Vastu Tips: किचन में मंदिर रखना पैदा करता है भयंकर वास्तु दोष, घर से चली जाती है बरकत, जाने ये नियम

हर भारतीय घर में मंदिर और किचन विशेष महत्व माना जाता है। वास्तु शास्त्र में किचन और मंदिर का विशेष स्थान माना जाता है। किचन को मां अन्नपूर्णा का स्थान माना जात है और मंदिर में देवी-देवताओं का वास होता है, जिससे घर में सकारात्मक और दिव्य ऊर्जा का संचार रहता है। शहरों के घरों में जगह कम होती है, इसलिए लोग किचन में ही मंदिर का स्थान बना लेते हैं। लेकिन क्या वास्तु शास्त्र में किचन में मंदिर होना शुभ होता है अशुभ? तो इसका उत्तर आपको इस लेख में मिलेगा। इसी के साथ ही कई लोगों के मन में यह सवाल जरुर आता है कि किचन में मंदिर क्यों नहीं बना सकते हैं। आइए आपको बताते हैं वास्तु शास्त्र में इसको लेकर क्या कहा है?किचन में मंदिर न होने के कारणझूठे बर्तन- गौरतलब है कि किचन में झूठे बर्तन रखे जाते हैं और लेकिन मंदिर एक पवित्र स्थान होता है। किचन में झूठे बर्तन पड़े रहने से वहां की ऊर्जा प्राभवित होती है और भगवान का अपमान हो सकता है। इसलिए भूलकर भी किचन और मंदिर एक साथ न बनाएं। तामसिक भोजन- अक्सर कई घरों में लहसुन-प्याज और मांस का सेवन किया जाता है। जब किचन में इस तरह का भोजन बनता है, तो किचन में मंदिर होने से नकारात्मक ऊर्जा पैदा होती है, जो कि परिवार में नेगटिव प्रभाव डाल सकती हैं। कूडें का डब्बा- किचन में कूड़े डब्बा जरुर रखा होता है, जिसमे किचन के कचरे का फेंका जाता है। ऐसे में किचन में मंदिर होना सही नहीं होता है। मंदिर के लिए कौन-सी दिशा है शुभ?वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर का मंदिर ईशान-कोण में होना शुभ माना जाता है। मान्यता के अनुसार, यह दिशा देवगुरु बृहस्पति और भगवान शिव की है। इसके अलावा मंदिर का निर्माण पूर्व या उत्तर दिशा में होना भी शुभ होता है। ईशान-कोण में दिशा में साधना करने से साधक को मानसिक शांति प्राप्त होती है। इन बातों का ध्यान रखें  - घर में भूलकर भी मंदिर सीढ़ियों के नीचे न बनाएं। लोग जब सीढ़ियों से ऊपर जाएंगे, तो नकारात्मक ऊर्जा उत्पन्न होगी।  - ध्यान रखें कि मंदिर को कभी भी बाथरुम के सामने या साइड में न बनवाएं। भूलकर भी मंदिर के ऊपर टॉयेलट न बनवाएं।  - कभी भी मंदिर को बैडरुम में नहीं रखना चाहिए। यह शुभ नहीं माना जाता है। मंदिर बैडरुम में ऐसा भी न रखा हो, जब आप रात को सोते हैं, तो भगवान के तरफ पैर जाएं। - इस बात का ध्यान रखें कि मंदिर को कभी भी बैसमेंट नहीं बनवना चाहिए। क्योंकि यह शुभ नहीं होता है।  

PNSPNS
May 27, 2026 - 10:39
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Vastu Tips: किचन में मंदिर रखना पैदा करता है भयंकर वास्तु दोष, घर से चली जाती है बरकत, जाने ये नियम
हर भारतीय घर में मंदिर और किचन विशेष महत्व माना जाता है। वास्तु शास्त्र में किचन और मंदिर का विशेष स्थान माना जाता है। किचन को मां अन्नपूर्णा का स्थान माना जात है और मंदिर में देवी-देवताओं का वास होता है, जिससे घर में सकारात्मक और दिव्य ऊर्जा का संचार रहता है। शहरों के घरों में जगह कम होती है, इसलिए लोग किचन में ही मंदिर का स्थान बना लेते हैं। लेकिन क्या वास्तु शास्त्र में किचन में मंदिर होना शुभ होता है अशुभ? तो इसका उत्तर आपको इस लेख में मिलेगा। इसी के साथ ही कई लोगों के मन में यह सवाल जरुर आता है कि किचन में मंदिर क्यों नहीं बना सकते हैं। आइए आपको बताते हैं वास्तु शास्त्र में इसको लेकर क्या कहा है?

किचन में मंदिर न होने के कारण
झूठे बर्तन- गौरतलब है कि किचन में झूठे बर्तन रखे जाते हैं और लेकिन मंदिर एक पवित्र स्थान होता है। किचन में झूठे बर्तन पड़े रहने से वहां की ऊर्जा प्राभवित होती है और भगवान का अपमान हो सकता है। इसलिए भूलकर भी किचन और मंदिर एक साथ न बनाएं। 
तामसिक भोजन- अक्सर कई घरों में लहसुन-प्याज और मांस का सेवन किया जाता है। जब किचन में इस तरह का भोजन बनता है, तो किचन में मंदिर होने से नकारात्मक ऊर्जा पैदा होती है, जो कि परिवार में नेगटिव प्रभाव डाल सकती हैं।
 कूडें का डब्बा- किचन में कूड़े डब्बा जरुर रखा होता है, जिसमे किचन के कचरे का फेंका जाता है। ऐसे में किचन में मंदिर होना सही नहीं होता है। 

मंदिर के लिए कौन-सी दिशा है शुभ?
वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर का मंदिर ईशान-कोण में होना शुभ माना जाता है। मान्यता के अनुसार, यह दिशा देवगुरु बृहस्पति और भगवान शिव की है। इसके अलावा मंदिर का निर्माण पूर्व या उत्तर दिशा में होना भी शुभ होता है। ईशान-कोण में दिशा में साधना करने से साधक को मानसिक शांति प्राप्त होती है। 

इन बातों का ध्यान रखें
  - घर में भूलकर भी मंदिर सीढ़ियों के नीचे न बनाएं। लोग जब सीढ़ियों से ऊपर जाएंगे, तो नकारात्मक ऊर्जा उत्पन्न होगी।

  - ध्यान रखें कि मंदिर को कभी भी बाथरुम के सामने या साइड में न बनवाएं। भूलकर भी मंदिर के ऊपर टॉयेलट न बनवाएं।

  - कभी भी मंदिर को बैडरुम में नहीं रखना चाहिए। यह शुभ नहीं माना जाता है। मंदिर बैडरुम में ऐसा भी न रखा हो, जब आप रात को सोते हैं, तो भगवान के तरफ पैर जाएं।

 - इस बात का ध्यान रखें कि मंदिर को कभी भी बैसमेंट नहीं बनवना चाहिए। क्योंकि यह शुभ नहीं होता है।  

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