भाजपा के वरिष्ठ नेता और वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल आज यानी की 13 जून को अपना 62वां जन्मदिन मना रहे हैं। पीयूष गोयल को मोदी सरकार के सबसे सफल मंत्रियों में गिना जाता है। इसके अलावा उनको प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विश्वसनीय भी माना जाता है और वह भारतीय जनता पार्टी के भी भरोसेमंद हैं। तो आइए जानते हैं उनके जन्मदिन के मौके पर पीयूष गोयल के जीवन से जुड़ी कुछ रोचक बातों के बारे में...
जन्म और परिवार
महाराष्ट्र के मुंबई में 13 जून 1964 को पीयूष गोयल का जन्म हुआ था। इनके पिता का नाम वेद प्रकाश गोयल था और वह भी बीजेपी से जुड़े थे। वहीं पीयूष गोयल की मां का नाम चंद्रकांता गोयल था। जोकि साल 1990 से लेकर 2004 तक विधायक रही हैं। वहीं पीयूष गोयल के पिता अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में मंत्री रह चुके हैं।
पीयूष गोयल ने शुरूआती शिक्षा पूरी करने के बाद एलएलबी और चार्टर्ड अकाउंट की भी पढ़ाई पूरी की। उन्होंने अपने करियर की शुरूआत स्टेट बैंक ऑफ इंडिया और बैंक ऑफ बड़ौदा में नौकरी के साथ शुरू किया। बाद में वह अपने पिता के रास्ते पर चलकर राजनीति में सक्रिय हुए।
सियासी सफर
बता दें कि अपने 35 साल के लंबे सियासी जीवन में पीयूष गोयल भाजपा के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य भी हैं। उन्होंने राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष सहित कई अहम पदों पर रहे हैं। साल 2010 में पहली बार साल 2010 में पीयूष गोयल राज्यसभा के सदस्य बने। साल 2014 में पीएम मोदी के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी की सरकार आई, तो पीयूष गोयल को स्वतंत्र प्रभार का राज्य मंत्री बनाया गया।
साल 2014 से लेकर 2019 तक पीयूष गोयल कोयला मंत्रालय की जिम्मेदारी निभाई। वहीं साल 2017 में पीयूष गोयल को रेल मंत्रालय जैसे बड़े मंत्रालय की जिम्मेदारी सौंपी गई। पीयूष गोयल के नेतृत्व में रेलवे में कई क्रांतिकारी परिवर्तन देखने को मिले हैं। वहीं साल 2019 में उनको बजय पेश करने का मौका मिला। इस दौरान उस बजट में गोयल के नेतृत्व में कई क्रांतिकारी और बड़े फैसले लिए गए थे।
साल 2021 तक पीयूष गोयल रेल मंत्री रहे, इसके बाद उनको कई मंत्रालयों की जिम्मेदारी सौंपी गई। वर्तमान समय में पीयूष गोयल के पास उपभोक्ता मामले, वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय है। साल 2019 में उनको राज्यसभा का उप नेता बनाया गया। फिर साल 2021 में वह राज्यसभा के नेता सदन बने। पीयूष गोयल एक बेहतरीन वक्ता हैं, जो कई अहम और बड़े मौकों पर पार्टी का पक्ष मजबूती से रखते हैं।