Indonesia के सुमात्रा में बाढ़ और भूस्खलन से मरने वालों की संख्या 164 हुई

इंडोनेशिया के सुमात्रा द्वीप पर अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन से मरने वालों की संख्या शुक्रवार को बढ़कर 164 हो गई, जबकि 79 लोग लापता हैं। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अधिकारियों के अनुसार, क्षतिग्रस्त पुल और सड़कों तथा भारी उपकरणों की कमी के कारण बचावकर्मियों को अपने प्रयासों में बाधा आ रही है। राष्ट्रीय आपदा एजेंसी ने बताया कि मानसूनी बारिश के कारण मंगलवार को उत्तरी सुमात्रा प्रांत में नदियों का पानी तटों को तोड़कर फैल गया। सैलाब की वजह से कई गांव तबाह हो गए, 3200 से अधिक मकान व इमारतें जलमग्न हो गए। एजेंसी ने बताया कि लगभग 3,000 विस्थापित परिवारों को सरकारी आश्रय स्थलों में स्थानांतरित किया गया है। उत्तरी सुमात्रा प्रांत में मरने वालों की संख्या बढ़कर 116 हो गई, जबकि आचे में 25 लोगों की मौत हो गई। राष्ट्रीय आपदा न्यूनीकरण एजेंसी के प्रमुख सुहार्यंतो ने बताया कि बचावकर्मियों ने पश्चिमी सुमात्रा से भी 23 शव बरामद किए हैं। पश्चिमी सुमात्रा की आपदा न्यूनीकरण एजेंसी ने बताया कि बाढ़ के कारण 17,000 से ज़्यादा घर जलमग्न हो गए हैं, जिससे लगभग 23,000 निवासियों को अस्थायी आश्रयों में जाना पड़ा। इसके अलावा खेत, पशुधन और सार्वजनिक सुविधाएं भी प्रभावित हुई हैं।

PNSPNS
Nov 29, 2025 - 12:36
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Indonesia के सुमात्रा में बाढ़ और भूस्खलन से मरने वालों की संख्या 164 हुई

इंडोनेशिया के सुमात्रा द्वीप पर अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन से मरने वालों की संख्या शुक्रवार को बढ़कर 164 हो गई, जबकि 79 लोग लापता हैं। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अधिकारियों के अनुसार, क्षतिग्रस्त पुल और सड़कों तथा भारी उपकरणों की कमी के कारण बचावकर्मियों को अपने प्रयासों में बाधा आ रही है।

राष्ट्रीय आपदा एजेंसी ने बताया कि मानसूनी बारिश के कारण मंगलवार को उत्तरी सुमात्रा प्रांत में नदियों का पानी तटों को तोड़कर फैल गया। सैलाब की वजह से कई गांव तबाह हो गए, 3200 से अधिक मकान व इमारतें जलमग्न हो गए।

एजेंसी ने बताया कि लगभग 3,000 विस्थापित परिवारों को सरकारी आश्रय स्थलों में स्थानांतरित किया गया है। उत्तरी सुमात्रा प्रांत में मरने वालों की संख्या बढ़कर 116 हो गई, जबकि आचे में 25 लोगों की मौत हो गई।

राष्ट्रीय आपदा न्यूनीकरण एजेंसी के प्रमुख सुहार्यंतो ने बताया कि बचावकर्मियों ने पश्चिमी सुमात्रा से भी 23 शव बरामद किए हैं। पश्चिमी सुमात्रा की आपदा न्यूनीकरण एजेंसी ने बताया कि बाढ़ के कारण 17,000 से ज़्यादा घर जलमग्न हो गए हैं, जिससे लगभग 23,000 निवासियों को अस्थायी आश्रयों में जाना पड़ा। इसके अलावा खेत, पशुधन और सार्वजनिक सुविधाएं भी प्रभावित हुई हैं।

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