Lovlina Borgohain का बड़ा बयान, कहा- पेरिस ओलंपिक में पदक जीत जाती तो संन्यास ले लेती

लवलीना बोरगोहेन ने अपनी अकादमी पर ध्यान केंद्रित करने के लिए मुक्केबाजी से संन्यास लेने पर विचार किया था, लेकिन पेरिस ओलंपिक खेलों में पदक से चूकने के बाद उन्होंने यह फैसला टाल दिया। असम की यह मुक्केबाज आगामी विश्व चैंपियनशिप से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वापसी करने के लिए तैयार है और उनका लक्ष्य ओलंपिक में दूसरा पदक जीतना है। तोक्यो ओलंपिक की कांस्य पदक विजेता लवलीना पिछले साल अगस्त में पेरिस ओलंपिक खेलों के बाद से अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं से दूर हैं। रिंग से दूर रहने के दौरान उन्होंने अपनी अकादमी स्थापित करने पर ध्यान केंद्रित किया, जिसका उद्घाटन जून में गुवाहाटी में हुआ। लवलीना ने पीटीआई से कहा, ‘‘जब मैंने अपनी अकादमी शुरू करने के बारे में सोचा तो मैंने पेरिस (ओलंपिक) तक खेलने की योजना बनाई थी और उसके बाद मैं संन्यास ले सकती थी लेकिन पेरिस में नतीजा वैसा नहीं रहा जैसा मैंने सोचा था। अगर मैं वहां पदक जीत लेती तो खेल को अलविदा कह सकती थी।’’ फ्रांस की राजधानी में 27 वर्षीय लवलीना लगातार दूसरा ओलंपिक पदक जीतने के बेहद करीब पहुंच गई थी, लेकिन महिला मिडिलवेट (75 किग्रा) वर्ग के क्वार्टर फाइनल में चीन की चैंपियन ली कियान से हार गई। लवलीना से जब पूछा गया कि क्या 2028 में होने वाले ओलंपिक खेल उनका आखिरी टूर्नामेंट हो सकता है, उन्होंने कहा, ‘‘हां ऐसा संभव है। मैं पेरिस ओलंपिक में भी स्वर्ण पदक जीत सकती थी, क्योंकि पोडियम तक पहुंचने वाली सभी खिलाड़ियों को मैं पहले हरा चुकी थी। जिससे मेरे खेल के स्तर का पता चलता है। मैं ओलंपिक पदक जीत सकती हूं।’’ लवलीना चार सितंबर से लिवरपूल में शुरू होने वाली विश्व चैंपियनशिप में भाग लेगी लेकिन उन्होंने स्वीकार किया कि इस प्रतियोगिता के लिए उन्होंने सीमित तैयारी की है। उन्होंने कहा, ‘‘मैं लंबे ब्रेक के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने जा रही हूं। मुझे तैयारी के लिए केवल एक महीने का समय मिला है, इसलिए मैं अपनी सहनशक्ति और ताकत पर भी काम कर रही हूं।

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Sep 1, 2025 - 04:30
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Lovlina Borgohain का बड़ा बयान, कहा- पेरिस ओलंपिक में पदक जीत जाती तो संन्यास ले लेती

लवलीना बोरगोहेन ने अपनी अकादमी पर ध्यान केंद्रित करने के लिए मुक्केबाजी से संन्यास लेने पर विचार किया था, लेकिन पेरिस ओलंपिक खेलों में पदक से चूकने के बाद उन्होंने यह फैसला टाल दिया। असम की यह मुक्केबाज आगामी विश्व चैंपियनशिप से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वापसी करने के लिए तैयार है और उनका लक्ष्य ओलंपिक में दूसरा पदक जीतना है।

तोक्यो ओलंपिक की कांस्य पदक विजेता लवलीना पिछले साल अगस्त में पेरिस ओलंपिक खेलों के बाद से अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं से दूर हैं। रिंग से दूर रहने के दौरान उन्होंने अपनी अकादमी स्थापित करने पर ध्यान केंद्रित किया, जिसका उद्घाटन जून में गुवाहाटी में हुआ।

लवलीना ने पीटीआई से कहा, ‘‘जब मैंने अपनी अकादमी शुरू करने के बारे में सोचा तो मैंने पेरिस (ओलंपिक) तक खेलने की योजना बनाई थी और उसके बाद मैं संन्यास ले सकती थी लेकिन पेरिस में नतीजा वैसा नहीं रहा जैसा मैंने सोचा था। अगर मैं वहां पदक जीत लेती तो खेल को अलविदा कह सकती थी।’’

फ्रांस की राजधानी में 27 वर्षीय लवलीना लगातार दूसरा ओलंपिक पदक जीतने के बेहद करीब पहुंच गई थी, लेकिन महिला मिडिलवेट (75 किग्रा) वर्ग के क्वार्टर फाइनल में चीन की चैंपियन ली कियान से हार गई। लवलीना से जब पूछा गया कि क्या 2028 में होने वाले ओलंपिक खेल उनका आखिरी टूर्नामेंट हो सकता है, उन्होंने कहा, ‘‘हां ऐसा संभव है। मैं पेरिस ओलंपिक में भी स्वर्ण पदक जीत सकती थी, क्योंकि पोडियम तक पहुंचने वाली सभी खिलाड़ियों को मैं पहले हरा चुकी थी। जिससे मेरे खेल के स्तर का पता चलता है। मैं ओलंपिक पदक जीत सकती हूं।’’

लवलीना चार सितंबर से लिवरपूल में शुरू होने वाली विश्व चैंपियनशिप में भाग लेगी लेकिन उन्होंने स्वीकार किया कि इस प्रतियोगिता के लिए उन्होंने सीमित तैयारी की है। उन्होंने कहा, ‘‘मैं लंबे ब्रेक के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने जा रही हूं। मुझे तैयारी के लिए केवल एक महीने का समय मिला है, इसलिए मैं अपनी सहनशक्ति और ताकत पर भी काम कर रही हूं।

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