Income Tax Alert: ITR-1 और ITR-4 फॉर्म की Online Filing शुरू, जानिए आखिरी तारीख और नए नियम

आयकर विभाग ने आकलन वर्ष 2026-27 के लिए आईटीआर-1 और आईटीआर-4 फॉर्म को ऑनलाइन दाखिल करने की सुविधा शुक्रवार को शुरू कर दी। ये फॉर्म मुख्य रूप से छोटे और मध्यम करदाताओं द्वारा भरे जाते हैं। आयकर विभाग ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि आईटीआर-1 और आईटीआर-4 फॉर्म के लिए एक्सेल यूटिलिटी और ऑनलाइन फाइल करने की सुविधा अब ई-फाइलिंग पोर्टल पर उपलब्ध है। इन दोनों फॉर्म को 30 मार्च को अधिसूचित किया गया था। ऑनलाइन फाइलिंग और एक्सेल यूटिलिटी शुरू होने के साथ ही करदाता अब आयकर रिटर्न दाखिल करना शुरू कर सकते हैं। व्यक्तिगत करदाताओं के लिए आईटीआर-1 दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 जुलाई है, जबकि आईटीआर-4 (गैर-ऑडिट मामलों) के लिए यह समयसीमा 31 अगस्त तय की गई है। आईटीआर-1 (सहज) फॉर्म उन निवासी व्यक्तियों के लिए है, जिनकी सालाना आय 50 लाख रुपये तक है और जिनकी आय वेतन, एक मकान, ब्याज जैसे अन्य स्रोतों और 5,000 रुपये तक की कृषि आय से होती है। इसमें 1.25 लाख रुपये तक के दीर्घकालिक पूंजीगत लाभ (एलटीसीजी) की सूचना भी दी जा सकती है। वहीं, आईटीआर-4 (सुगम) फॉर्म ऐसे व्यक्तियों, हिंदू अविभाजित परिवार (एचयूएफ) और फर्म (एलएलपी को छोड़कर) के लिए है, जिनकी कुल आय 50 लाख रुपये तक है और जिनकी आय व्यवसाय या पेशे से होती है।

PNSPNS
May 15, 2026 - 21:44
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Income Tax Alert: ITR-1 और ITR-4 फॉर्म की Online Filing शुरू, जानिए आखिरी तारीख और नए नियम

आयकर विभाग ने आकलन वर्ष 2026-27 के लिए आईटीआर-1 और आईटीआर-4 फॉर्म को ऑनलाइन दाखिल करने की सुविधा शुक्रवार को शुरू कर दी। ये फॉर्म मुख्य रूप से छोटे और मध्यम करदाताओं द्वारा भरे जाते हैं। आयकर विभाग ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि आईटीआर-1 और आईटीआर-4 फॉर्म के लिए एक्सेल यूटिलिटी और ऑनलाइन फाइल करने की सुविधा अब ई-फाइलिंग पोर्टल पर उपलब्ध है। इन दोनों फॉर्म को 30 मार्च को अधिसूचित किया गया था।

ऑनलाइन फाइलिंग और एक्सेल यूटिलिटी शुरू होने के साथ ही करदाता अब आयकर रिटर्न दाखिल करना शुरू कर सकते हैं। व्यक्तिगत करदाताओं के लिए आईटीआर-1 दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 जुलाई है, जबकि आईटीआर-4 (गैर-ऑडिट मामलों) के लिए यह समयसीमा 31 अगस्त तय की गई है।

आईटीआर-1 (सहज) फॉर्म उन निवासी व्यक्तियों के लिए है, जिनकी सालाना आय 50 लाख रुपये तक है और जिनकी आय वेतन, एक मकान, ब्याज जैसे अन्य स्रोतों और 5,000 रुपये तक की कृषि आय से होती है।

इसमें 1.25 लाख रुपये तक के दीर्घकालिक पूंजीगत लाभ (एलटीसीजी) की सूचना भी दी जा सकती है। वहीं, आईटीआर-4 (सुगम) फॉर्म ऐसे व्यक्तियों, हिंदू अविभाजित परिवार (एचयूएफ) और फर्म (एलएलपी को छोड़कर) के लिए है, जिनकी कुल आय 50 लाख रुपये तक है और जिनकी आय व्यवसाय या पेशे से होती है।

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