Manipur news: महिला की मौत के बाद आदिवासी संगठन के बंद से सामान्य जनजीवन प्रभावित, आईटीएलएफ ने की स्वतंत्र जांच की मांग

मणिपुर के चुराचांदपुर जिले में अज्ञात बंदूकधारियों ने 60 वर्षीय महिला समेत चार लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी। ह हमला दोपहर करीब 2 बजे मोंगजांग गांव के पास हुआ, जब पीड़ित एक कार में यात्रा कर रहे थे। चुराचांदपुर जिला मुख्यालय के एक अन्य अधिकारी ने पीटीआई को बताया कि प्रारंभिक रिपोर्टों से पता चलता है कि उन्हें बहुत नजदीक से गोली मारी गई। लांकि किसी संगठन ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है, लेकिन मौके से 12 से अधिक खाली खोखे बरामद किए गए हैं। अधिकारी के हवाले से रिपोर्ट में कहा गया है कि पीड़ितों की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है। अधिकारियों ने रविवार को बताया कि फरवरी में राष्ट्रपति शासन लागू होने के बाद से मणिपुर में हिंसा में उल्लेखनीय कमी आई है, नागरिकों की मृत्यु और घायल होने की घटनाओं में भारी कमी आई है तथा मादक पदार्थों की जब्ती में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।इसे भी पढ़ें: मणिपुर में लोकप्रिय सरकार बनाने के प्रयास जारी, पूर्व सीएम ने कर दिया बड़ा दावाउन्होंने कहा कि इसके अलावा, मणिपुर पुलिस, असम राइफल्स और अन्य अर्धसैनिक बल भी मई 2023 में हिंसा भड़कने के बाद पुलिस शस्त्रागारों से लूटे गए हजारों हथियारों को बरामद करने के लिए अथक प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अपेक्षाकृत शांति के बावजूद, सुरक्षा बलों के लिए हजारों खोए हुए हथियारों को बरामद करना और जबरन वसूली और छोटे-मोटे अपराधों में शामिल प्रतिबंधित घाटी-आधारित आतंकवादी समूहों की गतिविधियों से निपटना चुनौती बना हुआ है।

PNSPNS
Jul 1, 2025 - 04:30
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Manipur news: महिला की मौत के बाद आदिवासी संगठन के बंद से सामान्य जनजीवन प्रभावित, आईटीएलएफ ने की स्वतंत्र जांच की मांग
मणिपुर के चुराचांदपुर जिले में अज्ञात बंदूकधारियों ने 60 वर्षीय महिला समेत चार लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी। ह हमला दोपहर करीब 2 बजे मोंगजांग गांव के पास हुआ, जब पीड़ित एक कार में यात्रा कर रहे थे। चुराचांदपुर जिला मुख्यालय के एक अन्य अधिकारी ने पीटीआई को बताया कि प्रारंभिक रिपोर्टों से पता चलता है कि उन्हें बहुत नजदीक से गोली मारी गई। लांकि किसी संगठन ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है, लेकिन मौके से 12 से अधिक खाली खोखे बरामद किए गए हैं। अधिकारी के हवाले से रिपोर्ट में कहा गया है कि पीड़ितों की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है। अधिकारियों ने रविवार को बताया कि फरवरी में राष्ट्रपति शासन लागू होने के बाद से मणिपुर में हिंसा में उल्लेखनीय कमी आई है, नागरिकों की मृत्यु और घायल होने की घटनाओं में भारी कमी आई है तथा मादक पदार्थों की जब्ती में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

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उन्होंने कहा कि इसके अलावा, मणिपुर पुलिस, असम राइफल्स और अन्य अर्धसैनिक बल भी मई 2023 में हिंसा भड़कने के बाद पुलिस शस्त्रागारों से लूटे गए हजारों हथियारों को बरामद करने के लिए अथक प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अपेक्षाकृत शांति के बावजूद, सुरक्षा बलों के लिए हजारों खोए हुए हथियारों को बरामद करना और जबरन वसूली और छोटे-मोटे अपराधों में शामिल प्रतिबंधित घाटी-आधारित आतंकवादी समूहों की गतिविधियों से निपटना चुनौती बना हुआ है।

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