Shatrughan Sinha पहुँचे Bombay High Court! अपनी आवाज, नाम और 'पर्सनैलिटी राइट्स' के दुरुपयोग पर लगाई रोक की मांग

बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता और तृणमूल कांग्रेस के लोकसभा सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने अपने व्यक्तित्व अधिकारों (Personality Rights) की सुरक्षा के लिए बॉम्बे हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। सिन्हा ने याचिका दायर कर उनके नाम, छवि और उनके प्रतिष्ठित डायलॉग "खामोश!" के व्यापक ऑनलाइन दुरुपयोग को रोकने की मांग की है। इसे भी पढ़ें: Check Bounce Case | Rajpal Yadav को Delhi High Court से मिली बेल, तिहाड़ जेल से आएंगे बाहरकोर्ट ने आदेश सुरक्षित रखान्यायूमूर्ति शर्मिला देशमुख ने इस मामले में शत्रुघ्न सिन्हा की अंतरिम रोक (Interim Injunction) की याचिका पर सुनवाई पूरी कर अपना आदेश सुरक्षित रख लिया है। यह मुकदमा उनके बेटे लव सिन्हा के माध्यम से अज्ञात व्यक्तियों (John Doe), मेटा (फेसबुक/इंस्टाग्राम), एक्स (ट्विटर), गूगल और विभिन्न ई-कॉमर्स साइटों के खिलाफ दायर किया गया है। सिन्हा (79) ने ऐसी सभी वेबसाइट्स के खिलाफ अंतरिम निषेधाज्ञा आदेश का अनुरोध किया, जिसमें उन्हें उनके नाम, छवि, व्यक्तित्व और व्यवहार शैली का उपयोग करने से रोका गया। याचिका के मुख्य बिंदु और मांगेंशत्रुघ्न सिन्हा ने अपनी याचिका में निम्नलिखित दलीलें पेश की हैं:संवैधानिक अधिकार: उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत निजता के अधिकार और कॉपीराइट अधिनियम के तहत कलाकारों के अधिकारों का हवाला दिया है।छवि को नुकसान: याचिका में आरोप लगाया गया है कि उनके प्रदर्शनों को इस तरह से संशोधित किया जा रहा है जो उनकी प्रतिष्ठा के लिए हानिकारक है।व्यावसायिक दुरुपयोग पर रोक: उन्होंने मांग की है कि उनकी अनुमति के बिना उनके नाम, आवाज, तौर-तरीकों (Mannerisms), हस्ताक्षर और मशहूर मुहावरे 'खामोश' का व्यावसायिक उपयोग करने पर स्थायी रोक लगाई जाए।हर्जाना: अभिनेता ने अपने व्यक्तित्व के दुरुपयोग से कमाए गए लाभ या ₹20 करोड़ के हर्जाने का दावा किया है।इसे भी पढ़ें: Assi Movie Review | कनी कुसरुति का दमदार अभिनय, लेकिन सामाजिक ड्रामे में कमजोर पड़ीं Taapsee Pannu  "जनता को गुमराह किया जा रहा है"शत्रुघ्न सिन्हा की ओर से पेश वकील हिरेन कामोद ने तर्क दिया कि दशकों के करियर में अभिनेता ने एक बड़ी साख (Goodwill) बनाई है। उन्होंने कोर्ट को बताया कि:अज्ञात लोग उनके नाम से फर्जी सोशल मीडिया प्रोफाइल चला रहे हैं।उनकी क्लिप्स का उपयोग करके कैरिकेचर बनाए जा रहे हैं और उनके नाम-छवि वाले अनधिकृत उत्पाद (Merchandise) बेचे जा रहे हैं।इन गतिविधियों से जनता को यह भ्रम होता है कि अभिनेता खुद इन उत्पादों या सामग्री से जुड़े हुए हैं, जिससे उनकी छवि धूमिल हो रही है।क्या है पर्सनैलिटी राइट्स? यह किसी प्रसिद्ध व्यक्ति का वह अधिकार है जिसके तहत वह अपनी पहचान (नाम, आवाज, चेहरा) का व्यावसायिक उपयोग नियंत्रित कर सकता है। इससे पहले अमिताभ बच्चन और अनिल कपूर जैसे सितारे भी अपने 'पर्सनैलिटी राइट्स' की सुरक्षा के लिए अदालत से आदेश प्राप्त कर चुके हैं। 

PNSPNS
Feb 17, 2026 - 12:02
 0
Shatrughan Sinha पहुँचे Bombay High Court! अपनी आवाज, नाम और 'पर्सनैलिटी राइट्स' के दुरुपयोग पर लगाई रोक की मांग

बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता और तृणमूल कांग्रेस के लोकसभा सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने अपने व्यक्तित्व अधिकारों (Personality Rights) की सुरक्षा के लिए बॉम्बे हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। सिन्हा ने याचिका दायर कर उनके नाम, छवि और उनके प्रतिष्ठित डायलॉग "खामोश!" के व्यापक ऑनलाइन दुरुपयोग को रोकने की मांग की है।

 

इसे भी पढ़ें: Check Bounce Case | Rajpal Yadav को Delhi High Court से मिली बेल, तिहाड़ जेल से आएंगे बाहर


कोर्ट ने आदेश सुरक्षित रखा

न्यायूमूर्ति शर्मिला देशमुख ने इस मामले में शत्रुघ्न सिन्हा की अंतरिम रोक (Interim Injunction) की याचिका पर सुनवाई पूरी कर अपना आदेश सुरक्षित रख लिया है। यह मुकदमा उनके बेटे लव सिन्हा के माध्यम से अज्ञात व्यक्तियों (John Doe), मेटा (फेसबुक/इंस्टाग्राम), एक्स (ट्विटर), गूगल और विभिन्न ई-कॉमर्स साइटों के खिलाफ दायर किया गया है। सिन्हा (79) ने ऐसी सभी वेबसाइट्स के खिलाफ अंतरिम निषेधाज्ञा आदेश का अनुरोध किया, जिसमें उन्हें उनके नाम, छवि, व्यक्तित्व और व्यवहार शैली का उपयोग करने से रोका गया।
 

याचिका के मुख्य बिंदु और मांगें

शत्रुघ्न सिन्हा ने अपनी याचिका में निम्नलिखित दलीलें पेश की हैं:

संवैधानिक अधिकार: उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत निजता के अधिकार और कॉपीराइट अधिनियम के तहत कलाकारों के अधिकारों का हवाला दिया है।

छवि को नुकसान: याचिका में आरोप लगाया गया है कि उनके प्रदर्शनों को इस तरह से संशोधित किया जा रहा है जो उनकी प्रतिष्ठा के लिए हानिकारक है।

व्यावसायिक दुरुपयोग पर रोक: उन्होंने मांग की है कि उनकी अनुमति के बिना उनके नाम, आवाज, तौर-तरीकों (Mannerisms), हस्ताक्षर और मशहूर मुहावरे 'खामोश' का व्यावसायिक उपयोग करने पर स्थायी रोक लगाई जाए।

हर्जाना: अभिनेता ने अपने व्यक्तित्व के दुरुपयोग से कमाए गए लाभ या ₹20 करोड़ के हर्जाने का दावा किया है।

इसे भी पढ़ें: Assi Movie Review | कनी कुसरुति का दमदार अभिनय, लेकिन सामाजिक ड्रामे में कमजोर पड़ीं Taapsee Pannu

 

"जनता को गुमराह किया जा रहा है"

शत्रुघ्न सिन्हा की ओर से पेश वकील हिरेन कामोद ने तर्क दिया कि दशकों के करियर में अभिनेता ने एक बड़ी साख (Goodwill) बनाई है। उन्होंने कोर्ट को बताया कि:

अज्ञात लोग उनके नाम से फर्जी सोशल मीडिया प्रोफाइल चला रहे हैं।

उनकी क्लिप्स का उपयोग करके कैरिकेचर बनाए जा रहे हैं और उनके नाम-छवि वाले अनधिकृत उत्पाद (Merchandise) बेचे जा रहे हैं।

इन गतिविधियों से जनता को यह भ्रम होता है कि अभिनेता खुद इन उत्पादों या सामग्री से जुड़े हुए हैं, जिससे उनकी छवि धूमिल हो रही है।

क्या है पर्सनैलिटी राइट्स?

यह किसी प्रसिद्ध व्यक्ति का वह अधिकार है जिसके तहत वह अपनी पहचान (नाम, आवाज, चेहरा) का व्यावसायिक उपयोग नियंत्रित कर सकता है। इससे पहले अमिताभ बच्चन और अनिल कपूर जैसे सितारे भी अपने 'पर्सनैलिटी राइट्स' की सुरक्षा के लिए अदालत से आदेश प्राप्त कर चुके हैं। 

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow