तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के बीच अब भारतीय जनता पार्टी ने महिला आरक्षण के मुद्दे पर सत्ताधारी डीएमके को घेरना शुरूकर दिया है। अपनी इस रणनीति के तहत केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने डीएमके और कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस और डीएमके जैसे राजनीतिक दलों ने लोकसभा में महिला आरक्षण संशोधन विधेयक के खिलाफ वोटिंग कर देश के महिलाओं के साथ अन्याय और विश्वासघात किया है।
भाजपा पार्टी के नेता शाह ने कहा कि यह राजनीतिक विरोध नहीं बल्कि महिलाओं को उनके अधिकारों से वंचित रखने की साजिश है। लेकिन मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार इस साजिश को सफल नहीं होने देगी। लेकिन मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार महिलाओं को न्याय दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है।
समझिए रणनीति
भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के सहयोगी दल इस मुद्दे को लेकर सत्तापक्ष को घेर रहे हैं। विधेयक गिरने के फौरन बाद महिला सांसदों ने संसद परिसर में विरोध प्रदर्शन शुरुकर दिया। ऐसे में पार्टी का मानना है कि इस विफलता को जनता के बीच में ले जाने से विपक्षी दलों पर महिला सशक्तिकरण की राह में रुकावट बनने का ठप्पा लगा सकते हैं।
पार्टी द्वारा आरोप लगाए गए हैं कि कांग्रेस और डीएमके साल 2026 की जनगणना के आधार पर सीटों के पुनर्निर्धारण पर जोर देकर तमिलनाडु की लोकसभा सीटों को कम करने का प्रयास कर रहे हैं। इससे राज्य के राजनीतिक प्रतिनिधित्व को नुकसान हो सकता है। बीजेपी द्वारा इसका मुद्दा बनाए जाने पर इसका असर तमिलनाडु के मौजूदा विधानसभा चुनावों में देखने को मिलेगा।