Uttarakhand में आफत की बारिश, बादल फटने से Uttarkashi में 2 मजदूरों की मौत, चारधाम यात्रा 24 घंटे के लिए स्थगित

उत्तराखंड में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश और भूस्खलन की घटनाओं ने एक बार फिर कहर बरपाया है। रविवार तड़के उत्तरकाशी जिले में यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर सिलाई बैंड के पास बादल फटने से बड़ा हादसा हो गया। इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना में 2 मजदूरों की मौत हो गई है, जबकि 9 अन्य अभी भी लापता बताए जा रहे हैं।प्राकृतिक आपदाओं की बढ़ती आशंका के मद्देनजर, राज्य सरकार ने यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए चारधाम यात्रा को अगले 24 घंटे के लिए स्थगित कर दिया है। मौसम विभाग द्वारा जारी भारी बारिश की चेतावनी और भूस्खलन के जोखिमों को देखते हुए यह महत्वपूर्ण फैसला लिया गया है। इसे भी पढ़ें: Puri Rath Yatra Stampede: 3 की मौत, 50 घायल, CM Mohan Charan Majhi ने जताया दुख और मांगी माफीनवीनतम अपडेट्समजदूरों की स्थिति: जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने बताया कि सिलाई बैंड के पास एक निर्माणाधीन होटल के कैंप में लगभग 19 मजदूर रुके हुए थे। बादल फटने से आए मलबे में 9 मजदूर बह गए, जबकि 10 को सुरक्षित निकाल लिया गया है। लापता मजदूरों की तलाश जारी है।यमुनोत्री हाईवे बंद: बादल फटने और भूस्खलन के कारण यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर सिलाई बैंड के पास लगभग 10 मीटर का हिस्सा पूरी तरह बह गया है, जिससे यातायात पूरी तरह बाधित हो गया है। एनएच की टीमें रास्ता खोलने के प्रयास में जुटी हैं। ओजरी के पास भी सड़क संपर्क बाधित हुआ है।रेस्क्यू ऑपरेशन जारी: घटनास्थल पर पुलिस, एसडीआरएफ (राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल) और एनडीआरएफ (राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल) की टीमें युद्धस्तर पर बचाव और तलाशी अभियान चला रही हैं। लगातार बारिश और मलबा हटाने में आ रही दिक्कतों के कारण राहत कार्यों में बाधा आ रही है। इसे भी पढ़ें: Kolkata Gangrape Case: TMC सांसदों में फिर ठनी, कल्याण बनर्जी ने Mahua Moitra की शादी पर साधा निशानानदियों का जलस्तर बढ़ा: क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश से अलकनंदा और मंदाकिनी सहित कई नदियां उफान पर हैं और खतरे के निशान के करीब बह रही हैं, जिससे निचले इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है। स्यानाचट्टी में कुपड़ा कुंशाला त्रिखिली मोटर पुल भी खतरे में आ गया है।मुख्यमंत्री ने लिया संज्ञान: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बड़कोट के पास हुए भूस्खलन और बादल फटने की घटना का संज्ञान लिया है। उन्होंने बताया कि बचाव दल ने 20 लोगों को सुरक्षित निकाला है और 2 शव बरामद किए गए हैं। सीएम ने स्थानीय प्रशासन के साथ एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और आपदा प्रबंधन विभाग को लगातार बचाव कार्य में लगे रहने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन हाई अलर्ट पर है और लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने तथा सतर्कता बरतने की अपील की गई है।

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Jun 30, 2025 - 04:29
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Uttarakhand में आफत की बारिश, बादल फटने से Uttarkashi में 2 मजदूरों की मौत, चारधाम यात्रा 24 घंटे के लिए स्थगित
उत्तराखंड में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश और भूस्खलन की घटनाओं ने एक बार फिर कहर बरपाया है। रविवार तड़के उत्तरकाशी जिले में यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर सिलाई बैंड के पास बादल फटने से बड़ा हादसा हो गया। इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना में 2 मजदूरों की मौत हो गई है, जबकि 9 अन्य अभी भी लापता बताए जा रहे हैं।

प्राकृतिक आपदाओं की बढ़ती आशंका के मद्देनजर, राज्य सरकार ने यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए चारधाम यात्रा को अगले 24 घंटे के लिए स्थगित कर दिया है। मौसम विभाग द्वारा जारी भारी बारिश की चेतावनी और भूस्खलन के जोखिमों को देखते हुए यह महत्वपूर्ण फैसला लिया गया है।
 

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मजदूरों की स्थिति: जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने बताया कि सिलाई बैंड के पास एक निर्माणाधीन होटल के कैंप में लगभग 19 मजदूर रुके हुए थे। बादल फटने से आए मलबे में 9 मजदूर बह गए, जबकि 10 को सुरक्षित निकाल लिया गया है। लापता मजदूरों की तलाश जारी है।

यमुनोत्री हाईवे बंद: बादल फटने और भूस्खलन के कारण यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर सिलाई बैंड के पास लगभग 10 मीटर का हिस्सा पूरी तरह बह गया है, जिससे यातायात पूरी तरह बाधित हो गया है। एनएच की टीमें रास्ता खोलने के प्रयास में जुटी हैं। ओजरी के पास भी सड़क संपर्क बाधित हुआ है।

रेस्क्यू ऑपरेशन जारी: घटनास्थल पर पुलिस, एसडीआरएफ (राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल) और एनडीआरएफ (राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल) की टीमें युद्धस्तर पर बचाव और तलाशी अभियान चला रही हैं। लगातार बारिश और मलबा हटाने में आ रही दिक्कतों के कारण राहत कार्यों में बाधा आ रही है।
 

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नदियों का जलस्तर बढ़ा: क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश से अलकनंदा और मंदाकिनी सहित कई नदियां उफान पर हैं और खतरे के निशान के करीब बह रही हैं, जिससे निचले इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है। स्यानाचट्टी में कुपड़ा कुंशाला त्रिखिली मोटर पुल भी खतरे में आ गया है।

मुख्यमंत्री ने लिया संज्ञान: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बड़कोट के पास हुए भूस्खलन और बादल फटने की घटना का संज्ञान लिया है। उन्होंने बताया कि बचाव दल ने 20 लोगों को सुरक्षित निकाला है और 2 शव बरामद किए गए हैं। सीएम ने स्थानीय प्रशासन के साथ एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और आपदा प्रबंधन विभाग को लगातार बचाव कार्य में लगे रहने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन हाई अलर्ट पर है और लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने तथा सतर्कता बरतने की अपील की गई है।

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