Kishore Kumar Death Anniversary: किशोर दा की जादुई आवाज, जिसने बॉलीवुड को दिए अनमोल नगीने, आज भी हैं सदाबहार

आज ही के दिन यानी की 13 अक्तूबर को सिंगर और अभिनेता किशोर कुमार का निधन हुआ था। किशोर कुमार न सिर्फ एक सिंगर थे, बल्कि बहुमुखी प्रतिभा के धनी कलाकार थे। जिनको प्यार से 'किशोर दा' के नाम से भी जाना जाता था। किशोर दा की आवाज ने न सिर्फ लाखों दिलों को छुआ बल्कि संगीत की दुनिया में अमर हो गई। किशोर कुमार की मखमली आवाज और उसमें ठहराव की अनूठी शैली ने गायक को भारतीय संगीत को पर्याय बना दिया। तो आइए जानते हैं उनकी डेथ एनिवर्सरी के मौके पर सिंगर किशोर कुमार के जीवन से जुड़ी कुछ रोचक बातों के बारे में...जन्म और परिवारमध्य प्रदेश के खंडवा में 04 अगस्त 1929 को किशोर कुमार का जन्म हुआ था। उनका असली नाम आभास कुमार गांगुली था। किशोर कुमार के बड़े भाई बॉलीवुड के मशहूर अभिनेता थे, जिसके कारण किशोर कुमार का रुझान भी सिनेमा की तरफ हुआ। किशोर कुमार ने अपने गानों से दुनिया को अपना दीवाना बना दिया था।इसे भी पढ़ें: Guru Dutt Death Anniversary: बेजोड़ सफलता के बावजूद क्यों बेचैन थे गुरुदत्त, जानें उनकी दर्दनाक कहानीआत्मा में बसा था संगीतशुरुआत में किशोर कुमार को एक्टिंग के लिए प्रोत्साहित किया गया था। लेकिन उनकी आत्मा संगीत में बसी थी। साल 1946 में किशोर कुमार ने फिल्म 'शिकारी' से अभिनय की शुरूआत की। लेकिन किशोर कुमार का अभिनय में मन नहीं लगता था, वह केएल सहगल की तरह गायक बनना चाहते थे। साल 1948 में  खेमचंद्र प्रकाश के संगीत निर्देशन में फिल्म 'जिद्दी' में किशोर दा ने पहला गाना गाया। इसके बाद 'जीने की तमन्ना कौन करे', 'मरने की दुआएं क्यों मांगू' जोकि देव आनंद के लिए था। फिर किशोर कुमार ने गायकी में शानदार सफलता हासिल की और फिर कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा।गाए सदाबहार गीतकिशोर दा एक ऐसी आवाज रहे, जिसने सिनेमा को अनगिनत सदाबहार गीत गाए। जैसे पल-पल दिल के पास, मेरे सपनों की रानी और जिंदगी एक सफर है सुहाना आदि गाए। किशोर दा की गायकी में जादू था, फिर चाहे वह रोमांटिक गीत हों, उदासी भरे या जोश भरे गाने हों। उन्होंने हर भाव को बखूबी पेश किया। किशोर कुमार की आवाज हर इमोशन को जिंदा कर देती थी।कालजयी गीत गाएकिशोर कुमार ने लक्ष्मीकांत प्यारेलाल और आरडी बर्मन जैसे संगीतकारों के साथ मिलकर कई कालजयी गीत गाए। किशोर कुमार का संगीतकार आरडी बर्मन के साथ खास रिश्ता था। दोनों ने 'अमर प्रेम' और 'कटी पतंग' जैसे अनगिनत हिट गीत दिए। बता दें कि किशोर कुमार सिर्फ गायक ही नहीं बल्कि अभिनेता, निर्माता, निर्देशक और संगीतकार भी थे। किशोर दा की फिल्म 'चलती का नाम गाड़ी' और 'झुमरू' आज भी दर्शकों के बीच पॉपुलर है।पर्सनल लाइफकिशोर कुमार का कॉमेडी अवतार और सहज अभिनय जितना दर्शकों का चहेता रहा, उनकी पर्सनल लाइफ उतनी ज्यादा मुश्किल रही थी। किशोर कुमार ने चार शादियां की थीं, जिनमें रुमा घोष, मधुबाला, योगिता बाली और लीना चंदावरकर शामिल थीं। किशोर दा की पर्सनल लाइफ काफी उतार-चढ़ाव भरी रही।मृत्युवहीं 13 अक्तूबर 1987 को दिल का दौरा पड़ने से किशोर कुमार की मृत्यु हो गई।

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Nov 3, 2025 - 17:42
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Kishore Kumar Death Anniversary: किशोर दा की जादुई आवाज, जिसने बॉलीवुड को दिए अनमोल नगीने, आज भी हैं सदाबहार
आज ही के दिन यानी की 13 अक्तूबर को सिंगर और अभिनेता किशोर कुमार का निधन हुआ था। किशोर कुमार न सिर्फ एक सिंगर थे, बल्कि बहुमुखी प्रतिभा के धनी कलाकार थे। जिनको प्यार से 'किशोर दा' के नाम से भी जाना जाता था। किशोर दा की आवाज ने न सिर्फ लाखों दिलों को छुआ बल्कि संगीत की दुनिया में अमर हो गई। किशोर कुमार की मखमली आवाज और उसमें ठहराव की अनूठी शैली ने गायक को भारतीय संगीत को पर्याय बना दिया। तो आइए जानते हैं उनकी डेथ एनिवर्सरी के मौके पर सिंगर किशोर कुमार के जीवन से जुड़ी कुछ रोचक बातों के बारे में...

जन्म और परिवार

मध्य प्रदेश के खंडवा में 04 अगस्त 1929 को किशोर कुमार का जन्म हुआ था। उनका असली नाम आभास कुमार गांगुली था। किशोर कुमार के बड़े भाई बॉलीवुड के मशहूर अभिनेता थे, जिसके कारण किशोर कुमार का रुझान भी सिनेमा की तरफ हुआ। किशोर कुमार ने अपने गानों से दुनिया को अपना दीवाना बना दिया था।

इसे भी पढ़ें: Guru Dutt Death Anniversary: बेजोड़ सफलता के बावजूद क्यों बेचैन थे गुरुदत्त, जानें उनकी दर्दनाक कहानी

आत्मा में बसा था संगीत

शुरुआत में किशोर कुमार को एक्टिंग के लिए प्रोत्साहित किया गया था। लेकिन उनकी आत्मा संगीत में बसी थी। साल 1946 में किशोर कुमार ने फिल्म 'शिकारी' से अभिनय की शुरूआत की। लेकिन किशोर कुमार का अभिनय में मन नहीं लगता था, वह केएल सहगल की तरह गायक बनना चाहते थे। साल 1948 में  खेमचंद्र प्रकाश के संगीत निर्देशन में फिल्म 'जिद्दी' में किशोर दा ने पहला गाना गाया। इसके बाद 'जीने की तमन्ना कौन करे', 'मरने की दुआएं क्यों मांगू' जोकि देव आनंद के लिए था। फिर किशोर कुमार ने गायकी में शानदार सफलता हासिल की और फिर कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा।

गाए सदाबहार गीत

किशोर दा एक ऐसी आवाज रहे, जिसने सिनेमा को अनगिनत सदाबहार गीत गाए। जैसे पल-पल दिल के पास, मेरे सपनों की रानी और जिंदगी एक सफर है सुहाना आदि गाए। किशोर दा की गायकी में जादू था, फिर चाहे वह रोमांटिक गीत हों, उदासी भरे या जोश भरे गाने हों। उन्होंने हर भाव को बखूबी पेश किया। किशोर कुमार की आवाज हर इमोशन को जिंदा कर देती थी।

कालजयी गीत गाए

किशोर कुमार ने लक्ष्मीकांत प्यारेलाल और आरडी बर्मन जैसे संगीतकारों के साथ मिलकर कई कालजयी गीत गाए। किशोर कुमार का संगीतकार आरडी बर्मन के साथ खास रिश्ता था। दोनों ने 'अमर प्रेम' और 'कटी पतंग' जैसे अनगिनत हिट गीत दिए। बता दें कि किशोर कुमार सिर्फ गायक ही नहीं बल्कि अभिनेता, निर्माता, निर्देशक और संगीतकार भी थे। किशोर दा की फिल्म 'चलती का नाम गाड़ी' और 'झुमरू' आज भी दर्शकों के बीच पॉपुलर है।

पर्सनल लाइफ

किशोर कुमार का कॉमेडी अवतार और सहज अभिनय जितना दर्शकों का चहेता रहा, उनकी पर्सनल लाइफ उतनी ज्यादा मुश्किल रही थी। किशोर कुमार ने चार शादियां की थीं, जिनमें रुमा घोष, मधुबाला, योगिता बाली और लीना चंदावरकर शामिल थीं। किशोर दा की पर्सनल लाइफ काफी उतार-चढ़ाव भरी रही।

मृत्यु

वहीं 13 अक्तूबर 1987 को दिल का दौरा पड़ने से किशोर कुमार की मृत्यु हो गई।

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