West Bengal में सियासी संकट के बीच TMC-Congress Merger की चर्चा, पार्टी ने कहा- ये सिर्फ अफवाह

कांग्रेस ने गुरुवार को तृणमूल कांग्रेस (TMC) के साथ संभावित विलय की अटकलों को खारिज करते हुए ऐसी खबरों को बेबुनियाद अफवाह बताया। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा कि पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनके भतीजे अभिषेक बनर्जी के साथ हाल ही में हुई बैठक में बातचीत केवल राष्ट्रीय मुद्दों तक ही सीमित थी और इसमें दोनों पार्टियों के विलय को लेकर कोई चर्चा नहीं हुई। उन्होंने कहा कि ये बेबुनियाद अफ़वाहें हैं। TMC और कांग्रेस नेताओं के बीच हुई बैठक का मकसद सिर्फ़ राष्ट्रीय मुद्दों को ज़्यादा असरदार ढंग से उठाने पर चर्चा करना था। इसे भी पढ़ें: मुश्किल समय में ममता का साथ नहीं छोड़ेंगे, शत्रुघ्न सिन्हा का बगावत करने से इनकारपश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनके भतीजे अभिषेक बनर्जी के सोमवार को नई दिल्ली में INDIA ब्लॉक की बैठक में शामिल होने के बाद TMC और कांग्रेस के बीच संभावित विलय की चर्चाओं ने ज़ोर पकड़ लिया। ठक के दौरान, दोनों नेताओं ने कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी और विपक्ष के नेता राहुल गांधी से भी मुलाक़ात की। इससे इन अफ़वाहों को बल मिला कि TMC, पार्टी से अलग होने के लगभग तीन दशक बाद कांग्रेस में विलय कर सकती है। यह अटकलें TMC के विधायी और संसदीय गुटों में मतभेद के बीच सामने आई हैं। यह घटनाक्रम पश्चिम बंगाल में पार्टी के सत्ता से बाहर होने के बमुश्किल एक महीने बाद हुआ है, जहाँ 294 सदस्यों वाली विधानसभा में उसे केवल 80 सीटें मिली थीं। हालांकि, तृणमूल ने विलय की संभावना पर आधिकारिक तौर पर कोई टिप्पणी नहीं की है। ममता बनर्जी के करीबी माने जाने वाले TMC सांसद सौगत रॉय ने कहा कि पार्टी के लिए कांग्रेस के साथ मिलकर काम करना ज़रूरी है, लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि यह देखना बाकी है कि यह सहयोग गठबंधन का रूप लेगा या विलय का।

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Jun 12, 2026 - 09:12
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West Bengal में सियासी संकट के बीच TMC-Congress Merger की चर्चा, पार्टी ने कहा- ये सिर्फ अफवाह
कांग्रेस ने गुरुवार को तृणमूल कांग्रेस (TMC) के साथ संभावित विलय की अटकलों को खारिज करते हुए ऐसी खबरों को बेबुनियाद अफवाह बताया। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा कि पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनके भतीजे अभिषेक बनर्जी के साथ हाल ही में हुई बैठक में बातचीत केवल राष्ट्रीय मुद्दों तक ही सीमित थी और इसमें दोनों पार्टियों के विलय को लेकर कोई चर्चा नहीं हुई। उन्होंने कहा कि ये बेबुनियाद अफ़वाहें हैं। TMC और कांग्रेस नेताओं के बीच हुई बैठक का मकसद सिर्फ़ राष्ट्रीय मुद्दों को ज़्यादा असरदार ढंग से उठाने पर चर्चा करना था। 

इसे भी पढ़ें: मुश्किल समय में ममता का साथ नहीं छोड़ेंगे, शत्रुघ्न सिन्हा का बगावत करने से इनकार

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनके भतीजे अभिषेक बनर्जी के सोमवार को नई दिल्ली में INDIA ब्लॉक की बैठक में शामिल होने के बाद TMC और कांग्रेस के बीच संभावित विलय की चर्चाओं ने ज़ोर पकड़ लिया। ठक के दौरान, दोनों नेताओं ने कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी और विपक्ष के नेता राहुल गांधी से भी मुलाक़ात की। इससे इन अफ़वाहों को बल मिला कि TMC, पार्टी से अलग होने के लगभग तीन दशक बाद कांग्रेस में विलय कर सकती है। यह अटकलें TMC के विधायी और संसदीय गुटों में मतभेद के बीच सामने आई हैं। यह घटनाक्रम पश्चिम बंगाल में पार्टी के सत्ता से बाहर होने के बमुश्किल एक महीने बाद हुआ है, जहाँ 294 सदस्यों वाली विधानसभा में उसे केवल 80 सीटें मिली थीं। हालांकि, तृणमूल ने विलय की संभावना पर आधिकारिक तौर पर कोई टिप्पणी नहीं की है। ममता बनर्जी के करीबी माने जाने वाले TMC सांसद सौगत रॉय ने कहा कि पार्टी के लिए कांग्रेस के साथ मिलकर काम करना ज़रूरी है, लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि यह देखना बाकी है कि यह सहयोग गठबंधन का रूप लेगा या विलय का।


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