बिहार में नवंबर के पहले सप्ताह में विधानसभा चुनाव होने हैं। राज्य में 06 नवंबर और 11 नवंबर को दो चरणों में चुनाव होने हैं। इसके लिए सभी सियासी दल जोरों से तैयारियों में जुटे हैं। ऐसे में बिहार की सीटों पर सभी पार्टियों की नजर है और इन्हीं में से एक सरायरंजन सीट भी है। जोकि उत्तर बिहार के समस्तीपुर जिले से 13 किमी दूर एक प्रखंड है। इस सीट पर पहले चरण यानी की 06 नवंबर को मतदान होने हैं। यह सीट बिहार के समस्तीपुर जिले के तहत आती है। यह सीट लंबे समय से जेडीयू और उसके नेता विजय कुमार चौधरी का गढ़ रहा है, जोकि वर्तमान में बिहार सरकार में मंत्री भी हैं।
पिछले कुछ सालों में सरायरंजन विधानसभा क्षेत्र में कड़ा राजनीतिक मुकाबला देखने को मिल रहा है। साल 2010 से यह सीट चौधरी का गढ़ रहा है। वहीं पिछले कुछ सालों से उनके प्रदर्शन को देखते हुए जेडीयू ने एक बार फिर से विजय कुमार चौधरी पर भरोसा जताया है। तो वहीं राष्ट्रीय जनता दल ने अरबिंद कुमार सहनी और जन सुराज पार्टी ने साजन कुमार मिश्रा को चुनावी मैदान में उतारा है। ऐसे में इस सीट पर कड़ा मुकाबला होने की संभावना जताई जाती है।
जेडीयू उम्मीदवार
साल 1982 के उपचुनाव में विजय कुमार चौधरी ने दलसिंहसराय से अपनी राजनीतिक पारी की शुरुआत की थी। फिर साल 1985 और 1990 में वह कांग्रेस के टिकट पर विधायक बने थे और साल 1990 में वह कांग्रेस पार्टी के उपसचेतक नियुक्त हुए। वह तत्कालीन सीएम जगन्नाथ मिश्र के करीबी माने गए। नीतीश कुमार के करीबी माने जाने वाले विजय कुमार चौधरी अपने सधे राजनीतिक अनुभव और शांत स्वभाव के लिए भी जाने जाते हैं। वह सरायरंजन विधानसभा सीट से लगातार चौथी बार चुनावी मैदान में उतरने की तैयारी कर रहे हैं।
आरजेडी उम्मीदवार
साल 2020 के विधानसभा चुनाव में आरजेडी के अरविंद कुमार सहनी को इस सीट से हार का सामना करना पड़ा था। ऐसे में इस बार अरविंद कुमार सहनी को इस सीट से कड़ी टक्कर मिलने वाली है। ऐसे में देखना काफी दिलचस्प होगा कि क्या आरजेडी प्रत्याशी अरविंद कुमार सहनी इस सीट से जीत हासिल कर पाएंगे।
जनसुराज पार्टी उम्मीदवार
वहीं प्रशांत किशोर की पार्टी जनसुराज पार्टी ने इस सीट से साजन कुमार मिश्रा पर भरोसा जताया है। उन्होंने तीन दशकों वाली लंबी सियासी पारी खेली है। जोकि उतार-चढ़ाव भरी रहा है। ऐसे में इस सीट से जेडीयू, आरजेडी और जनसुराज पार्टी के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिल सकता है। ऐसे में यह देखना काफी दिलचस्प होगा कि इस सीट पर जनता किस उम्मीदवार पर भरोसा बढ़ेगा।