अरेंज मैरिज हो या लव मैरिज, आजकल हर कपल अपनी शादीशुदा जिंदगी में संघर्ष कर रहा है। अरेंज मैरिज में अनबन होना तो फिर भी समझ आता है, लेकिन हैरानी तब होती है जब लव मैरिज करने वाले जोड़े शादी के तुरंत बाद परेशान रहने लगते हैं। डेटिंग पीरियड चाहे कितना भी लंबा क्यों न रहा हो, शादी होते ही बड़े से बड़े 'सच्चे प्यार' की हवा निकल जाती है। आखिर ऐसा क्या बदल जाता है कि पवित्र बंधन में बंधते ही रिश्तों में कलेश और कड़वाहट शुरू हो जाती है?
शादी के बाद आखिर क्यों बदल जाते हैं रिश्ते?
शादी से पहले पार्टनर अक्सर एक-दूसरे को अपनी सबसे अच्छी साइड ही दिखाते हैं। लेकिन शादी के बाद जब असल जिंदगी की भागदौड़ शुरू होती है, तो छोटी-छोटी आदतों पर भी चिड़चिड़ाहट होने लगती है। जब साथी आपकी हर उम्मीद पर खरा नहीं उतरता, तो मन में उदासी और नाराजगी घर करने लगती है।
जिम्मेदारियों के बोझ तले दब जाता है प्यार?
शादी से पहले कपल्स एक-दूसरे को पूरा समय देते हैं, लेकिन शादी होते ही काम, परिवार और सामाजिक जिम्मेदारियों का बोझ बढ़ जाता है। ऐसे में अक्सर एक पार्टनर को लगने लगता है कि उसे अब पहले जैसा प्यार और अटेंशन नहीं मिल रही। यही एहसास धीरे-धीरे रिश्तों में कड़वाहट घोलने का काम करता है।
पैसा बन जाता है झगड़े की जड़?
रिलेशनशिप के दौरान अक्सर पैसों को लेकर ज्यादा बात नहीं होती, लेकिन शादी के बाद घर का खर्च, बचत और भविष्य की प्लानिंग को लेकर बहस शुरू हो जाती है। अगर पति-पत्नी के खर्च करने के तरीके अलग-अलग हों, तो यह तनाव और बड़े झगड़ों की सबसे बड़ी वजह बन जाता है।
क्यों कम होने लगती है आपसी बातचीत?
अक्सर कपल्स यह सोच लेते हैं कि सामने वाला तो मुझे जानता ही है, उसे हर बात बताने की क्या जरूरत है। यही सोच बातचीत के रास्ते बंद कर देती है। जब मन की बातें साझा नहीं होतीं, तो गलतफहमियां बढ़ने लगती हैं और यह खामोशी धीरे-धीरे रिश्ते की नींव को खोखला कर देती है।
ससुराल और परिवार का कितना होता है असर?
लव मैरिज में कपल्स को लगता है कि उन्हें सिर्फ एक-दूसरे से मतलब है, लेकिन हकीकत में परिवार की भूमिका बहुत बड़ी होती है। ससुराल वालों के साथ तालमेल न बैठ पाना या उनके दखल की वजह से पति-पत्नी के बीच अक्सर तनाव पैदा होने लगता है।
कैसे बचाएं अपना टूटता रिश्ता?
शादी के बाद प्यार को जिंदा रखने के लिए धैर्य और समझदारी सबसे जरूरी है। एक-दूसरे की कमियों को स्वीकार करना और हर मुद्दे पर खुलकर बात करना किसी भी रिश्ते को मजबूत बना सकता है। याद रखें, बातचीत ही हर समस्या का असली समाधान है।