Khamenei के बाद कौन? Iran के नए Supreme Leader के नाम पर बनी सहमति, जल्द होगा बड़ा ऐलान

अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान की 'असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स' ने देश के अगले सुप्रीम लीडर के नाम पर सहमति बना ली है। अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद से ही यह पद खाली था। असेंबली के सदस्य अयातुल्ला मोहम्मद-महदी मीरबाघेरी ने संकेत दिया है कि नए लीडर के चुनाव के लिए काफी कोशिशें की गई हैं और अब एक सर्वसम्मत राय बन चुकी है, यानी सभी सदस्य एक नाम पर राजी हैं।अयातुल्ला मोहम्मद-महदी मीरबाघेरी के बयान के अनुसार, लीडरशिप तय करने के लिए बहुत कोशिशें की गई हैं और एक निर्णायक और सर्वसम्मत राय पर सहमति बन गई है। इसे भी पढ़ें: Israel की Air Strike में Iran को बड़ा झटका, Isfahan Airport पर F-14 Jets का जखीरा तबाहदेरी पर सफाईनए नेता को चुनने में हो रही देरी को लेकर असेंबली के प्रतिनिधि होज्जातोलसलाम जाफरी ने कहा कि यह समय सभी के लिए कड़वा और अनचाहा है। उन्होंने जनता से धैर्य रखने की अपील करते हुए कहा कि उन्हें उम्मीद है कि लिए गए फैसले से जल्द ही सभी ईरानी लोग संतुष्ट होंगे। उन्होंने यह भी साफ किया कि इस मुश्किल घड़ी में प्रतिनिधियों के इरादों पर शक नहीं किया जाना चाहिए। इसे भी पढ़ें: Iran War के बीच US-UK की दोस्ती में आई दरार, Trump ने पीएम स्टॉर्मर को कहा- अब तुम्हारी मदद नहीं चाहिए37 साल के शासन का अंतईरान के संविधान के मुताबिक, 88 सदस्यों वाली 'असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स' ही नया सुप्रीम लीडर चुनने की ताकत रखती है। अयातुल्ला अली खामेनेई, जो पिछले 37 सालों से ईरान की कमान संभाल रहे थे, 28 फरवरी को तेहरान में एक अमेरिकी हमले में मारे गए थे। उनके बाद अब जिसे भी चुना जाएगा, वह ईरान का तीसरा सुप्रीम लीडर होगा, जिस पर देश को इस युद्ध और संकट की स्थिति से बाहर निकालने की बड़ी जिम्मेदारी होगी।

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Mar 8, 2026 - 20:09
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Khamenei के बाद कौन? Iran के नए Supreme Leader के नाम पर बनी सहमति, जल्द होगा बड़ा ऐलान
अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान की 'असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स' ने देश के अगले सुप्रीम लीडर के नाम पर सहमति बना ली है। अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद से ही यह पद खाली था। असेंबली के सदस्य अयातुल्ला मोहम्मद-महदी मीरबाघेरी ने संकेत दिया है कि नए लीडर के चुनाव के लिए काफी कोशिशें की गई हैं और अब एक सर्वसम्मत राय बन चुकी है, यानी सभी सदस्य एक नाम पर राजी हैं।

अयातुल्ला मोहम्मद-महदी मीरबाघेरी के बयान के अनुसार, लीडरशिप तय करने के लिए बहुत कोशिशें की गई हैं और एक निर्णायक और सर्वसम्मत राय पर सहमति बन गई है।
 

इसे भी पढ़ें: Israel की Air Strike में Iran को बड़ा झटका, Isfahan Airport पर F-14 Jets का जखीरा तबाह


देरी पर सफाई

नए नेता को चुनने में हो रही देरी को लेकर असेंबली के प्रतिनिधि होज्जातोलसलाम जाफरी ने कहा कि यह समय सभी के लिए कड़वा और अनचाहा है। उन्होंने जनता से धैर्य रखने की अपील करते हुए कहा कि उन्हें उम्मीद है कि लिए गए फैसले से जल्द ही सभी ईरानी लोग संतुष्ट होंगे। उन्होंने यह भी साफ किया कि इस मुश्किल घड़ी में प्रतिनिधियों के इरादों पर शक नहीं किया जाना चाहिए।
 

इसे भी पढ़ें: Iran War के बीच US-UK की दोस्ती में आई दरार, Trump ने पीएम स्टॉर्मर को कहा- अब तुम्हारी मदद नहीं चाहिए


37 साल के शासन का अंत

ईरान के संविधान के मुताबिक, 88 सदस्यों वाली 'असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स' ही नया सुप्रीम लीडर चुनने की ताकत रखती है। अयातुल्ला अली खामेनेई, जो पिछले 37 सालों से ईरान की कमान संभाल रहे थे, 28 फरवरी को तेहरान में एक अमेरिकी हमले में मारे गए थे। उनके बाद अब जिसे भी चुना जाएगा, वह ईरान का तीसरा सुप्रीम लीडर होगा, जिस पर देश को इस युद्ध और संकट की स्थिति से बाहर निकालने की बड़ी जिम्मेदारी होगी।

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