिखाया उसने बहुत कुछ सिखाया। जब पहले जजों को भीड़ ने घेर लिया और अब सेना के अधिकारी को इस तरीके से सड़क पर रोका तो यह साफ संकेत है कि ग्राउंड लेवल पर बेहतर तालमेल और कंट्रोल की सख्त आवश्यकता भी है जरूरत भी है। लेकिन इस पूरे मामले में एक चीज तो बिल्कुल साफ दिखी कि पावर नहीं अनुशासन जीत गया। भारतीय सेना का यही चरित्र है। शांत रहकर भी सबसे मजबूत रहे। इसे भी पढ़ें: West Bengal में गरजे Yogi Adityanath, बोले- TMC के गुंडों का UP मॉडल से होगा इलाजनिर्वाचन आयोग ने पश्चिम बंगाल में चुनाव तैयारियों की समीक्षा तेज कर दी है और वरिष्ठ अधिकारी राज्यभर के जिलों का दौरा कर शीर्ष अधिकारियों के साथ बैठकें कर रहे हैं। एक अधिकारी ने बृहस्पतिवार को बताया कि 15 मार्च को आदर्श आचार संहिता (एमसीसी) लागू होने के बाद से प्रवर्तन एजेंसियों ने नकदी समेत अन्य प्रतिबंधित वस्तुएं जब्त की है, जिनकी कुल कीमत 416 करोड़ रुपये से अधिक है। उन्होंने कहा कि पिछले तीन दिन में वरिष्ठ निर्वाचन अधिकारी सुरक्षा व्यवस्था, मतदान केंद्रों पर तैयारियों, मतदान कर्मियों की आवाजाही और मतदाता जागरुकता उपायों का जायजा लेने के लिए जिलों का दौरा कर रहे हैं, ताकि दो चरणों में होने वाले चुनावों को सुचारू रूप से कराया जा सके। वरिष्ठ उप निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश भारती के नेतृत्व में एक टीम ने जिला निर्वाचन अधिकारियों, पुलिस अधीक्षकों और पर्यवेक्षकों के साथ पूर्व बर्धमान, बांकुड़ा और हुगली में तैयारियों की समीक्षा की। वरिष्ठ उप निर्वाचन आयुक्त पवन कुमार शर्मा की अगुवाई वाले एक अन्य प्रतिनिधिमंडल ने नदिया और मुर्शिदाबाद में इसी तरह की बैठकें कीं। बंगाल में बंगाल पुलिस के द्वारा सेना के अधिकारियों और जवानों के साथ बदसलूकी की अक्सर खबरें सामने आती रहती है ताजा मामला है जब बंगाल पुलिस ने एक ब्रिगेडियर के साथ बदसलूकी की कोशिश की ब्रिगेडियर अपनी ड्यूटी पर थे अपनी वर्दी में थे अपनी सरकारी गाड़ी में थे ब्रिगेडियर महोदय ने… pic.twitter.com/gkWVUUwzT0— ????????Jitendra pratap singh???????? (@jpsin1) April 15, 2026
इसे भी पढ़ें: PM Modi की West Bengal में बड़ी चेतावनी, 4 May के बाद TMC के हर पाप का होगा हिसाब
इसे भी पढ़ें: West Bengal में गरजे Yogi Adityanath, बोले- TMC के गुंडों का UP मॉडल से होगा इलाज
बंगाल में बंगाल पुलिस के द्वारा सेना के अधिकारियों और जवानों के साथ बदसलूकी की अक्सर खबरें सामने आती रहती है
ताजा मामला है जब बंगाल पुलिस ने एक ब्रिगेडियर के साथ बदसलूकी की कोशिश की ब्रिगेडियर अपनी ड्यूटी पर थे अपनी वर्दी में थे अपनी सरकारी गाड़ी में थे
ब्रिगेडियर महोदय ने… pic.twitter.com/gkWVUUwzT0— ????????Jitendra pratap singh???????? (@jpsin1) April 15, 2026
What's Your Reaction?