ओडिशा के पुरी में भगवान जगन्नाथ रथ यात्रा के दौरान मची भगदड़ में तीन लोगों की मौत के बाद राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। घटना पर कार्रवाई करते हुए सरकार ने दो शीर्ष अधिकारियों और पुलिसकर्मियों का तबादला कर दिया है। आपको बता दें, ओडिशा सरकार ने यह फैसला ऐसे समय लिया है जब घटना की जांच चल रही है।
जांच जारी रहते हुए अधिकारियों का तबादला
राज्य सरकार ने पुरी के पुलिस अधीक्षक विनीत अग्रवाल और जिला मजिस्ट्रेट सिद्धार्थ शंकर स्वैन का तबादला कर दिया है। वरिष्ठ अधिकारी पिनाक मिश्रा, जो वर्तमान में एडीजी (क्राइम) हैं, पुरी के एसपी के रूप में फिर से शामिल होंगे, जबकि खुर्दा कलेक्टर चंचल राणा नए जिला मजिस्ट्रेट के रूप में कार्यभार संभालेंगे। एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार माझी ने दो पुलिस अधिकारियों, डीसीपी बिष्णु पति और कमांडेंट अजय पाधी को निलंबित करने की भी घोषणा की।
पुरी रथ यात्रा भगदड़: क्या हुआ?
ओडिशा के पुरी में 29 जून 2025 को भगवान जगन्नाथ की वार्षिक रथ यात्रा के दौरान एक दर्दनाक भगदड़ मच गई। गुंडिचा मंदिर के पास हुई इस घटना में तीन श्रद्धालुओं की मौत हो गई और लगभग 50 अन्य घायल हो गए। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि रथों के पास भीड़-भाड़ वाले क्षेत्र में ट्रकों के घुसने और अत्यधिक भीड़ के कारण यह हादसा हुआ। इस घटना के बाद, ओडिशा सरकार ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए माफी मांगी और दो शीर्ष अधिकारियों व कुछ पुलिसकर्मियों का तबादला कर दिया है। मामले की गहन जांच के आदेश दिए गए हैं, जिसने धार्मिक आयोजनों में भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।