India-EU Partnership की नई उड़ान, FTA से दोगुना होगा ट्रेड, 60 लाख नौकरियों का अवसर

नयी दिल्ली, नौ मई यूरोपीय संघ (ईयू) के राजदूत हर्वे डेल्फिन ने कहा कि भारत और यूरोपीय संघ की साझेदारी असीमित, महत्वाकांक्षी और प्रगतिशील है तथा दोनों पक्षों ने अपने संबंधों को गुणात्मक और रणनीतिक दृष्टि से पूरी तरह नए स्तर पर पहुंचा दिया है। डेल्फिन ने एक कार्यक्रम में अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का यह युद्ध का युग नहीं है वाला संदेश यूरोप के मूल्यों और पहचान के साथ गहराई से मेल खाता है। उन्होंने करीब साढ़े तीन महीने पहले आयोजित भारत-ईयू शिखर सम्मेलन को एक महत्वपूर्ण पड़ाव बताते हुए कहा कि प्रतीकात्मकता, सार्थकता और रणनीतिक महत्व के मेल से ऐतिहासिक परिणाम सामने आए। डेल्फिन ने कहा, ‘‘हमने अपने संबंधों को गुणात्मक और रणनीतिक दृष्टि से पूरी तरह नए स्तर पर पहुंचा दिया है। भारत-यूरोपीय संघ साझेदारी असीमित, महत्वाकांक्षी और प्रगतिशील है।’’ उन्होंने कहा कि यह उपलब्धियां दोनों पक्षों के नेताओं के बीच राजनीतिक विश्वास और प्रतिबद्धता के बिना संभव नहीं थीं। यूरोप दिवस समारोह के दौरान डेल्फिन ने कहा कि अगले पांच वर्षों के लिए संयुक्त रणनीतिक एजेंडा, महत्वाकांक्षी मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर वार्ता का समापन, सुरक्षा एवं रक्षा साझेदारी समझौते पर हस्ताक्षर और आवागमन संबंधी व्यापक ढांचे को अंतिम रूप देना शिखर सम्मेलन की प्रमुख उपलब्धियां रहीं। उन्होंने कहा, ‘‘भारत और यूरोपीय संघ वैश्विक स्थिरता और समृद्धि के लिए काम करने वाले विश्वसनीय साझेदार हैं।’’ दोनों पक्षों के बीच मुक्त व्यापार समझौते को सभी व्यापारिक सौदों की जननी के रूप में देखा जा रहा है। राजदूत ने कहा, हम पहले से ही भारत के प्रमुख व्यापारिक साझेदार हैं। एफटीए लागू होने के बाद, हमें उम्मीद है कि अगले वर्षों में हमारा द्विपक्षीय व्यापार दोगुना हो जाएगा। आर्थिक आंकड़ों का हवाला देते हुए उन्होंने बताया कि लगभग 6,000 यूरोपीय कंपनियां भारत में करीब 60 लाख रोजगार सृजित कर रही हैं। यूरोपीय संघ, एक ब्लॉक के रूप में, वस्तुओं के मामले में भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है। वित्त वर्ष 2024-25 के लिए भारत का ईयू के साथ कुल वस्तु व्यापार लगभग 136 अरब डॉलर रहा। उन्होंने रूस-यूक्रेन युद्ध का उल्लेख करते हुए कहा कि युद्ध भारी मानवीय पीड़ा और आर्थिक नुकसान का कारण बनते हैं। डेल्फिन ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री मोदी का ‘यह युद्ध का युग नहीं है’ वाला संदेश यूरोप के मूल्यों और पहचान से गहराई से मेल खाता है।

PNSPNS
May 10, 2026 - 10:58
 0
India-EU Partnership की नई उड़ान, FTA से दोगुना होगा ट्रेड, 60 लाख नौकरियों का अवसर

नयी दिल्ली, नौ मई यूरोपीय संघ (ईयू) के राजदूत हर्वे डेल्फिन ने कहा कि भारत और यूरोपीय संघ की साझेदारी असीमित, महत्वाकांक्षी और प्रगतिशील है तथा दोनों पक्षों ने अपने संबंधों को गुणात्मक और रणनीतिक दृष्टि से पूरी तरह नए स्तर पर पहुंचा दिया है। डेल्फिन ने एक कार्यक्रम में अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का यह युद्ध का युग नहीं है वाला संदेश यूरोप के मूल्यों और पहचान के साथ गहराई से मेल खाता है। उन्होंने करीब साढ़े तीन महीने पहले आयोजित भारत-ईयू शिखर सम्मेलन को एक महत्वपूर्ण पड़ाव बताते हुए कहा कि प्रतीकात्मकता, सार्थकता और रणनीतिक महत्व के मेल से ऐतिहासिक परिणाम सामने आए।

डेल्फिन ने कहा, ‘‘हमने अपने संबंधों को गुणात्मक और रणनीतिक दृष्टि से पूरी तरह नए स्तर पर पहुंचा दिया है। भारत-यूरोपीय संघ साझेदारी असीमित, महत्वाकांक्षी और प्रगतिशील है।’’ उन्होंने कहा कि यह उपलब्धियां दोनों पक्षों के नेताओं के बीच राजनीतिक विश्वास और प्रतिबद्धता के बिना संभव नहीं थीं। यूरोप दिवस समारोह के दौरान डेल्फिन ने कहा कि अगले पांच वर्षों के लिए संयुक्त रणनीतिक एजेंडा, महत्वाकांक्षी मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर वार्ता का समापन, सुरक्षा एवं रक्षा साझेदारी समझौते पर हस्ताक्षर और आवागमन संबंधी व्यापक ढांचे को अंतिम रूप देना शिखर सम्मेलन की प्रमुख उपलब्धियां रहीं। उन्होंने कहा, ‘‘भारत और यूरोपीय संघ वैश्विक स्थिरता और समृद्धि के लिए काम करने वाले विश्वसनीय साझेदार हैं।’’

दोनों पक्षों के बीच मुक्त व्यापार समझौते को सभी व्यापारिक सौदों की जननी के रूप में देखा जा रहा है। राजदूत ने कहा, हम पहले से ही भारत के प्रमुख व्यापारिक साझेदार हैं। एफटीए लागू होने के बाद, हमें उम्मीद है कि अगले वर्षों में हमारा द्विपक्षीय व्यापार दोगुना हो जाएगा। आर्थिक आंकड़ों का हवाला देते हुए उन्होंने बताया कि लगभग 6,000 यूरोपीय कंपनियां भारत में करीब 60 लाख रोजगार सृजित कर रही हैं।

यूरोपीय संघ, एक ब्लॉक के रूप में, वस्तुओं के मामले में भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है। वित्त वर्ष 2024-25 के लिए भारत का ईयू के साथ कुल वस्तु व्यापार लगभग 136 अरब डॉलर रहा। उन्होंने रूस-यूक्रेन युद्ध का उल्लेख करते हुए कहा कि युद्ध भारी मानवीय पीड़ा और आर्थिक नुकसान का कारण बनते हैं। डेल्फिन ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री मोदी का ‘यह युद्ध का युग नहीं है’ वाला संदेश यूरोप के मूल्यों और पहचान से गहराई से मेल खाता है।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow