Mangalnath Temple: Mangal Dosh से हैं परेशान, Ujjain के इस मंदिर में Bhaat Puja से मिलती है सभी कष्टों से मुक्ति

ज्योतिष शास्त्र में मंगल देव को साहस, ऊर्जा, विवाह और शक्ति का कारक माना जाता है। लेकिन जब कुंडली में मंगल की स्थिति प्रतिकूल होती है, तो इसको 'मंगल दोष' या 'मांगलिक दोष' भी कहा जाता है। ऐसी स्थिति में व्यक्ति के विवाह में देरी, कर्ज, ज्यादा क्रोध और पारिवारिक कलह जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इन समस्याओं के समाधान के लिए भारत में कुछ विशेष मंदिर और उपायों के बारे में बताया गया है। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको उज्जैन में स्थित मंगलनाथ मंदिर के बारे में बताने जा रहे हैं।मंगलनाथ मंदिर, उज्जैनधार्मिक मान्यताओं के मुताबिक मध्य प्रदेश के उज्जैन शहर में स्थित मंगलनाथ मंदिर को मंगल देव का जन्मस्थान माना जाता है। शिप्रा नदी के तट पर स्थित यह मंदिर पूरे विश्व में मंगल दोष के निवारण के लिए प्रमुख केंद्र है।इसे भी पढ़ें: Jakhu Temple: Shimla के Jakhu Temple में आज भी मौजूद हैं Hanuman के पदचिन्ह, संजीवनी से जुड़ा है गहरा रहस्यक्यों खास है पूजापुराणों के मुताबिक मंगल देव की उत्पत्ति भगवान शिव के पसीने की बूंद से हुई थी। यहां की जाने वाली 'भात पूजा' का विशेष महत्व होता है। माना जाता है कि चावल की प्रकृति ठंडी होती है और इससे मंगल देव का उग्र स्वभाव शांत होता है। वहीं भक्तों को मांगलिक दोष के निगेटिव प्रभावों से मुक्ति मिलती है।अत्यंत प्राचीन मंदिरमहाराष्ट्र के जलगांव जिले में स्थित अमलनेर मंगल देव मंदिर भी भक्तों के लिए विशेष श्रद्धा का केंद्र है। यहां मंगल देव की अत्यंत दुर्लभ प्रतिमा स्थापित है। मंगलवार के दिन यहां विशेष अभिषेक और शांति पाठ किया जाता है, जिससे जीवन की बाधाएं दूर होती हैं।मंगल दोष दूर करने के उपायअगर किसी जातक की कुंडली में मंगल भारी है या फिर आप इसके दोष से परेशान हैं, तो आप इन उपायों को अपना सकते हैं।हनुमान जी की शरण में जाएंमंगल देव के इष्ट देव भगवान बजरंगबली हनुमान हैं। इसलिए मंगलवार के दिन हनुमान चालीसा या सुंदरकांड का पाठ करने से मंगल के अशुभ प्रभाव फौरन कम होने लगते हैं।विशेष दानमंगलवार के दिन लाल मसूर की दाल, तांबे के बर्तन, लाल वस्त्र या गुड़ आदि का दान करना बेहद शुभ माना जाता है।मंत्र जापरोजाना 'ऊँ भौमाय नम:' या 'ऊँ अंगारकाय नम:' मंत्र का 108 बार जाप करना चाहिए। इससे मन शांत रहता है और कर्ज से मुक्ति मिलती है।मिट्टी का उपायमंगल को 'भूमि पुत्र' कहा जाता है। मंगल दोष निवारण के लिए मिट्टी के शिवलिंग की पूजा करना शुभ फलदायी होता है।महत्वजो भी लोग मंगल दोष की वजह से वैवाहिक समस्याओं का सामना कर रहे हैं। उनको कम से कम 21 मंगलवार व्रत करना चाहिए। इस दिन नमक का सेवन नहीं करना चाहिए और शाम को हनुमान जी को फलाहार लगाना चाहिए।

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Mar 27, 2026 - 10:48
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Mangalnath Temple: Mangal Dosh से हैं परेशान, Ujjain के इस मंदिर में Bhaat Puja से मिलती है सभी कष्टों से मुक्ति
ज्योतिष शास्त्र में मंगल देव को साहस, ऊर्जा, विवाह और शक्ति का कारक माना जाता है। लेकिन जब कुंडली में मंगल की स्थिति प्रतिकूल होती है, तो इसको 'मंगल दोष' या 'मांगलिक दोष' भी कहा जाता है। ऐसी स्थिति में व्यक्ति के विवाह में देरी, कर्ज, ज्यादा क्रोध और पारिवारिक कलह जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इन समस्याओं के समाधान के लिए भारत में कुछ विशेष मंदिर और उपायों के बारे में बताया गया है। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको उज्जैन में स्थित मंगलनाथ मंदिर के बारे में बताने जा रहे हैं।

मंगलनाथ मंदिर, उज्जैन

धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक मध्य प्रदेश के उज्जैन शहर में स्थित मंगलनाथ मंदिर को मंगल देव का जन्मस्थान माना जाता है। शिप्रा नदी के तट पर स्थित यह मंदिर पूरे विश्व में मंगल दोष के निवारण के लिए प्रमुख केंद्र है।

इसे भी पढ़ें: Jakhu Temple: Shimla के Jakhu Temple में आज भी मौजूद हैं Hanuman के पदचिन्ह, संजीवनी से जुड़ा है गहरा रहस्य


क्यों खास है पूजा

पुराणों के मुताबिक मंगल देव की उत्पत्ति भगवान शिव के पसीने की बूंद से हुई थी। यहां की जाने वाली 'भात पूजा' का विशेष महत्व होता है। माना जाता है कि चावल की प्रकृति ठंडी होती है और इससे मंगल देव का उग्र स्वभाव शांत होता है। वहीं भक्तों को मांगलिक दोष के निगेटिव प्रभावों से मुक्ति मिलती है।

अत्यंत प्राचीन मंदिर

महाराष्ट्र के जलगांव जिले में स्थित अमलनेर मंगल देव मंदिर भी भक्तों के लिए विशेष श्रद्धा का केंद्र है। यहां मंगल देव की अत्यंत दुर्लभ प्रतिमा स्थापित है। मंगलवार के दिन यहां विशेष अभिषेक और शांति पाठ किया जाता है, जिससे जीवन की बाधाएं दूर होती हैं।

मंगल दोष दूर करने के उपाय

अगर किसी जातक की कुंडली में मंगल भारी है या फिर आप इसके दोष से परेशान हैं, तो आप इन उपायों को अपना सकते हैं।

हनुमान जी की शरण में जाएं

मंगल देव के इष्ट देव भगवान बजरंगबली हनुमान हैं। इसलिए मंगलवार के दिन हनुमान चालीसा या सुंदरकांड का पाठ करने से मंगल के अशुभ प्रभाव फौरन कम होने लगते हैं।

विशेष दान

मंगलवार के दिन लाल मसूर की दाल, तांबे के बर्तन, लाल वस्त्र या गुड़ आदि का दान करना बेहद शुभ माना जाता है।

मंत्र जाप

रोजाना 'ऊँ भौमाय नम:' या 'ऊँ अंगारकाय नम:' मंत्र का 108 बार जाप करना चाहिए। इससे मन शांत रहता है और कर्ज से मुक्ति मिलती है।

मिट्टी का उपाय

मंगल को 'भूमि पुत्र' कहा जाता है। मंगल दोष निवारण के लिए मिट्टी के शिवलिंग की पूजा करना शुभ फलदायी होता है।

महत्व

जो भी लोग मंगल दोष की वजह से वैवाहिक समस्याओं का सामना कर रहे हैं। उनको कम से कम 21 मंगलवार व्रत करना चाहिए। इस दिन नमक का सेवन नहीं करना चाहिए और शाम को हनुमान जी को फलाहार लगाना चाहिए।

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