क्या आपके साथ भी ऐसा होता है कि दिनभर आप अपनी डाइट का पूरा ख्याल रखते हैं, लेकिन रात होते-होते क्रेविंग्स बढ़ने लगती हैं। रात के समय अचानक कुछ मीठा, चॉकलेट, नमकीन या चिप्स खाने का मन करने लगता है और ऐसा लगता है कि मानो खुद पर कोई कण्ट्रोल ही ना रहा हो।
अगर आपके साथ भी ऐसा होता है, तो आप अकेले नहीं हैं। यह एक ऐसी समस्या है, जिसका सामना हममें से अधिकतर लोग करते हैं। आपको शायद जानकर हैरानी हो, लेकिन रात में अनहेल्दी फूड खाने की तलब के पीछे सिर्फ भूख नहीं, बल्कि हमारे शरीर, हार्माेन और आदतों का भी बड़ा रोल होता है। तो चलिए आज इस लेख में हम इस बारे में बात करते हैं-
दिनभर की थकान रिवार्ड ढूंढने पर मजबूर करती है
जब हम पूरा दिन काम करते हैं तो इससे हमें रात में थकान व तनाव का अहसास होता है। ऐसे में हमारा दिमाग खुद को कोई छोटा सा इनाम देना चाहता है। ऐसे में हम रात में सलाद या कोई हेल्दी फूड नहीं खाना चाहते, बल्कि आइसक्रीम, चॉकलेट, बिस्कुट या नमकीन खाकर खुद को खुशी और संतुष्टि का एहसास देना चाहते हैं।
नींद की कमी से बढ़ सकती है क्रेविंग
अक्सर हमें क्रेविंग्स देर रात होती है। इसका सीधा सा मतलब यही है कि नींद की कमी से भी कहीं ना कहीं क्रेविंग बढ़ती है। अगर आप देर रात तक जागते हैं तो शरीर के कुछ हार्माेन प्रभावित होते हैं। जिसकी वजह से भूख बढ़ाने वाला हार्मोन ज्यादा सक्रिय हो जाता है। ऐसे में रात में बार-बार कुछ खाने का मन करता है।
जरूरत से ज्यादा डाइटिंग
अधिकतर लोग अपनी बॉडी को एक शेप में देखना चाहते हैं और इसलिए दिन में बहुत कम खाते हैं या फिर बेहद स्ट्रिक्ट डाइटिंग करते हैं। ऐसे में रात तक शरीर एनर्जी की कमी महसूस करने लगता है। जिससे अचानक तेज क्रेविंग शुरू हो जाती है और फिर हम खुद को रोक ही नहीं पाते हैं।
रात की क्रेविंग कम करने के लिए क्या करें
अगर आप रात की क्रेविंग को नेचुत तरीके से कण्ट्रोल करना चाहते हैं तो इसके लिए कुछ आसान तरीके आजमाएं।
- दिनभर पर्याप्त प्रोटीन खाएं।
- मील स्किप करने से बचें।
- रात में अच्छी नींद लें।
- तनाव कम करने के लिए खाने की जगह रिलैक्सेशन तकनीक अपनाएं।
- टीवी देखते समय स्नैक खाने की आदत को धीरे-धीरे बदलें।
- मिताली जैन