Women Health: क्या प्रेग्नेंसी वाला Sugar, Delivery के बाद भी बना रहता है? जानें पूरा सच

प्रेग्नेंसी के समय कई महिलाओं को डायबिटीज की समस्या हो जाती है। जिसको जेस्टेशनल डायबिटीज कहा जाता है। इस स्थिति में महिलाओं को ब्लड शुगर की समस्या का सामना करना पड़ सकता है। लेकिन ऐसे में मन में यह सवाल आता है कि क्या यह स्थिति डिलीवरी के बाद भी रह सकती है। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको बताने जा रहे हैं कि क्या प्रेग्नेंसी के दौरान होने वाली डायबिटीज क्या डिलीवरी के बाद भी रह सकती है।डायबिटीज का खतराहेल्थ एक्सपर्ट के मुताबिक आमतौर पर डिलीवरी के बाद जेस्टेशनल डायबिटीज ठीक हो जाता है। अधिकतर मामलों में डिलीवरी के बाद प्लेंसेंटा निकालने के बाद ब्लड शुगर का लेवल सामान्य हो जाता है। लेकिन ध्यान रखें कि बच्चे के जन्म के करीब 6 से 12 सप्ताह बाद तक ग्लूकोज टॉलरेंस टेस्ट कराना चाहिए। लेकिन अगर किसी महिला को पहले से डायबिटीज की समस्या है, तो उनको अपनी सेहत का ध्यान रखने की सलाह दी जाती है। प्रेग्नेंसी के दौरान बच्चे के ग्रोथ को बढ़ाने के लिए महिलाओं के शरीर में हार्मोन्स प्रभावित होते हैं। जिसकी वजह से इंसुलिन रेजिस्टेंस की समस्या बढ़ती है।इसे भी पढ़ें: Uric Acid और Joint Pain से हैं परेशान? ये चमत्कारी Detox Drink देगा फौरन राहतजेस्टेशनल डायबिटीज का खतराअगर प्रेग्नेंसी से पहले मोटापे की स्थिति में है।डिलीवरी के बाद अधिक वेट बढ़ने पर।जेनेटिक प्रेडिस्पोजिशन की स्थिति में।फिजिकल एक्टिविटी न करने की वजह से।प्रेग्नेंसी के समय इंसुलिन ट्रीटमेंट लेने की स्थिति में।ज्यादा मीठा खाने की वजह से हाई शुगर की समस्या होने पर।

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Mar 27, 2026 - 10:01
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Women Health: क्या प्रेग्नेंसी वाला Sugar, Delivery के बाद भी बना रहता है? जानें पूरा सच
प्रेग्नेंसी के समय कई महिलाओं को डायबिटीज की समस्या हो जाती है। जिसको जेस्टेशनल डायबिटीज कहा जाता है। इस स्थिति में महिलाओं को ब्लड शुगर की समस्या का सामना करना पड़ सकता है। लेकिन ऐसे में मन में यह सवाल आता है कि क्या यह स्थिति डिलीवरी के बाद भी रह सकती है। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको बताने जा रहे हैं कि क्या प्रेग्नेंसी के दौरान होने वाली डायबिटीज क्या डिलीवरी के बाद भी रह सकती है।

डायबिटीज का खतरा

हेल्थ एक्सपर्ट के मुताबिक आमतौर पर डिलीवरी के बाद जेस्टेशनल डायबिटीज ठीक हो जाता है। अधिकतर मामलों में डिलीवरी के बाद प्लेंसेंटा निकालने के बाद ब्लड शुगर का लेवल सामान्य हो जाता है। लेकिन ध्यान रखें कि बच्चे के जन्म के करीब 6 से 12 सप्ताह बाद तक ग्लूकोज टॉलरेंस टेस्ट कराना चाहिए। लेकिन अगर किसी महिला को पहले से डायबिटीज की समस्या है, तो उनको अपनी सेहत का ध्यान रखने की सलाह दी जाती है। प्रेग्नेंसी के दौरान बच्चे के ग्रोथ को बढ़ाने के लिए महिलाओं के शरीर में हार्मोन्स प्रभावित होते हैं। जिसकी वजह से इंसुलिन रेजिस्टेंस की समस्या बढ़ती है।

इसे भी पढ़ें: Uric Acid और Joint Pain से हैं परेशान? ये चमत्कारी Detox Drink देगा फौरन राहत


जेस्टेशनल डायबिटीज का खतरा

अगर प्रेग्नेंसी से पहले मोटापे की स्थिति में है।
डिलीवरी के बाद अधिक वेट बढ़ने पर।
जेनेटिक प्रेडिस्पोजिशन की स्थिति में।
फिजिकल एक्टिविटी न करने की वजह से।
प्रेग्नेंसी के समय इंसुलिन ट्रीटमेंट लेने की स्थिति में।
ज्यादा मीठा खाने की वजह से हाई शुगर की समस्या होने पर।

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