Pune Grand Tour 2026 से भारत की वैश्विक साइक्लिंग में एंट्री, 35 देशों के राइडर मैदान में

पुणे में साइक्लिंग का इतिहास रचा जा रहा है। बता दें कि बजाज पुणे ग्रैंड टूर 2026 भारत की पहली ऐसी पुरुष रोड साइक्लिंग रेस है, जिसे अंतरराष्ट्रीय साइक्लिंग संस्था UCI ने 2.2 श्रेणी में मान्यता दी है। इस पांच दिवसीय प्रतियोगिता के साथ ही भारत पहली बार प्रोफेशनल ग्लोबल साइक्लिंग कैलेंडर का हिस्सा बना।गौरतलब है कि यह रेस 437 किलोमीटर लंबे नए रूट पर आयोजित की जा रही है, जो दक्कन के पठार और सह्याद्री पर्वत श्रृंखला से होकर गुजरती है। इस ट्रैक में तीखे मोड़, खड़ी चढ़ाइयां और तकनीकी रूप से चुनौतीपूर्ण रास्ते शामिल हैं, जो राइडर्स की सहनशक्ति और रणनीति दोनों की परीक्षा लेते हैं।मौजूद जानकारी के अनुसार इस प्रतियोगिता में 29 टीमों के कुल 171 साइक्लिस्ट भाग ले रहे हैं, जो 35 अलग-अलग देशों का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। पुणे, जिसे लंबे समय से “सिटी ऑफ साइकिल्स” के रूप में जाना जाता है, इस आयोजन की मेजबानी कर रहा है। जिला प्रशासन और कई नागरिक संस्थाओं के सहयोग से इस रेस के जरिए पुणे को अंतरराष्ट्रीय साइक्लिंग गंतव्य के तौर पर स्थापित करने की कोशिश की जा रही है।रेस की शुरुआत 19 जनवरी को गुडलक चौक पर 7.5 किलोमीटर के प्रोलॉग से हुई, जिसका मकसद शुरुआती जनरल क्लासिफिकेशन तय करना रहा है। इसके बाद चार स्टेज में रेस पुणे जिले और पश्चिमी घाट के अलग-अलग इलाकों से होकर गुजरेगी, जहां स्प्रिंट फिनिश, लंबी चढ़ाइयां और सामरिक मुकाबले देखने को मिलेंगे।20 जनवरी को स्टेज-1 के तहत 87.2 किलोमीटर लंबा मुलशी–मावल माइल्स रूट तय किया जाएगा, जो हिंजवड़ी सहित आईटी कॉरिडोर से होकर गुजरेगा। 21 जनवरी को 105.3 किलोमीटर का मराठा हेरिटेज सर्किट होगा, जिसमें पुरंदर किला, सिंहगढ़ और खड़कवासला झील के आसपास के घाट शामिल हैं। 22 जनवरी को 134 किलोमीटर लंबा वेस्टर्न घाट्स गेटवे स्टेज पुरंदर से बारामती तक चलेगा, जबकि 23 जनवरी को 95 किलोमीटर का पुणे प्राइड लूप शनि वार वाड़ा समेत शहर के प्रमुख स्थलों से होकर समाप्त होगा।यह रेस जियोहॉटस्टार ऐप और वेबसाइट पर लाइव देखी जा सकती है, वहीं स्टार स्पोर्ट्स चैनलों पर इसका सीधा प्रसारण भी उपलब्ध है।भारतीय साइक्लिंग के लिए यह आयोजन इसलिए भी अहम है क्योंकि पूर्व भारतीय क्रिकेट कप्तान महेंद्र सिंह धोनी को इसका गुडविल एंबेसडर बनाया गया है। धोनी की फिटनेस, अनुशासन और सहनशक्ति की छवि इस खेल के मूल्यों से मेल खाती है और इससे युवाओं में साइक्लिंग को लेकर रुचि बढ़ने की उम्मीद की जा रही है।बजाज पुणे ग्रैंड टूर को भारत की अब तक की सबसे बड़ी साइक्लिंग परीक्षा के रूप में देखा जा रहा है। इस बार भारत 12 साइक्लिस्टों की रिकॉर्ड टीम उतार रहा है, जिसकी अगुवाई एशियन चैंपियनशिप के सिल्वर मेडलिस्ट हर्षवीर सिंह सेखों कर रहे हैं। आयोजन से जुड़े अधिकारियों को उम्मीद है कि यह टूर्नामेंट भारतीय साइक्लिंग को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने में अहम भूमिका निभाएगा और आने वाले वर्षों में ऐसे और बड़े आयोजनों का रास्ता खोलेगा।

PNSPNS
Jan 24, 2026 - 11:35
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Pune Grand Tour 2026 से भारत की वैश्विक साइक्लिंग में एंट्री, 35 देशों के राइडर मैदान में
पुणे में साइक्लिंग का इतिहास रचा जा रहा है। बता दें कि बजाज पुणे ग्रैंड टूर 2026 भारत की पहली ऐसी पुरुष रोड साइक्लिंग रेस है, जिसे अंतरराष्ट्रीय साइक्लिंग संस्था UCI ने 2.2 श्रेणी में मान्यता दी है। इस पांच दिवसीय प्रतियोगिता के साथ ही भारत पहली बार प्रोफेशनल ग्लोबल साइक्लिंग कैलेंडर का हिस्सा बना।

गौरतलब है कि यह रेस 437 किलोमीटर लंबे नए रूट पर आयोजित की जा रही है, जो दक्कन के पठार और सह्याद्री पर्वत श्रृंखला से होकर गुजरती है। इस ट्रैक में तीखे मोड़, खड़ी चढ़ाइयां और तकनीकी रूप से चुनौतीपूर्ण रास्ते शामिल हैं, जो राइडर्स की सहनशक्ति और रणनीति दोनों की परीक्षा लेते हैं।

मौजूद जानकारी के अनुसार इस प्रतियोगिता में 29 टीमों के कुल 171 साइक्लिस्ट भाग ले रहे हैं, जो 35 अलग-अलग देशों का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। पुणे, जिसे लंबे समय से “सिटी ऑफ साइकिल्स” के रूप में जाना जाता है, इस आयोजन की मेजबानी कर रहा है। जिला प्रशासन और कई नागरिक संस्थाओं के सहयोग से इस रेस के जरिए पुणे को अंतरराष्ट्रीय साइक्लिंग गंतव्य के तौर पर स्थापित करने की कोशिश की जा रही है।

रेस की शुरुआत 19 जनवरी को गुडलक चौक पर 7.5 किलोमीटर के प्रोलॉग से हुई, जिसका मकसद शुरुआती जनरल क्लासिफिकेशन तय करना रहा है। इसके बाद चार स्टेज में रेस पुणे जिले और पश्चिमी घाट के अलग-अलग इलाकों से होकर गुजरेगी, जहां स्प्रिंट फिनिश, लंबी चढ़ाइयां और सामरिक मुकाबले देखने को मिलेंगे।

20 जनवरी को स्टेज-1 के तहत 87.2 किलोमीटर लंबा मुलशी–मावल माइल्स रूट तय किया जाएगा, जो हिंजवड़ी सहित आईटी कॉरिडोर से होकर गुजरेगा। 21 जनवरी को 105.3 किलोमीटर का मराठा हेरिटेज सर्किट होगा, जिसमें पुरंदर किला, सिंहगढ़ और खड़कवासला झील के आसपास के घाट शामिल हैं। 22 जनवरी को 134 किलोमीटर लंबा वेस्टर्न घाट्स गेटवे स्टेज पुरंदर से बारामती तक चलेगा, जबकि 23 जनवरी को 95 किलोमीटर का पुणे प्राइड लूप शनि वार वाड़ा समेत शहर के प्रमुख स्थलों से होकर समाप्त होगा।

यह रेस जियोहॉटस्टार ऐप और वेबसाइट पर लाइव देखी जा सकती है, वहीं स्टार स्पोर्ट्स चैनलों पर इसका सीधा प्रसारण भी उपलब्ध है।

भारतीय साइक्लिंग के लिए यह आयोजन इसलिए भी अहम है क्योंकि पूर्व भारतीय क्रिकेट कप्तान महेंद्र सिंह धोनी को इसका गुडविल एंबेसडर बनाया गया है। धोनी की फिटनेस, अनुशासन और सहनशक्ति की छवि इस खेल के मूल्यों से मेल खाती है और इससे युवाओं में साइक्लिंग को लेकर रुचि बढ़ने की उम्मीद की जा रही है।

बजाज पुणे ग्रैंड टूर को भारत की अब तक की सबसे बड़ी साइक्लिंग परीक्षा के रूप में देखा जा रहा है। इस बार भारत 12 साइक्लिस्टों की रिकॉर्ड टीम उतार रहा है, जिसकी अगुवाई एशियन चैंपियनशिप के सिल्वर मेडलिस्ट हर्षवीर सिंह सेखों कर रहे हैं। आयोजन से जुड़े अधिकारियों को उम्मीद है कि यह टूर्नामेंट भारतीय साइक्लिंग को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने में अहम भूमिका निभाएगा और आने वाले वर्षों में ऐसे और बड़े आयोजनों का रास्ता खोलेगा।

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