Yes Milord: भगदड़ के 'जिम्मेदारों' की गिरफ्तारी पर HC ने क्यों लगाई रोक? RCB के मार्केटिंग हेड को राहत नहीं

रॉयल चैलेजर्स की जीत के बाद बेंगलुरू में जिस तरह की भगदड़ हुई उसके बाद खुशी के साथ गम का नजारा देखने को मिल रहा है। एक तरफ बेंगलुरू समेत पूरा कर्नाटक खुश है कि 18 बहस के बाद उनका सूखा खत्म हुआ और आखिरकार उनको पहली आईपीएल की जीत नसीब हुई। लेकिन उसके बाद के जश्न में जो हादसा हुआ उसने कर्नाटक के सत्ता की राजनीति के दो फांको को सामने कर दिया है। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के बीच सबकुछ ठीक नहीं है। श्रेय लेने की होड़, बदइंतजामी। ये कत्ल किसके माथे किसके नसीब और किसके राजनीतिक सीवी में लिखे जाएंगे? देश की जनता के समाने ये सवाल है। इसे भी पढ़ें: Bengaluru Stampede: विराट कोहली के खिलाफ दर्ज हुआ केस!शिकायत पर पुलिस ने दिया ये जवाबRCB के मार्केटिंग हेड को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया कर्नाटक का स्टेट क्रिकेट एसोशिएशन है उसके जिम्मेदार लोग, आरसीबी के लोग और इवेंट मैनेजमेंट कंपनी डीएनए एंटरटेनमेंट नेटवर्क्स के खिलाफ एफआईआर करके उन्हें गिरफ्तार करने का आरोप कर्नाटक सरकार की ओर से दिया गया। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के हेड ऑफ मार्केटिंग एंड रेवेन्यू निखिल सोसले समेत चार लोगों को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। निखिल को उस वक्त गिरफ्तार किया गया जब वह दुबई जाने के लिए बेंगलुरु एयरपोर्ट पर फ्लाइट बोर्ड करने ही वाले थे। उन्होंने अपनी गिरफ्तारी को चुनौती देते हुए कर्नाटक हाई कोर्ट का रुख किया। हाई कोर्ट ने कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ के पदाधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई पर रोकसोसले ने अपनी अर्जी में गिरफ्तारी को मनमाना, अवैध और बिना किसी ठोस आधार के बताया है। उनका दावा है कि गिरफ्तारी उस वक्त की गई, जब कोई जांच भी शुरू नहीं हुई थी। कोर्ट उनकी अर्जी सोमवार को सुनेगा। राज्य सरकार ने दलील दी कि दुबई भागने की कोशिश करते समय निखिल को एयरपोर्ट पर पकड़ा। वहीं, हाई कोर्ट ने पुलिस को निर्देश दिया के वह मामले में कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ के पदाधिकारियों के खिलाफ अगले आदेश तक कोई दंडात्मक कार्रवाई न करे। इस पर राज्य सरकार ने साफ किया कि पुलिस की किसी को भी गिरफ्तार करने की तत्काल कोई योजना नहीं है और उन्होंने जांच जारी रखने की इजाजत मांगी। इसे भी पढ़ें: Bengaluru Stampede: कर्नाटक क्रिकेट संघ ने ली भगदड़ की जिम्मेदारी, सचिव और कोषाध्यक्ष का इस्तीफाक्रिकेट संघ ने जश्न की इजाजत मांगी थी कर्नाटक स्टेट क्रिकेट असोसिएशन (KSCA) ने विधानसभा में जीत का जश्न मनाने की अनुमति खुद राज्य सरकार से मांगी थी। 3 जून को भेजे पत्र में KSCA ने कहा था कि आयोजन की जिम्मेदारी DNA एंटरटेनमेंट निभाएगा। समारोह विधानसभा में शांतिपूर्वक संपन्न हुआ, लेकिन स्टेडियम के बाहर भगदड़ मची। इसके बाद RCB, DNA और KSCA के खिलाफ FIR दर्ज हुई। KSCA ने हाई कोर्ट में कहा कि भीड़ नियंत्रण उनकी जिम्मेदारी नहीं थी।

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Jun 8, 2025 - 03:30
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Yes Milord: भगदड़ के 'जिम्मेदारों' की गिरफ्तारी पर HC ने क्यों लगाई रोक? RCB के मार्केटिंग हेड को राहत नहीं
रॉयल चैलेजर्स की जीत के बाद बेंगलुरू में जिस तरह की भगदड़ हुई उसके बाद खुशी के साथ गम का नजारा देखने को मिल रहा है। एक तरफ बेंगलुरू समेत पूरा कर्नाटक खुश है कि 18 बहस के बाद उनका सूखा खत्म हुआ और आखिरकार उनको पहली आईपीएल की जीत नसीब हुई। लेकिन उसके बाद के जश्न में जो हादसा हुआ उसने कर्नाटक के सत्ता की राजनीति के दो फांको को सामने कर दिया है। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के बीच सबकुछ ठीक नहीं है। श्रेय लेने की होड़, बदइंतजामी। ये कत्ल किसके माथे किसके नसीब और किसके राजनीतिक सीवी में लिखे जाएंगे? देश की जनता के समाने ये सवाल है। 

इसे भी पढ़ें: Bengaluru Stampede: विराट कोहली के खिलाफ दर्ज हुआ केस!शिकायत पर पुलिस ने दिया ये जवाब

RCB के मार्केटिंग हेड को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया 
कर्नाटक का स्टेट क्रिकेट एसोशिएशन है उसके जिम्मेदार लोग, आरसीबी के लोग और इवेंट मैनेजमेंट कंपनी डीएनए एंटरटेनमेंट नेटवर्क्स के खिलाफ एफआईआर करके उन्हें गिरफ्तार करने का आरोप कर्नाटक सरकार की ओर से दिया गया। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के हेड ऑफ मार्केटिंग एंड रेवेन्यू निखिल सोसले समेत चार लोगों को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। निखिल को उस वक्त गिरफ्तार किया गया जब वह दुबई जाने के लिए बेंगलुरु एयरपोर्ट पर फ्लाइट बोर्ड करने ही वाले थे। उन्होंने अपनी गिरफ्तारी को चुनौती देते हुए कर्नाटक हाई कोर्ट का रुख किया। 
हाई कोर्ट ने कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ के पदाधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई पर रोक
सोसले ने अपनी अर्जी में गिरफ्तारी को मनमाना, अवैध और बिना किसी ठोस आधार के बताया है। उनका दावा है कि गिरफ्तारी उस वक्त की गई, जब कोई जांच भी शुरू नहीं हुई थी। कोर्ट उनकी अर्जी सोमवार को सुनेगा। राज्य सरकार ने दलील दी कि दुबई भागने की कोशिश करते समय निखिल को एयरपोर्ट पर पकड़ा। वहीं, हाई कोर्ट ने पुलिस को निर्देश दिया के वह मामले में कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ के पदाधिकारियों के खिलाफ अगले आदेश तक कोई दंडात्मक कार्रवाई न करे। इस पर राज्य सरकार ने साफ किया कि पुलिस की किसी को भी गिरफ्तार करने की तत्काल कोई योजना नहीं है और उन्होंने जांच जारी रखने की इजाजत मांगी। 

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क्रिकेट संघ ने जश्न की इजाजत मांगी थी 
कर्नाटक स्टेट क्रिकेट असोसिएशन (KSCA) ने विधानसभा में जीत का जश्न मनाने की अनुमति खुद राज्य सरकार से मांगी थी। 3 जून को भेजे पत्र में KSCA ने कहा था कि आयोजन की जिम्मेदारी DNA एंटरटेनमेंट निभाएगा। समारोह विधानसभा में शांतिपूर्वक संपन्न हुआ, लेकिन स्टेडियम के बाहर भगदड़ मची। इसके बाद RCB, DNA और KSCA के खिलाफ FIR दर्ज हुई। KSCA ने हाई कोर्ट में कहा कि भीड़ नियंत्रण उनकी जिम्मेदारी नहीं थी।

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