आतंक और ‘विधवा’ बनाने की साजिश, TMC दफ्तर में सैंकड़ो सफेद साड़ी, सच्चाई जान हिल जाएगा पूरा देश!

पश्चिम बंगाल चुनाव नतीजों के बाद एक ऐसी खबर आई है जिसे सुनने के बाद आपके पैरों के नीचे से जमीन खिसक जाएगी। आपने ममता बनर्जी को हमेशा इस सफेद साड़ी में देखा होगा। यह साड़ी ममता बनर्जी की पहचान से जुड़ गई थी। लोगों के मन में अपनी एक खास छवि बनाने के लिए ममता बनर्जी ने इस सफेद साड़ी का जमकर इस्तेमाल किया। लेकिन अब रिपोर्ट्स के मुताबिक एक जानकारी सामने आई है कि टीएमसी के दफ्तर में ऐसी सैकड़ों सफेद साड़ियां मिली हैं। अब आप सोचेंगे कि इसमें खबर क्या है? दरअसल टीएमसी के दफ्तर में मिली यह सफेद साड़ियां आम साड़ियां नहीं है बल्कि ये मौत का फरमान है। इन साड़ियों का डर दिखाकर शायद टीएमसी सत्ता में बनी रही। सोशल मीडिया पर वायरल हो रही वीडियो और एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक अपनी हार को आता देख टीएमसी ने सफेद साड़ियां उन घरों में भेजनी शुरू कर दी जहां बीजेपी के कार्यकर्ता रहते थे। यह सफेद साड़ियां उन महिलाओं को भेजी जाती थी जिनके पति बीजेपी का झंडा उठाते थे। इसे भी पढ़ें: भारत और मोदी के बारे में Washington Post की धारणा बदली, PM को मानव इतिहास में सबसे अधिक जनसमर्थन वाला नेता बतायासफेद साड़ी का मतलब तो आप जानते ही हैं। यह सफेद साड़ियां उन महिलाओं को सीधी धमकी थी जिनके पति बीजेपी के कार्यकर्ता थे। उन्हें बताया गया कि अपने पति को समझा लो नहीं तो पूरी जिंदगी सफेद साड़ी पहनकर गुजारनी होगी। यानी तुम्हारे पति को मार दिया जाएगा। एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक भवानीपुर में चुनाव प्रचार के दौरान टीएमसी ने बीजेपी कार्यकर्ता रीता दत्ता को एक ऐसी ही साड़ी पैकेट में पैक करके भेज दी। इस साड़ी के साथ एक धमकी भी भेजी गई थी। सफेद साड़ी के साथ जो धमकी आई थी उस पर लिखा था सावधान। नीचे शुभेंदु अधिकारी के नाम से पहले स्वर्गीय लिख दिया गया था। उसके बाद कहा गया था कि 4 मई के बाद आतंक मचा देंगे। टीएमसी को शायद अंदाजा था कि इस बार वह हार रही है। इसीलिए कई बीजेपी कार्यकर्ताओं के घर धमकी वाले संदेशों के साथ यह सफेद साड़ियां भेज दी गई। यह सीधी-सीधी धमकी थी कि बीजेपी को वोट डालने की गलती मत कर देना। इसे भी पढ़ें: शपथ लेते ही Suvendu Adhikari का पहला ऐलान, West Bengal में जोरासांको से शुरू होगा Mission Bengalआप ही सोचिए कि ममता बनर्जी खुद को बंगाल की बेटी बोलती रही हैं। लेकिन उनकी ही पार्टी के कार्यकर्ता सफेद साड़ियां भेज दूसरी बेटियों का सुहाग उजाड़ने का पूरा प्लान बना रहे थे। हो सकता है शायद ममता बनर्जी को इसकी जानकारी हो। आपको बता दें कि 2024 में संदेश खाली में जो जघन्य अपराध हुआ था, उस दौरान भी टीएमसी के लोगों ने एक बीजेपी कार्यकर्ता के घर सफेद साड़ी और फूल भेज दिए थे। इस पर लिखा था कि तुम हरि बोलो और मैं हरि बोल कहूंगा। यह नारा शव यात्रा के दौरान लगाया जाता है। फरवरी 2026 में वीरभूम में भी एक बीजेपी कार्यकर्ता के घर सफेद साड़ी, फूल और अगरबत्ती भेजी गई। कार्यालय से सफेद साड़ियों के बंडल मिलना टीएमसी की उस रणनीति को उजागर करता है, जहाँ सत्ता बचाने के लिए ‘डर’ को सबसे बड़ा हथियार बनाया गया है। पंचायत चुनावों के दौरान भी महिलाओं ने शिकायत की थी कि उन्हें वोट डालने से रोकने के लिए उनके घरों के बाहर ‘अंतिम संस्कार’ का सामान फेंक दिया गया था।Feb 2026, BJP worker in Birbhum received White Saree, Sweets, Flower and Agarbatti.(Hinting he will be killed and his wife will become widow) https://t.co/RTqmLBO6Rg pic.twitter.com/kKv11ESH1X— TarkKshatriya (@OpJakharBeyoung) May 7, 2026

PNSPNS
May 10, 2026 - 10:58
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आतंक और ‘विधवा’ बनाने की साजिश, TMC दफ्तर में सैंकड़ो सफेद साड़ी, सच्चाई जान हिल जाएगा पूरा देश!
पश्चिम बंगाल चुनाव नतीजों के बाद एक ऐसी खबर आई है जिसे सुनने के बाद आपके पैरों के नीचे से जमीन खिसक जाएगी। आपने ममता बनर्जी को हमेशा इस सफेद साड़ी में देखा होगा। यह साड़ी ममता बनर्जी की पहचान से जुड़ गई थी। लोगों के मन में अपनी एक खास छवि बनाने के लिए ममता बनर्जी ने इस सफेद साड़ी का जमकर इस्तेमाल किया। लेकिन अब रिपोर्ट्स के मुताबिक एक जानकारी सामने आई है कि टीएमसी के दफ्तर में ऐसी सैकड़ों सफेद साड़ियां मिली हैं। अब आप सोचेंगे कि इसमें खबर क्या है? दरअसल टीएमसी के दफ्तर में मिली यह सफेद साड़ियां आम साड़ियां नहीं है बल्कि ये मौत का फरमान है। इन साड़ियों का डर दिखाकर शायद टीएमसी सत्ता में बनी रही। सोशल मीडिया पर वायरल हो रही वीडियो और एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक अपनी हार को आता देख टीएमसी ने सफेद साड़ियां उन घरों में भेजनी शुरू कर दी जहां बीजेपी के कार्यकर्ता रहते थे। यह सफेद साड़ियां उन महिलाओं को भेजी जाती थी जिनके पति बीजेपी का झंडा उठाते थे। 

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सफेद साड़ी का मतलब तो आप जानते ही हैं। यह सफेद साड़ियां उन महिलाओं को सीधी धमकी थी जिनके पति बीजेपी के कार्यकर्ता थे। उन्हें बताया गया कि अपने पति को समझा लो नहीं तो पूरी जिंदगी सफेद साड़ी पहनकर गुजारनी होगी। यानी तुम्हारे पति को मार दिया जाएगा। एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक भवानीपुर में चुनाव प्रचार के दौरान टीएमसी ने बीजेपी कार्यकर्ता रीता दत्ता को एक ऐसी ही साड़ी पैकेट में पैक करके भेज दी। इस साड़ी के साथ एक धमकी भी भेजी गई थी। सफेद साड़ी के साथ जो धमकी आई थी उस पर लिखा था सावधान। नीचे शुभेंदु अधिकारी के नाम से पहले स्वर्गीय लिख दिया गया था। उसके बाद कहा गया था कि 4 मई के बाद आतंक मचा देंगे। टीएमसी को शायद अंदाजा था कि इस बार वह हार रही है। इसीलिए कई बीजेपी कार्यकर्ताओं के घर धमकी वाले संदेशों के साथ यह सफेद साड़ियां भेज दी गई। यह सीधी-सीधी धमकी थी कि बीजेपी को वोट डालने की गलती मत कर देना। 

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आप ही सोचिए कि ममता बनर्जी खुद को बंगाल की बेटी बोलती रही हैं। लेकिन उनकी ही पार्टी के कार्यकर्ता सफेद साड़ियां भेज दूसरी बेटियों का सुहाग उजाड़ने का पूरा प्लान बना रहे थे। हो सकता है शायद ममता बनर्जी को इसकी जानकारी हो। आपको बता दें कि 2024 में संदेश खाली में जो जघन्य अपराध हुआ था, उस दौरान भी टीएमसी के लोगों ने एक बीजेपी कार्यकर्ता के घर सफेद साड़ी और फूल भेज दिए थे। इस पर लिखा था कि तुम हरि बोलो और मैं हरि बोल कहूंगा। यह नारा शव यात्रा के दौरान लगाया जाता है। फरवरी 2026 में वीरभूम में भी एक बीजेपी कार्यकर्ता के घर सफेद साड़ी, फूल और अगरबत्ती भेजी गई। कार्यालय से सफेद साड़ियों के बंडल मिलना टीएमसी की उस रणनीति को उजागर करता है, जहाँ सत्ता बचाने के लिए ‘डर’ को सबसे बड़ा हथियार बनाया गया है। पंचायत चुनावों के दौरान भी महिलाओं ने शिकायत की थी कि उन्हें वोट डालने से रोकने के लिए उनके घरों के बाहर ‘अंतिम संस्कार’ का सामान फेंक दिया गया था।

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