Norway Chess 2025: डी गुकेश ने मैग्नस कार्लसन को दी मात, हार के बाद हताश दिखा पूर्व वर्ल्ड नंबर-1

वर्ल्ड चैंपियन डी गुकेश ने नॉर्वे चेस 2025 टूर्नामेंट के छठे दौर में पूर्व वर्ल्ड नंबर वन मैग्नस कार्लस को अपने करियर में पहली बार क्लासिक टाइम कंट्रोल में हराया और बेहतरीन जीत अपने नाम की। सफेद मोहरों से खेलते हुए भारत के युवा खिलाड़ी ने दबाव में भी गेम पर अपनी पकड़ बनाए रखी और आखिरी राउंड में 34 वर्षीय नॉर्वेजियन ग्रैंडमास्टर की दुर्लभ गलती का फायदा उठाते हुए इसे पल का यादगार बनाया। स्टावेंजर में घरेलू दर्शकों के सामने खेल रहे कार्लसन गेम में ज्यादा तर समय गुकेश के खिलाफ अपर हैंड बनाए हुए थे और अच्छी स्थिति में दिख रहे थे। वहीं गुकेश ने अनुशासन और धैर्य का बेहतरीन परिचय देते हुए हर चाल का बचाव किया और फिर सटीक जवाबी हमले से खेल का रुख अपनी ओर मोड़ दिया। इस टूर्नामेंट में टाइम कंट्रोल का नियम लागू होता है यानी यहां बिना समय लिए तेजी से अपनी चालें चलनी होती है। कार्लसन टूर्नामेंट के इसी नियम के कारण लड़खड़ा गए और उनकी इस कमजोर का गुकेश ने बखूबी फायदा उठाया। गेम के आखिरी राउंड में उन्हें मात दी। इस जीत से गुकेश बेहद खुश दिखे। प्लेइंग एरिना की लॉबी में उन्होंने अपने लंबे समय के पोलिश कोच ग्रेजगोर्ज गजेव्स्की को जोरदार हाई पंच के साथ स्वागत किया।बता दें कि, ये गुकेश के लिए कमबैक विन रही, जो नॉर्वे चेस के पहले दौर में काले मोहरों से खेलते हुए मैग्नस कार्लसन से हार गए थे। ये 6 खिलाड़ियों की राउंड-रॉबिन प्रतियोगिता है। नॉर्वे चेस टूर्नामेंट में दो सालों में ये दूसरी बार है जब किसी युवा भारतीय खिलाड़ी ने क्लासिक फॉर्मेट में कार्लसन को मात दी हो। पिछले साल आर प्रग्गनानंदा ने उन्हें इसी टूर्नामेंट में मात दी थी। इस साल मौजूदा वर्ल्ड चैंपियन डी गुकेश ने कार्लसन को हराया है।   OH MY GOD ???????????? pic.twitter.com/QSbbrvQFkE— Norway Chess (@NorwayChess) June 1, 2025

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Jun 3, 2025 - 03:30
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Norway Chess 2025: डी गुकेश ने मैग्नस कार्लसन को दी मात, हार के बाद हताश दिखा पूर्व वर्ल्ड नंबर-1

वर्ल्ड चैंपियन डी गुकेश ने नॉर्वे चेस 2025 टूर्नामेंट के छठे दौर में पूर्व वर्ल्ड नंबर वन मैग्नस कार्लस को अपने करियर में पहली बार क्लासिक टाइम कंट्रोल में हराया और बेहतरीन जीत अपने नाम की। सफेद मोहरों से खेलते हुए भारत के युवा खिलाड़ी ने दबाव में भी गेम पर अपनी पकड़ बनाए रखी और आखिरी राउंड में 34 वर्षीय नॉर्वेजियन ग्रैंडमास्टर की दुर्लभ गलती का फायदा उठाते हुए इसे पल का यादगार बनाया। स्टावेंजर में घरेलू दर्शकों के सामने खेल रहे कार्लसन गेम में ज्यादा तर समय गुकेश के खिलाफ अपर हैंड बनाए हुए थे और अच्छी स्थिति में दिख रहे थे। 

वहीं गुकेश ने अनुशासन और धैर्य का बेहतरीन परिचय देते हुए हर चाल का बचाव किया और फिर सटीक जवाबी हमले से खेल का रुख अपनी ओर मोड़ दिया। इस टूर्नामेंट में टाइम कंट्रोल का नियम लागू होता है यानी यहां बिना समय लिए तेजी से अपनी चालें चलनी होती है। कार्लसन टूर्नामेंट के इसी नियम के कारण लड़खड़ा गए और उनकी इस कमजोर का गुकेश ने बखूबी फायदा उठाया। गेम के आखिरी राउंड में उन्हें मात दी। इस जीत से गुकेश बेहद खुश दिखे। प्लेइंग एरिना की लॉबी में उन्होंने अपने लंबे समय के पोलिश कोच ग्रेजगोर्ज गजेव्स्की को जोरदार हाई पंच के साथ स्वागत किया।

बता दें कि, ये गुकेश के लिए कमबैक विन रही, जो नॉर्वे चेस के पहले दौर में काले मोहरों से खेलते हुए मैग्नस कार्लसन से हार गए थे। ये 6 खिलाड़ियों की राउंड-रॉबिन प्रतियोगिता है। नॉर्वे चेस टूर्नामेंट में दो सालों में ये दूसरी बार है जब किसी युवा भारतीय खिलाड़ी ने क्लासिक फॉर्मेट में कार्लसन को मात दी हो। पिछले साल आर प्रग्गनानंदा ने उन्हें इसी टूर्नामेंट में मात दी थी। इस साल मौजूदा वर्ल्ड चैंपियन डी गुकेश ने कार्लसन को हराया है।  

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