अल्पसंख्यकों के अधिकारों में नहीं होगी कोई कटौती, युनूस के बदले सुर, संविधान संशोधन की कवायद के बीच दिया बड़ा बयान

बांग्लादेश के मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस ने एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम में कहा कि देश में पेश किए जाने वाले किसी भी संवैधानिक संशोधन से धार्मिक स्वतंत्रता और अल्पसंख्यकों के अधिकार बरकरार रहेंगे। यूनुस ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर एक पोस्ट में यह भी कहा कि अल्पसंख्यकों को बहुसंख्यक मुस्लिम आबादी के समान अधिकार मिलते रहेंगे। यूएस आयोग ऑन इंटरनेशनल रिलीजियस फ्रीडम (USCIRF) के अध्यक्ष स्टीफन श्नेक के साथ बैठक के दौरान यह टिप्पणी की। यूनुस ने कहा, "हम देश में धार्मिक सद्भाव बनाने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं। पिछले साल के विद्रोह के बाद सुधार आयोगों की गतिविधियों और प्रस्तावित संवैधानिक परिवर्तनों के बारे में पूछे जाने पर, जिसमें पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के नेतृत्व वाली अवामी लीग सरकार को हटा दिया गया था।इसे भी पढ़ें: Bangladesh में तख्तापलट की तैयारी, जून तक युनूस को टाइम देने के मूड में नहीं आर्मी चीफ वकारयूनुस ने कहा कि कोई भी संवैधानिक संशोधन बांग्लादेश में धार्मिक स्वतंत्रता और अल्पसंख्यकों के अधिकारों को बरकरार रखेगा। उन्होंने कहा कि आम सहमति बनाने वाला आयोग प्रस्तावित संशोधनों पर राजनीतिक दलों के साथ बातचीत कर रहा है। अल्पसंख्यकों को बहुसंख्यक मुस्लिम आबादी के समान अधिकार मिलते रहेंगे। यूनुस ने देश में धर्म की भूमिका पर ध्यान दिलाया और धार्मिक सद्भाव बनाए रखने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि हम देश के हर नागरिक की धार्मिक स्वतंत्रता की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं।इसे भी पढ़ें: बांग्लादेश में न डेंटिंग करें और न शादी, चीन के नागरिकों के लिए एडवाइजरीअल्पसंख्यकों के साथ हिंसा के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए यूनुस ने कहा कि अंतरिम सरकार पारदर्शिता के लिए प्रतिबद्ध है और उन्होंने वैश्विक पत्रकारों को आमंत्रित किया है कि वे आकर स्थिति को प्रत्यक्ष रूप से देखें। पिछले वर्ष अगस्त में हसीना के सत्ता से हटने के बाद बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों, जिनमें हिंदू समुदाय भी शामिल है, पर हमलों की बाढ़ आ गई।Stay updated with Latest International News in Hindi on Prabhasakshi   

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May 29, 2025 - 03:31
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अल्पसंख्यकों के अधिकारों में नहीं होगी कोई कटौती, युनूस के बदले सुर, संविधान संशोधन की कवायद के बीच दिया बड़ा बयान
बांग्लादेश के मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस ने एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम में कहा कि देश में पेश किए जाने वाले किसी भी संवैधानिक संशोधन से धार्मिक स्वतंत्रता और अल्पसंख्यकों के अधिकार बरकरार रहेंगे। यूनुस ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर एक पोस्ट में यह भी कहा कि अल्पसंख्यकों को बहुसंख्यक मुस्लिम आबादी के समान अधिकार मिलते रहेंगे। यूएस आयोग ऑन इंटरनेशनल रिलीजियस फ्रीडम (USCIRF) के अध्यक्ष स्टीफन श्नेक के साथ बैठक के दौरान यह टिप्पणी की। यूनुस ने कहा, "हम देश में धार्मिक सद्भाव बनाने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं। पिछले साल के विद्रोह के बाद सुधार आयोगों की गतिविधियों और प्रस्तावित संवैधानिक परिवर्तनों के बारे में पूछे जाने पर, जिसमें पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के नेतृत्व वाली अवामी लीग सरकार को हटा दिया गया था।

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यूनुस ने कहा कि कोई भी संवैधानिक संशोधन बांग्लादेश में धार्मिक स्वतंत्रता और अल्पसंख्यकों के अधिकारों को बरकरार रखेगा। उन्होंने कहा कि आम सहमति बनाने वाला आयोग प्रस्तावित संशोधनों पर राजनीतिक दलों के साथ बातचीत कर रहा है। अल्पसंख्यकों को बहुसंख्यक मुस्लिम आबादी के समान अधिकार मिलते रहेंगे। यूनुस ने देश में धर्म की भूमिका पर ध्यान दिलाया और धार्मिक सद्भाव बनाए रखने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि हम देश के हर नागरिक की धार्मिक स्वतंत्रता की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं।

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अल्पसंख्यकों के साथ हिंसा के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए यूनुस ने कहा कि अंतरिम सरकार पारदर्शिता के लिए प्रतिबद्ध है और उन्होंने वैश्विक पत्रकारों को आमंत्रित किया है कि वे आकर स्थिति को प्रत्यक्ष रूप से देखें। पिछले वर्ष अगस्त में हसीना के सत्ता से हटने के बाद बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों, जिनमें हिंदू समुदाय भी शामिल है, पर हमलों की बाढ़ आ गई।
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