शेयर और कमोडिटी बाजार में चांदी के भावों ने निवेशकों को चौंका दिया। बता दें कि सोमवार को भारत में चांदी की कीमतों में जोरदार तेजी देखने को मिली और वायदा कारोबार में यह पहली बार ₹3 लाख प्रति किलो के स्तर को पार कर गई हैं।
मौजूद जानकारी के अनुसार, मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी MCX पर मार्च डिलीवरी वाली चांदी में ₹13,553 की उछाल दर्ज की गई, जो करीब 4.7 प्रतिशत की तेजी है। इसके साथ ही चांदी का भाव रिकॉर्ड ₹3,01,315 प्रति किलो तक पहुंच गया।
गौरतलब है कि घरेलू बाजार में यह तेजी अंतरराष्ट्रीय बाजारों में मजबूती के साथ देखने को मिली। वैश्विक स्तर पर मार्च वायदा चांदी के दाम 6.5 प्रतिशत से अधिक बढ़कर करीब 94.35 डॉलर प्रति औंस के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गए हैं। वहीं, स्पॉट मार्केट में भी चांदी ऊंचे स्तरों के आसपास कारोबार करती दिखी।
विशेषज्ञों के अनुसार, इस उछाल के पीछे कई कारण हैं। चांदी की औद्योगिक मांग लगातार मजबूत बनी हुई है, खासकर इलेक्ट्रॉनिक्स, रिन्यूएबल एनर्जी और नई तकनीकों में इसके बढ़ते उपयोग के चलते। इसके साथ ही अमेरिकी डॉलर में कमजोरी ने भी कीमती धातुओं को समर्थन दिया है, क्योंकि डॉलर कमजोर होने पर कमोडिटी निवेश ज्यादा आकर्षक हो जाती।
बता दें कि वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव और व्यापार से जुड़ी अनिश्चितताओं ने सुरक्षित निवेश की मांग को और बढ़ाया। हाल के घटनाक्रमों में अमेरिका और यूरोप के बीच संभावित व्यापार विवाद की आशंकाओं ने निवेशकों को सोने और चांदी जैसे सुरक्षित विकल्पों की ओर मोड़ा।
चांदी के साथ-साथ अन्य धातुओं में भी मजबूती देखी गई है। गौरतलब है कि सोने के भाव अंतरराष्ट्रीय बाजार में नए रिकॉर्ड स्तर के करीब पहुंच गए हैं, जबकि तांबे की कीमतों में भी तेजी बनी हुई है। कुल मिलाकर, मौजूदा हालात में कीमती धातुएं निवेशकों के लिए सुरक्षित ठिकाने के रूप में उभरती नजर आ रही हैं।