Modi Cabinet का बड़ा फैसला, Infra-Aviation सेक्टर को 39,290 Cr का Booster डोज, बदलेगी देश की तस्वीर

केंद्र सरकार ने देश के परिवहन और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने करीब 39,290 करोड़ रुपये की लागत वाली कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं और योजनाओं को मंजूरी दी है। मौजूद जानकारी के अनुसार इन फैसलों का असर विमानन, सड़क परिवहन और शहरी आवाजाही जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर पड़ने वाला है।बता दें कि मंत्रिमंडल की बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इन फैसलों की जानकारी दी। सरकार ने विमानन क्षेत्र को राहत देने के लिए 10,000 करोड़ रुपये के विमान टरबाइन ईंधन मूल्य स्थिरीकरण कोष के गठन को मंजूरी दी है। गौरतलब है कि हाल के वर्षों में विमान ईंधन की कीमतों में लगभग ढाई गुना तक बढ़ोतरी देखी गई है, जिससे विमानन कंपनियों की लागत पर काफी दबाव पड़ा था।सरकार ने घरेलू उड़ानों के लिए विमान ईंधन की कीमत 75.6 रुपये प्रति लीटर तक सीमित रखने का फैसला किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे विमानन कंपनियों को परिचालन लागत नियंत्रित करने में मदद मिलेगी। यह भी उल्लेखनीय है कि किसी भी विमानन कंपनी के कुल खर्च का लगभग 40 प्रतिशत हिस्सा ईंधन पर खर्च होता है। इसी वजह से इस घोषणा के बाद देश की प्रमुख निजी विमानन कंपनी इंडिगो का संचालन करने वाली इंटरग्लोब एविएशन के शेयरों में भी तेजी देखने को मिली है।इसके अलावा राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में प्रदूषण कम करने के उद्देश्य से 5,041 करोड़ रुपये की नई योजना को मंजूरी दी गई है। इस योजना के तहत दिल्ली में पुराने ट्रकों और बसों को चरणबद्ध तरीके से हटाकर नए मानक वाले या विद्युत चालित वाहनों से बदला जाएगा। सरकार का लक्ष्य लगभग 1.9 लाख ट्रकों और 16 हजार बसों को बदलना है।मौजूद जानकारी के अनुसार इस योजना के तहत वाहन मालिकों को कई तरह की सुविधाएं दी जाएंगी। नए वाहन खरीदने पर ऋण के ब्याज में सहायता मिलेगी, पांच वर्षों तक मासिक ईंधन वाउचर दिए जाएंगे और वाहन निर्माता कंपनियां भी विशेष छूट प्रदान करेंगी। इसके साथ ही राज्य सरकारें मोटर वाहन कर में पूरी छूट और पंजीकरण शुल्क माफ करने जैसी सुविधाएं भी देंगी।सड़क अवसंरचना के क्षेत्र में भी कई बड़े फैसले लिए गए हैं। मंत्रिमंडल ने 8,301 करोड़ रुपये की लागत वाले रामेश्वर-कोणार्क-पारादीप तटीय राजमार्ग परियोजना को मंजूरी दी है। इसके अलावा बिहार में खगड़िया से पूर्णिया खंड को चार लेन में विकसित करने के लिए 3,936 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं।तेलंगाना में राष्ट्रीय राजमार्ग-63 और राष्ट्रीय राजमार्ग-563 के चार लेन विस्तार के लिए 7,597 करोड़ रुपये की परियोजना को भी हरी झंडी मिली है। वहीं मध्य प्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्ग-347बी के उन्नयन के लिए 4,415 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।विशेषज्ञों का मानना है कि इन परियोजनाओं से न केवल परिवहन व्यवस्था बेहतर होगी बल्कि रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। साथ ही माल परिवहन की गति में सुधार होगा और क्षेत्रीय विकास को भी नई रफ्तार मिलेगी। सरकार का कहना है कि इन योजनाओं का उद्देश्य देश की आर्थिक गतिविधियों को मजबूत करना, प्रदूषण कम करना और आधुनिक परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा देना है।

PNSPNS
Jun 4, 2026 - 09:13
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Modi Cabinet का बड़ा फैसला, Infra-Aviation सेक्टर को 39,290 Cr का Booster डोज, बदलेगी देश की तस्वीर
केंद्र सरकार ने देश के परिवहन और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने करीब 39,290 करोड़ रुपये की लागत वाली कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं और योजनाओं को मंजूरी दी है। मौजूद जानकारी के अनुसार इन फैसलों का असर विमानन, सड़क परिवहन और शहरी आवाजाही जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर पड़ने वाला है।

बता दें कि मंत्रिमंडल की बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इन फैसलों की जानकारी दी। सरकार ने विमानन क्षेत्र को राहत देने के लिए 10,000 करोड़ रुपये के विमान टरबाइन ईंधन मूल्य स्थिरीकरण कोष के गठन को मंजूरी दी है। गौरतलब है कि हाल के वर्षों में विमान ईंधन की कीमतों में लगभग ढाई गुना तक बढ़ोतरी देखी गई है, जिससे विमानन कंपनियों की लागत पर काफी दबाव पड़ा था।

सरकार ने घरेलू उड़ानों के लिए विमान ईंधन की कीमत 75.6 रुपये प्रति लीटर तक सीमित रखने का फैसला किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे विमानन कंपनियों को परिचालन लागत नियंत्रित करने में मदद मिलेगी। यह भी उल्लेखनीय है कि किसी भी विमानन कंपनी के कुल खर्च का लगभग 40 प्रतिशत हिस्सा ईंधन पर खर्च होता है। इसी वजह से इस घोषणा के बाद देश की प्रमुख निजी विमानन कंपनी इंडिगो का संचालन करने वाली इंटरग्लोब एविएशन के शेयरों में भी तेजी देखने को मिली है।

इसके अलावा राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में प्रदूषण कम करने के उद्देश्य से 5,041 करोड़ रुपये की नई योजना को मंजूरी दी गई है। इस योजना के तहत दिल्ली में पुराने ट्रकों और बसों को चरणबद्ध तरीके से हटाकर नए मानक वाले या विद्युत चालित वाहनों से बदला जाएगा। सरकार का लक्ष्य लगभग 1.9 लाख ट्रकों और 16 हजार बसों को बदलना है।

मौजूद जानकारी के अनुसार इस योजना के तहत वाहन मालिकों को कई तरह की सुविधाएं दी जाएंगी। नए वाहन खरीदने पर ऋण के ब्याज में सहायता मिलेगी, पांच वर्षों तक मासिक ईंधन वाउचर दिए जाएंगे और वाहन निर्माता कंपनियां भी विशेष छूट प्रदान करेंगी। इसके साथ ही राज्य सरकारें मोटर वाहन कर में पूरी छूट और पंजीकरण शुल्क माफ करने जैसी सुविधाएं भी देंगी।

सड़क अवसंरचना के क्षेत्र में भी कई बड़े फैसले लिए गए हैं। मंत्रिमंडल ने 8,301 करोड़ रुपये की लागत वाले रामेश्वर-कोणार्क-पारादीप तटीय राजमार्ग परियोजना को मंजूरी दी है। इसके अलावा बिहार में खगड़िया से पूर्णिया खंड को चार लेन में विकसित करने के लिए 3,936 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं।

तेलंगाना में राष्ट्रीय राजमार्ग-63 और राष्ट्रीय राजमार्ग-563 के चार लेन विस्तार के लिए 7,597 करोड़ रुपये की परियोजना को भी हरी झंडी मिली है। वहीं मध्य प्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्ग-347बी के उन्नयन के लिए 4,415 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

विशेषज्ञों का मानना है कि इन परियोजनाओं से न केवल परिवहन व्यवस्था बेहतर होगी बल्कि रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। साथ ही माल परिवहन की गति में सुधार होगा और क्षेत्रीय विकास को भी नई रफ्तार मिलेगी। सरकार का कहना है कि इन योजनाओं का उद्देश्य देश की आर्थिक गतिविधियों को मजबूत करना, प्रदूषण कम करना और आधुनिक परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा देना है।

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