Special Intensive Revision: विपक्ष के आरोपों पर बोले CEC, यह एक सामान्य प्रक्रिया

बिहार की मतदाता सूची में विसंगतियों के कांग्रेस के आरोपों पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि कानून के अनुसार, हर चुनाव से पहले मतदाता सूची को अद्यतन किया जाना चाहिए। 1 जनवरी 2003 के बाद मतदाता सूची और मतदाताओं के सभी विवरणों की विस्तृत जांच नहीं की गई। यह एक सामान्य प्रथा है। लगभग हर राजनीतिक दल ने मतदाता सूची की प्रामाणिकता में समस्याओं के बारे में शिकायत की और अद्यतनीकरण की मांग की। सभी राजनीतिक दलों के समर्थन से 1 लाख से अधिक बूथ-स्तरीय अधिकारी इस पर काम कर रहे हैं।  इसे भी पढ़ें: क्या बिहार चुनाव में प्रशांत किशोर होंगे एक्स फैक्टर? चिराग पासवान ने दिया मजेदार जवाबकांग्रेस ने भारतीय चुनाव आयोग (ईसीआई) पर बिहार की मतदाता सूची में सिर्फ़ एक महीने के भीतर विशेष गहन संशोधन (एसआईआर) करने के उसके हालिया निर्देश को लेकर तीखा हमला किया। राज्य में चुनाव नज़दीक आने के साथ ही, वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि यह कदम गरीबों, दलितों, पिछड़े समुदायों और प्रवासी मज़दूरों के नाम हटाने का जानबूझकर किया गया प्रयास है। दिल्ली में कांग्रेस के नए मुख्यालय में आयोजित एक प्रेस वार्ता में कांग्रेस मीडिया और प्रचार अध्यक्ष पवन खेड़ा, बिहार कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम और कांग्रेस बिहार प्रभारी कृष्णा अल्लावरु ने संशोधन प्रक्रिया की मंशा और व्यवहार्यता दोनों पर सवाल उठाए और इसे "मानवीय रूप से असंभव" बताया। पवन खेड़ा ने पूछा कि आप केवल 30 दिनों में 8 करोड़ मतदाताओं के नामों का सत्यापन कैसे कर सकते हैं? यहां तक ​​कि मुख्य चुनाव आयुक्त ने भी कहा है कि यह नया ईसीआई और नया सामान्य है। क्या अब यह सीईसी पर निर्भर है कि वह किससे मिलेंगे या किससे नहीं मिलेंगे? तेजस्वी यादव ने शुक्रवार को कहा कि बिहार में उनकी पार्टी के नेतृत्व वाला विपक्षी महागठबंधन राज्य में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के विरोध में अगले सप्ताह चक्का जाम जाम करेगा। विपक्ष के नेता ने ‘‘9 जुलाई को चक्का जाम’’ करने की फेसबुक पर घोषणा की। इसे भी पढ़ें: Gopal Khemka Murder case: नीतीश बोले, दोषी को भी बख्शा नहीं जाएगा, तेजस्वी का सवाल- क्या अब भी ये जंगलराज नहीं?उन्होंने महागठबंधन के एक प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करते हुए यहां निर्वाचन आयोग कार्यालय का दौरा करने के तुरंत बाद ‘फेसबुक लाइव’ किया। उन्होंने कहा, ‘‘हमने विशेष गहन पुनरीक्षण के खिलाफ अपनी आपत्ति दर्ज कराई है, जो कमजोर वर्गों को उनके मताधिकार से वंचित करने की साजिश है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को यह डर है कि राजग (राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) आगामी विधानसभा चुनाव हार सकता है।’’ 

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Jul 6, 2025 - 04:30
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Special Intensive Revision: विपक्ष के आरोपों पर बोले CEC, यह एक सामान्य प्रक्रिया
बिहार की मतदाता सूची में विसंगतियों के कांग्रेस के आरोपों पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि कानून के अनुसार, हर चुनाव से पहले मतदाता सूची को अद्यतन किया जाना चाहिए। 1 जनवरी 2003 के बाद मतदाता सूची और मतदाताओं के सभी विवरणों की विस्तृत जांच नहीं की गई। यह एक सामान्य प्रथा है। लगभग हर राजनीतिक दल ने मतदाता सूची की प्रामाणिकता में समस्याओं के बारे में शिकायत की और अद्यतनीकरण की मांग की। सभी राजनीतिक दलों के समर्थन से 1 लाख से अधिक बूथ-स्तरीय अधिकारी इस पर काम कर रहे हैं। 
 

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कांग्रेस ने भारतीय चुनाव आयोग (ईसीआई) पर बिहार की मतदाता सूची में सिर्फ़ एक महीने के भीतर विशेष गहन संशोधन (एसआईआर) करने के उसके हालिया निर्देश को लेकर तीखा हमला किया। राज्य में चुनाव नज़दीक आने के साथ ही, वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि यह कदम गरीबों, दलितों, पिछड़े समुदायों और प्रवासी मज़दूरों के नाम हटाने का जानबूझकर किया गया प्रयास है। दिल्ली में कांग्रेस के नए मुख्यालय में आयोजित एक प्रेस वार्ता में कांग्रेस मीडिया और प्रचार अध्यक्ष पवन खेड़ा, बिहार कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम और कांग्रेस बिहार प्रभारी कृष्णा अल्लावरु ने संशोधन प्रक्रिया की मंशा और व्यवहार्यता दोनों पर सवाल उठाए और इसे "मानवीय रूप से असंभव" बताया। 

पवन खेड़ा ने पूछा कि आप केवल 30 दिनों में 8 करोड़ मतदाताओं के नामों का सत्यापन कैसे कर सकते हैं? यहां तक ​​कि मुख्य चुनाव आयुक्त ने भी कहा है कि यह नया ईसीआई और नया सामान्य है। क्या अब यह सीईसी पर निर्भर है कि वह किससे मिलेंगे या किससे नहीं मिलेंगे? तेजस्वी यादव ने शुक्रवार को कहा कि बिहार में उनकी पार्टी के नेतृत्व वाला विपक्षी महागठबंधन राज्य में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के विरोध में अगले सप्ताह चक्का जाम जाम करेगा। विपक्ष के नेता ने ‘‘9 जुलाई को चक्का जाम’’ करने की फेसबुक पर घोषणा की।
 

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उन्होंने महागठबंधन के एक प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करते हुए यहां निर्वाचन आयोग कार्यालय का दौरा करने के तुरंत बाद ‘फेसबुक लाइव’ किया। उन्होंने कहा, ‘‘हमने विशेष गहन पुनरीक्षण के खिलाफ अपनी आपत्ति दर्ज कराई है, जो कमजोर वर्गों को उनके मताधिकार से वंचित करने की साजिश है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को यह डर है कि राजग (राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) आगामी विधानसभा चुनाव हार सकता है।’’ 

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