Online Pharmacy vs Offline Chemist की जंग, देशव्यापी हड़ताल का दिखा मिला-जुला असर

ऑनलाइन मंचों की अनियमित प्रथाओं और भारी छूट के खिलाफ ऑल इंडिया ऑर्गनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स की एक-दिवसीय हड़ताल मिली-जुली प्रतिक्रिया के साथ शुरू हुई। हालांकि संगठन ने अपने सदस्यों के पूर्ण समर्थन का दावा किया है। ऑल इंडिया ऑर्गनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स (एआईओसीडी) ने कहा कि वह ऑनलाइन दवा कंपनियों (फार्मेसी) के कथित ‘‘अवैध’’ संचालन के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहा है। एआईओसीडी का कहना है कि वह 12.4 लाख दवा विक्रेताओं (केमिस्ट, फार्मासिस्ट) और वितरकों का प्रतिनिधित्व करता है। एआईओसीडी के महासचिव राजीव सिंघल ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘ दवा की सभी दुकानें बंद हैं... हमें हमारी राज्य इकाइयों से जानकारी मिली है कि सभी इस हड़ताल में हिस्सा ले रहे हैं। हमने अस्पतालों के भीतर संचालित ‘नर्सिंग होम फार्मेसियों’ पर कोई दबाव नहीं बनाया है।’’ राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में कुछ संगठित दवा श्रृंखलाओं की दुकानें हालांकि खुली रहीं। एक ‘सेल्स एग्जीक्यूटिव’ ने एआईओसीडी की देशव्यापी हड़ताल के बारे में पूछे जाने पर कहा, ‘‘ हम हड़ताल का हिस्सा नहीं हैं।’’ सिंघल ने दोहराया कि एआईओसीडी जीएसआर 817 और जीएसआर 220 अधिसूचनाओं के खिलाफ विरोध कर रहा है क्योंकि ये प्रभावी रूप से ऑनलाइन दवा विक्रेताओं को नियमित कर रही हैं। उन्होंने कहा कि इससे बिना उचित भौतिक सत्यापन के दवाओं की बिक्री हो रही है। कॉर्पोरेट समर्थित ऑनलाइन कंपनियां भारी छूट दे रही हैं जिससे दुकानदारों को नुकसान हो रहा है। सिंघल ने कहा कि एआईओसीडी अपने सदस्यों के हितों की रक्षा के लिए एक-दिवसीय देशव्यापी हड़ताल के बाद आगे की रणनीति पर विचार करेगा।

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May 22, 2026 - 11:30
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Online Pharmacy vs Offline Chemist की जंग, देशव्यापी हड़ताल का दिखा मिला-जुला असर

ऑनलाइन मंचों की अनियमित प्रथाओं और भारी छूट के खिलाफ ऑल इंडिया ऑर्गनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स की एक-दिवसीय हड़ताल मिली-जुली प्रतिक्रिया के साथ शुरू हुई। हालांकि संगठन ने अपने सदस्यों के पूर्ण समर्थन का दावा किया है। ऑल इंडिया ऑर्गनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स (एआईओसीडी) ने कहा कि वह ऑनलाइन दवा कंपनियों (फार्मेसी) के कथित ‘‘अवैध’’ संचालन के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहा है। एआईओसीडी का कहना है कि वह 12.4 लाख दवा विक्रेताओं (केमिस्ट, फार्मासिस्ट) और वितरकों का प्रतिनिधित्व करता है।

एआईओसीडी के महासचिव राजीव सिंघल ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘ दवा की सभी दुकानें बंद हैं... हमें हमारी राज्य इकाइयों से जानकारी मिली है कि सभी इस हड़ताल में हिस्सा ले रहे हैं। हमने अस्पतालों के भीतर संचालित ‘नर्सिंग होम फार्मेसियों’ पर कोई दबाव नहीं बनाया है।’’ राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में कुछ संगठित दवा श्रृंखलाओं की दुकानें हालांकि खुली रहीं। एक ‘सेल्स एग्जीक्यूटिव’ ने एआईओसीडी की देशव्यापी हड़ताल के बारे में पूछे जाने पर कहा, ‘‘ हम हड़ताल का हिस्सा नहीं हैं।’’

सिंघल ने दोहराया कि एआईओसीडी जीएसआर 817 और जीएसआर 220 अधिसूचनाओं के खिलाफ विरोध कर रहा है क्योंकि ये प्रभावी रूप से ऑनलाइन दवा विक्रेताओं को नियमित कर रही हैं।

उन्होंने कहा कि इससे बिना उचित भौतिक सत्यापन के दवाओं की बिक्री हो रही है। कॉर्पोरेट समर्थित ऑनलाइन कंपनियां भारी छूट दे रही हैं जिससे दुकानदारों को नुकसान हो रहा है। सिंघल ने कहा कि एआईओसीडी अपने सदस्यों के हितों की रक्षा के लिए एक-दिवसीय देशव्यापी हड़ताल के बाद आगे की रणनीति पर विचार करेगा।

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