World Menstrual Hygiene Day 2026: पीरियड्स में सफाई की अनदेखी पड़ सकती है भारी, जानें बचाव के जरूरी टिप्स

पीरियड्स के दिनों में की गई एक छोटी सी लापरवाही या अनदेखी महिलाओं के लिए बड़ी बीमारी की वजह बन सकती है। डॉक्टरों का मानना है कि इन दिनों में साफ-सफाई का खास ख्याल रखना बेहद जरूरी है, ताकि इंफेक्शन और दूसरी स्वास्थ्य समस्याओं से बचा जा सके। लेकिन आज भी जानकारी की कमी के कारण कई महिलाएं इस पर पूरा ध्यान नहीं दे पातीं।इसी सोच को बदलने और महिलाओं के साथ-साथ किशोरियों को जागरूक करने के लिए हर साल 28 मई को 'वर्ल्ड मेंस्ट्रुअल हाइजीन डे' मनाया जाता है। आइए इस मौके पर जानते हैं कि पीरियड्स के दौरान किन जरूरी बातों का ध्यान रखकर आप खुद को पूरी तरह सुरक्षित और सेहतमंद रख सकती हैं।समय पर पैड बदलना है जरूरीपीरियड्स के दौरान ब्लीडिंग चाहे कम हो या ज्यादा, हर 4 से 6 घंटे में पैड बदलना बहुत जरूरी होता है। अगर आपको हैवी फ्लो हो रहा है, तो समय से पहले ही पैड बदल लें। लंबे समय तक एक ही पैड का इस्तेमाल करने से न सिर्फ बैक्टीरिया पनपने का डर रहता है, बल्कि बदबू और रैशेज की समस्या भी हो सकती है। साफ और फ्रेश पैड का इस्तेमाल आपको दिनभर आरामदायक रखता है। इसे भी पढ़ें: Health Tips: पैरों के भयंकर दर्द-सूजन का रामबाण इलाज, ये Smart Massager देगा मिनटों में आरामप्राइवेट पार्ट की सही सफाईइन दिनों में इंटिमेट एरिया की सफाई का दोगुना ध्यान रखना चाहिए। दिन में कम से कम 2 से 3 बार गुनगुने पानी से सफाई करने से बैक्टीरिया और गंदगी जमा नहीं हो पाती। ध्यान रखें कि इस हिस्से को साफ करने के लिए तेज केमिकल वाले इंटिमेट वॉश या खुशबूदार प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल बिल्कुल न करें, क्योंकि इनसे जलन और एलर्जी हो सकती है। पानी से धोने के बाद उस हिस्से को अच्छी तरह सुखाना भी जरूरी है, ताकि नमी की वजह से फंगल इंफेक्शन न हो।हाथ धोना कभी न भूलेंअक्सर महिलाएं जल्दबाजी में पैड बदलने से पहले या बाद में हाथ धोना भूल जाती हैं, जो इंफेक्शन फैलने की एक बड़ी वजह है। हमारे हाथों में मौजूद अदृश्य बैक्टीरिया आसानी से शरीर के अंदर पहुंचकर बीमार कर सकते हैं। इसलिए पैड, टैम्पोन या मेंस्ट्रुअल कप को छूने से पहले और बाद में अपने हाथों को साबुन से अच्छी तरह जरूर साफ करें। यह एक छोटी सी आदत आपको कई बड़ी परेशानियों से बचा सकती है।सही और आरामदायक अंडरगारमेंट्सपीरियड्स के दिनों में हमेशा सूती (कॉटन) के साफ और ढीले-ढाले अंडरगारमेंट्स ही पहनने चाहिए। कॉटन का कपड़ा हवा को आसानी से पास होने देता है, जिससे पसीना और नमी जमा नहीं हो पाती। इसके उलट, बहुत ज्यादा टाइट या सिंथेटिक कपड़े पहनने से त्वचा छिल सकती है और रैशेज या इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाता है। अगर अंडरगारमेंट थोड़ा भी गीला या गंदा महसूस हो, तो उसे तुरंत बदल लें। इसे भी पढ़ें: Late Periods? पपीता, अनानास और अन्य घरेलू नुस्खे भी नहीं आ रहे काम? क्या करें?टैम्पोन के इस्तेमाल में सावधानीजो महिलाएं पीरियड्स में टैम्पोन का इस्तेमाल करती हैं, उन्हें इसके समय का खास ख्याल रखना चाहिए। टैम्पोन को बहुत ज्यादा देर तक अंदर छोड़ना सेहत के लिए खतरनाक हो सकता है। इससे बैक्टीरिया तेजी से बढ़ते हैं, जिससे 'टॉक्सिक शॉक सिंड्रोम' जैसी गंभीर और जानलेवा समस्या का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए हर कुछ घंटों में इसे बदलना न भूलें।खुद को रखें पूरी तरह हाइड्रेटइन दिनों में शरीर में पानी की कमी न होने दें। पर्याप्त मात्रा में पानी पीने से शरीर हाइड्रेट रहता है, जिससे पीरियड्स के दौरान होने वाली ब्लोटिंग, ऐंठन और थकान काफी हद तक कम हो जाती है। सादे पानी के अलावा आप अपनी डाइट में नारियल पानी, ताजे फलों का जूस और नींबू पानी जैसी हेल्दी ड्रिंक्स भी शामिल कर सकती हैं, जो आपके शरीर को ताकत और एनर्जी देंगी।

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May 28, 2026 - 16:09
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World Menstrual Hygiene Day 2026: पीरियड्स में सफाई की अनदेखी पड़ सकती है भारी, जानें बचाव के जरूरी टिप्स
पीरियड्स के दिनों में की गई एक छोटी सी लापरवाही या अनदेखी महिलाओं के लिए बड़ी बीमारी की वजह बन सकती है। डॉक्टरों का मानना है कि इन दिनों में साफ-सफाई का खास ख्याल रखना बेहद जरूरी है, ताकि इंफेक्शन और दूसरी स्वास्थ्य समस्याओं से बचा जा सके। लेकिन आज भी जानकारी की कमी के कारण कई महिलाएं इस पर पूरा ध्यान नहीं दे पातीं।

इसी सोच को बदलने और महिलाओं के साथ-साथ किशोरियों को जागरूक करने के लिए हर साल 28 मई को 'वर्ल्ड मेंस्ट्रुअल हाइजीन डे' मनाया जाता है। आइए इस मौके पर जानते हैं कि पीरियड्स के दौरान किन जरूरी बातों का ध्यान रखकर आप खुद को पूरी तरह सुरक्षित और सेहतमंद रख सकती हैं।

समय पर पैड बदलना है जरूरी

पीरियड्स के दौरान ब्लीडिंग चाहे कम हो या ज्यादा, हर 4 से 6 घंटे में पैड बदलना बहुत जरूरी होता है। अगर आपको हैवी फ्लो हो रहा है, तो समय से पहले ही पैड बदल लें। लंबे समय तक एक ही पैड का इस्तेमाल करने से न सिर्फ बैक्टीरिया पनपने का डर रहता है, बल्कि बदबू और रैशेज की समस्या भी हो सकती है। साफ और फ्रेश पैड का इस्तेमाल आपको दिनभर आरामदायक रखता है।
 

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प्राइवेट पार्ट की सही सफाई

इन दिनों में इंटिमेट एरिया की सफाई का दोगुना ध्यान रखना चाहिए। दिन में कम से कम 2 से 3 बार गुनगुने पानी से सफाई करने से बैक्टीरिया और गंदगी जमा नहीं हो पाती। ध्यान रखें कि इस हिस्से को साफ करने के लिए तेज केमिकल वाले इंटिमेट वॉश या खुशबूदार प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल बिल्कुल न करें, क्योंकि इनसे जलन और एलर्जी हो सकती है। पानी से धोने के बाद उस हिस्से को अच्छी तरह सुखाना भी जरूरी है, ताकि नमी की वजह से फंगल इंफेक्शन न हो।

हाथ धोना कभी न भूलें

अक्सर महिलाएं जल्दबाजी में पैड बदलने से पहले या बाद में हाथ धोना भूल जाती हैं, जो इंफेक्शन फैलने की एक बड़ी वजह है। हमारे हाथों में मौजूद अदृश्य बैक्टीरिया आसानी से शरीर के अंदर पहुंचकर बीमार कर सकते हैं। इसलिए पैड, टैम्पोन या मेंस्ट्रुअल कप को छूने से पहले और बाद में अपने हाथों को साबुन से अच्छी तरह जरूर साफ करें। यह एक छोटी सी आदत आपको कई बड़ी परेशानियों से बचा सकती है।

सही और आरामदायक अंडरगारमेंट्स

पीरियड्स के दिनों में हमेशा सूती (कॉटन) के साफ और ढीले-ढाले अंडरगारमेंट्स ही पहनने चाहिए। कॉटन का कपड़ा हवा को आसानी से पास होने देता है, जिससे पसीना और नमी जमा नहीं हो पाती। इसके उलट, बहुत ज्यादा टाइट या सिंथेटिक कपड़े पहनने से त्वचा छिल सकती है और रैशेज या इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाता है। अगर अंडरगारमेंट थोड़ा भी गीला या गंदा महसूस हो, तो उसे तुरंत बदल लें।
 

इसे भी पढ़ें: Late Periods? पपीता, अनानास और अन्य घरेलू नुस्खे भी नहीं आ रहे काम? क्या करें?


टैम्पोन के इस्तेमाल में सावधानी

जो महिलाएं पीरियड्स में टैम्पोन का इस्तेमाल करती हैं, उन्हें इसके समय का खास ख्याल रखना चाहिए। टैम्पोन को बहुत ज्यादा देर तक अंदर छोड़ना सेहत के लिए खतरनाक हो सकता है। इससे बैक्टीरिया तेजी से बढ़ते हैं, जिससे 'टॉक्सिक शॉक सिंड्रोम' जैसी गंभीर और जानलेवा समस्या का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए हर कुछ घंटों में इसे बदलना न भूलें।

खुद को रखें पूरी तरह हाइड्रेट

इन दिनों में शरीर में पानी की कमी न होने दें। पर्याप्त मात्रा में पानी पीने से शरीर हाइड्रेट रहता है, जिससे पीरियड्स के दौरान होने वाली ब्लोटिंग, ऐंठन और थकान काफी हद तक कम हो जाती है। सादे पानी के अलावा आप अपनी डाइट में नारियल पानी, ताजे फलों का जूस और नींबू पानी जैसी हेल्दी ड्रिंक्स भी शामिल कर सकती हैं, जो आपके शरीर को ताकत और एनर्जी देंगी।

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