Pakistan Marca-e-Haque | 'मारका-ए-हक' की बरसी पर पाकिस्तानी सेना की हुंकार: भविष्य की आक्रामकता का देंगे निर्णायक जवाब

पिछले साल भारत और पाकिस्तान के बीच हुए चार दिवसीय सैन्य संघर्ष की पहली वर्षगांठ पर पाकिस्तानी सेना ने एक आधिकारिक बयान जारी किया है। पाकिस्तानी सेना ने इस संघर्ष को ‘मारका-ए-हक’ का नाम देते हुए इसे अपने सैन्य इतिहास का एक "निर्णायक अध्याय" करार दिया है। सेना ने स्पष्ट किया है कि वह भविष्य की चुनौतियों और किसी भी प्रकार की आक्रामकता से निपटने के लिए अपनी युद्धक क्षमताओं को लगातार उन्नत कर रही है। पाकिस्तानी सेना ने पिछले साल भारत के साथ चार दिन तक चले सैन्य संघर्ष को ‘मारका-ए-हक’ नाम दिया है। जम्मू कश्मीर के पहलगाम में आतंकवादी हमले में 26 लोगों की मौत होने के बाद भारत ने पिछले साल सात मई को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू किया था। इसके तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकवादियों के नौ ठिकानों पर हमले किए गए थे। इन हमलों में कम से कम 100 आतंकवादी मारे गए थे। इस कार्रवाई के बाद दोनों देशों के बीच तनाव बहुत बढ़ गया था और पाकिस्तान ने भारत की कार्रवाई के जवाब में हमले किए थे, हालांकि उनमें से ज्यादातर को भारतीय सेना ने नाकाम कर दिया था।इसे भी पढ़ें: Explained Story | ईरान-इजरायल युद्ध से मिले भारत को ये 5 सबक, अब पाकिस्तान के बचने का रास्ता बंद! जानें क्या है Operation Sindoor 2.0 दोनों पक्षों के सैन्य अधिकारियों के बीच ‘हॉटलाइन’ पर हुई बातचीत के बाद 10 मई को सैन्य संघर्ष को रोकने पर बनी सहमति के साथ संघर्ष विराम हुआ था। पाकिस्तानी सेना ने ‘रावलपिंडी, 6/7 मई 2026 की मध्यरात्रि’ की तिथि वाले एक बयान में कहा कि सशस्त्र बल बदलते भू-राजनीतिक एवं क्षेत्रीय सुरक्षा माहौल के साथ-साथ शत्रु ताकतों की आक्रामक क्षमता बढ़ाने की कोशिशों से पूरी तरह वाकिफ हैं। बयान में कहा गया, ‘‘सामरिक माहौल लगातार बदल रहा है लेकिन राष्ट्र की रक्षा के लिए पाकिस्तानी सशस्त्र बलों का संकल्प, सतर्कता और प्रतिबद्धता अटूट है।’’इसे भी पढ़ें: Operation Sindoor | एकजुटता का नया प्रतीक, पीएम मोदी की प्रोफाइल फोटो में 'सिंदूर'  इसमें कहा गया, ‘‘पाकिस्तान सशस्त्र बल भविष्य की चुनौतियों से निपटने के लिए जरूरी अहम क्षमताओं, उन्नत प्रौद्योगिकियों और पेशेवर उत्कृष्टता में निवेश करना जारी रखे हुए हैं। वे पहले से कहीं अधिक केंद्रित हैं, भविष्य के युद्धक्षेत्र के लिए तैयार हैं और देश पर थोपी गई किसी भी आक्रामकता का निर्णायक जवाब देने के लिए तत्पर हैं।’’ सेना ने कहा कि पाकिस्तान के खिलाफ हर शत्रुतापूर्ण मंसूबे का उससे कहीं अधिक ताकत, सटीकता और दृढ़ संकल्प के साथ जवाब दिया जाएगा जो पिछले साल चार दिन के संघर्ष के दौरान शत्रु ने देखा था। उसने पाकिस्तान वायु सेना (पीएएफ) की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि यह ऐतिहासिक पड़ाव ‘‘अत्याधुनिक प्रणालियों को समझदारी से शामिल करने और विशिष्ट एवं बड़े बदलाव लाने वाली प्रौद्योगिकियों के त्वरित संचालन के जरिए भविष्य के लिए तैयार वायु शक्ति बनने की पीएएफ की दृढ़ यात्रा को दर्शाता है...।’’ बयान में कहा गया, ‘‘बहु-क्षेत्रीय अभियानों के कुशल इस्तेमाल में महारत हासिल कर पाकिस्तान वायु सेना खुद को भविष्य केंद्रित और सक्षम वायु शक्ति के रूप में लगातार मजबूत कर रही है और आधुनिक हवाई युद्ध की बदलती प्रकृति और मानकों के बीच पाकिस्तान की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए पूरी तरह तैयार है।’’ इसमें कहा गया कि ‘‘अभूतपूर्व दायरे वाले एवं हवाई युद्ध के इतिहास में इन नए अभियानों के सफल संचालन ने न केवल पाकिस्तान वायु सेना की पेशेवर उत्कृष्टता को रेखांकित किया बल्कि पाकिस्तानी राष्ट्र के गौरव, विश्वास और भावना को भी फिर से मजबूत किया।’’ सेना ने कहा कि पाकिस्तान शांति प्रिय देश है और उसके सशस्त्र बल परिपक्व एवं जिम्मेदार रणनीतिक संस्कृति का प्रतिनिधित्व करते हैं। उसने कहा कि पाकिस्तानी सशस्त्र बलों का हर प्रयास, तैयारी और पहल क्षेत्र में शांति बनाए रखने, स्थिरता को बढ़ावा देने और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए समर्पित है।

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May 7, 2026 - 13:59
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Pakistan Marca-e-Haque | 'मारका-ए-हक' की बरसी पर पाकिस्तानी सेना की हुंकार: भविष्य की आक्रामकता का देंगे निर्णायक जवाब

पिछले साल भारत और पाकिस्तान के बीच हुए चार दिवसीय सैन्य संघर्ष की पहली वर्षगांठ पर पाकिस्तानी सेना ने एक आधिकारिक बयान जारी किया है। पाकिस्तानी सेना ने इस संघर्ष को ‘मारका-ए-हक’ का नाम देते हुए इसे अपने सैन्य इतिहास का एक "निर्णायक अध्याय" करार दिया है। सेना ने स्पष्ट किया है कि वह भविष्य की चुनौतियों और किसी भी प्रकार की आक्रामकता से निपटने के लिए अपनी युद्धक क्षमताओं को लगातार उन्नत कर रही है।

पाकिस्तानी सेना ने पिछले साल भारत के साथ चार दिन तक चले सैन्य संघर्ष को ‘मारका-ए-हक’ नाम दिया है। जम्मू कश्मीर के पहलगाम में आतंकवादी हमले में 26 लोगों की मौत होने के बाद भारत ने पिछले साल सात मई को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू किया था। इसके तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकवादियों के नौ ठिकानों पर हमले किए गए थे। इन हमलों में कम से कम 100 आतंकवादी मारे गए थे। इस कार्रवाई के बाद दोनों देशों के बीच तनाव बहुत बढ़ गया था और पाकिस्तान ने भारत की कार्रवाई के जवाब में हमले किए थे, हालांकि उनमें से ज्यादातर को भारतीय सेना ने नाकाम कर दिया था।

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दोनों पक्षों के सैन्य अधिकारियों के बीच ‘हॉटलाइन’ पर हुई बातचीत के बाद 10 मई को सैन्य संघर्ष को रोकने पर बनी सहमति के साथ संघर्ष विराम हुआ था। पाकिस्तानी सेना ने ‘रावलपिंडी, 6/7 मई 2026 की मध्यरात्रि’ की तिथि वाले एक बयान में कहा कि सशस्त्र बल बदलते भू-राजनीतिक एवं क्षेत्रीय सुरक्षा माहौल के साथ-साथ शत्रु ताकतों की आक्रामक क्षमता बढ़ाने की कोशिशों से पूरी तरह वाकिफ हैं। बयान में कहा गया, ‘‘सामरिक माहौल लगातार बदल रहा है लेकिन राष्ट्र की रक्षा के लिए पाकिस्तानी सशस्त्र बलों का संकल्प, सतर्कता और प्रतिबद्धता अटूट है।’’

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इसमें कहा गया, ‘‘पाकिस्तान सशस्त्र बल भविष्य की चुनौतियों से निपटने के लिए जरूरी अहम क्षमताओं, उन्नत प्रौद्योगिकियों और पेशेवर उत्कृष्टता में निवेश करना जारी रखे हुए हैं। वे पहले से कहीं अधिक केंद्रित हैं, भविष्य के युद्धक्षेत्र के लिए तैयार हैं और देश पर थोपी गई किसी भी आक्रामकता का निर्णायक जवाब देने के लिए तत्पर हैं।’’

सेना ने कहा कि पाकिस्तान के खिलाफ हर शत्रुतापूर्ण मंसूबे का उससे कहीं अधिक ताकत, सटीकता और दृढ़ संकल्प के साथ जवाब दिया जाएगा जो पिछले साल चार दिन के संघर्ष के दौरान शत्रु ने देखा था। उसने पाकिस्तान वायु सेना (पीएएफ) की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि यह ऐतिहासिक पड़ाव ‘‘अत्याधुनिक प्रणालियों को समझदारी से शामिल करने और विशिष्ट एवं बड़े बदलाव लाने वाली प्रौद्योगिकियों के त्वरित संचालन के जरिए भविष्य के लिए तैयार वायु शक्ति बनने की पीएएफ की दृढ़ यात्रा को दर्शाता है...।’’

बयान में कहा गया, ‘‘बहु-क्षेत्रीय अभियानों के कुशल इस्तेमाल में महारत हासिल कर पाकिस्तान वायु सेना खुद को भविष्य केंद्रित और सक्षम वायु शक्ति के रूप में लगातार मजबूत कर रही है और आधुनिक हवाई युद्ध की बदलती प्रकृति और मानकों के बीच पाकिस्तान की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए पूरी तरह तैयार है।’’ इसमें कहा गया कि ‘‘अभूतपूर्व दायरे वाले एवं हवाई युद्ध के इतिहास में इन नए अभियानों के सफल संचालन ने न केवल पाकिस्तान वायु सेना की पेशेवर उत्कृष्टता को रेखांकित किया बल्कि पाकिस्तानी राष्ट्र के गौरव, विश्वास और भावना को भी फिर से मजबूत किया।’’

सेना ने कहा कि पाकिस्तान शांति प्रिय देश है और उसके सशस्त्र बल परिपक्व एवं जिम्मेदार रणनीतिक संस्कृति का प्रतिनिधित्व करते हैं। उसने कहा कि पाकिस्तानी सशस्त्र बलों का हर प्रयास, तैयारी और पहल क्षेत्र में शांति बनाए रखने, स्थिरता को बढ़ावा देने और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए समर्पित है।

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