आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में मोटापा, डायबिटीज और दिल की बीमारियां तो जैसे आम बात हो गई हैं। लेकिन हाई ब्लड प्रेशर भी खामोश दुश्मन की तरह बहुत तेजी से हमारे बीच अपनी जगह बना रहा है। पहले यह समस्या सिर्फ बड़े-बुजुर्गों में देखी जाती थी, लेकिन आज युवा भी इसकी चपेट में आ रहे हैं। एक्सपर्ट्स का मानना है कि हमारा अनहेल्दी लाइफस्टाइल और हर वक्त का स्ट्रेस इसके सबसे बड़े कारण हैं। इसी खतरे के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए हर साल 17 मई को 'वर्ल्ड हाइपरटेंशन डे' मनाया जाता है।
हाई ब्लड प्रेशर होने के कारण क्या?
सुस्त लाइफस्टाइल
आजकल हम घंटों एक जगह बैठकर काम करते हैं और देर रात तक मोबाइल में खोए रहते हैं। फिजिकल एक्टिविटी कम होने की यह आदत धीरे-धीरे हमारी ब्लड वेसेल्स और दिल पर दबाव डालने लगती है। इसके साथ ही जंक फूड, जरूरत से ज्यादा नमक, प्रोसेस्ड फूड और मीठा खाने का शौक इस समस्या को और ज्यादा गंभीर बना रहा है।
लगातार बढ़ता तनाव
लगातार स्ट्रेस लेना और पूरी नींद न लेना भी हाई बीपी की एक बड़ी वजह है। जब हमारा शरीर हर वक्त तनाव में रहता है, तो स्ट्रेस हार्मोन्स का लेवल बढ़ जाता है, जिसका सीधा बुरा असर हमारी दिल की धड़कनों और ब्लड प्रेशर पर पड़ता है। इसके अलावा स्मोकिंग, शराब और कैफीन का ज्यादा सेवन भी इस खतरे को कई गुना बढ़ा देता है।
बढ़ता वजन
शरीर का बढ़ता वजन, खासकर पेट के आसपास जमा फैट, ब्लड प्रेशर बढ़ने का मुख्य कारण है। इसके अलावा, कम उम्र में ही डायबिटीज, थायरॉयड या हार्मोनल असंतुलन जैसी परेशानियां भी बीपी के लेवल को बिगाड़ देती हैं।
हाइपरटेंशन के लक्षण
अक्सर सिर में भारीपन, चक्कर आना या बेवजह की थकान महसूस होना इसके शुरुआती संकेत हो सकते हैं। थोड़ा सा चलने या काम करने पर ही सांस का फूलना या सीने में हल्का दबाव महसूस होना। कभी-कभी आंखों के सामने धुंधलापन छा जाना, नाक से खून आना या दिल की धड़कन का अचानक तेज हो जाना।
बिना आहट के कैसे नुकसान पहुंचा रहा हाई ब्लड प्रेशर?
हाई ब्लड प्रेशर के साथ सबसे बड़ी दिक्कत यह है कि कई बार इसके कोई लक्षण नजर नहीं आते, इसलिए इसे साइलेंट किलर भी कहा जाता है। हम खुद को फिट समझकर टेस्ट नहीं करवाते, जबकि यह अंदर ही अंदर शरीर को नुकसान पहुंचाता रहता है। हालांकि सिरदर्द, चक्कर आना, थकान या सांस फूलना जैसे संकेत कभी-कभी मिल सकते हैं, लेकिन इन्हें नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है।
कैसे रखें खुद को सुरक्षित?
अपनी सेहत को वापस पटरी पर लाना उतना भी मुश्किल नहीं है। बस कुछ छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखें। रोजाना कम से कम 40 मिनट की वॉक या एक्सरसाइज के लिए समय निकालें। शरीर और दिमाग को आराम देने के लिए पर्याप्त और गहरी नींद लें। अपनी डाइट में फल, हरी सब्जियां और साबुत अनाज जैसी हेल्दी चीजों को शामिल करें।