Gayatri Devi Death Anniversary: जब Indira Gandhi ने राजमाता को कहा 'शीशे की गुड़िया', तिहाड़ जेल तक पहुंची थी रंजिश

आज ही के दिन यानी की 29 जुलाई को पूर्व सांसद व जयपुर के पूर्व राजघराने की सदस्य गायत्री देवी का निधन हो गया था। उन्होंने 90 साल की उम्र में अंतिम सांस ली थी। पहले वह राजकुमारी से महारानी बनीं और फिर राजमाता। बताया जाता है कि वह किसी भी मामले में पूर्व पीएम इंदिरा गांधी से कम नहीं थी। वहीं इंदिरा गांधी के साथ गायत्री देवी का विवाद हमेशा रहा। तो आइए जानते हैं उनकी डेथ एनिवर्सरी के मौके पर गायत्री देवी के जीवन से जुड़ी कुछ रोचक बातों के बारे में...जन्म और परिवारलंदन में 23 मई 1919 को गायत्री देवी का जन्म हुआ था। उनके पिता राजकुमार जितेन्द्र नारायण कूच बिहार के युवराज के छोटे भाई थे। उनकी मां बड़ौदा की राजकुमारी इंदिरा राजे थीं। उन्होंने पहले शांतिनिकेतन और फिर लंदन और स्विट्जरलैंड में अपनी शिक्षा पूरी की। महज 12 साल की उम्र में उन्होंने जयपुर के महाराजा सवाई मानसिंह (द्वितीय) से हुआ था।इसे भी पढ़ें: Ishwar Chandra Vidyasagar Death Anniversary: बंगाल की कुरीतियों को मिटाने वाले महान Social Reformer, जिनकी विरासत आज भी है प्रेरणाराजनीतिक सफरगायत्री देवी ने साल 1962 में लोकसभा चुनाव जीता था। फिर साल 1967 और 1972 का चुनाव जीता। इस दौरान वह स्वतंत्र पार्टी से जुड़ी। गायत्री देवी इंदिरा गांधी की कट्टर विरोधी थीं। साल 1975 में आपातकाल के दौरान उनको तिहाड़ जेल जाना पड़ा था। उन्होंने इंदिरा गांधी से सीधी टक्कर ली, लेकिन समझौता नहीं किया। गायत्री देवी को लालच, धमकी दोनों दी गईं। लेकिन वह झुकी नहीं।बताया जाता है कि संसद में इंदिरा गांधी को गायत्री देवी की मौजूदगी रास नहीं आती थी। इंदिरा गांधी ने उनको 'शीशे की गुड़िया' कह दिया था। गायत्री देवी और इंदिरा गांधी के बीच यह रंजिश आजीवन चलती रही। हालांकि बाद में गायत्री देवी ने राजनीति छोड़ दी थी।मृत्युवहीं गायत्री देवी का साल 2009 में 90 साल की उम्र में निधन हो गया था।

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Aug 3, 2026 - 11:04
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Gayatri Devi Death Anniversary: जब Indira Gandhi ने राजमाता को कहा 'शीशे की गुड़िया', तिहाड़ जेल तक पहुंची थी रंजिश
आज ही के दिन यानी की 29 जुलाई को पूर्व सांसद व जयपुर के पूर्व राजघराने की सदस्य गायत्री देवी का निधन हो गया था। उन्होंने 90 साल की उम्र में अंतिम सांस ली थी। पहले वह राजकुमारी से महारानी बनीं और फिर राजमाता। बताया जाता है कि वह किसी भी मामले में पूर्व पीएम इंदिरा गांधी से कम नहीं थी। वहीं इंदिरा गांधी के साथ गायत्री देवी का विवाद हमेशा रहा। तो आइए जानते हैं उनकी डेथ एनिवर्सरी के मौके पर गायत्री देवी के जीवन से जुड़ी कुछ रोचक बातों के बारे में...

जन्म और परिवार

लंदन में 23 मई 1919 को गायत्री देवी का जन्म हुआ था। उनके पिता राजकुमार जितेन्द्र नारायण कूच बिहार के युवराज के छोटे भाई थे। उनकी मां बड़ौदा की राजकुमारी इंदिरा राजे थीं। उन्होंने पहले शांतिनिकेतन और फिर लंदन और स्विट्जरलैंड में अपनी शिक्षा पूरी की। महज 12 साल की उम्र में उन्होंने जयपुर के महाराजा सवाई मानसिंह (द्वितीय) से हुआ था।

इसे भी पढ़ें: Ishwar Chandra Vidyasagar Death Anniversary: बंगाल की कुरीतियों को मिटाने वाले महान Social Reformer, जिनकी विरासत आज भी है प्रेरणा

राजनीतिक सफर

गायत्री देवी ने साल 1962 में लोकसभा चुनाव जीता था। फिर साल 1967 और 1972 का चुनाव जीता। इस दौरान वह स्वतंत्र पार्टी से जुड़ी। गायत्री देवी इंदिरा गांधी की कट्टर विरोधी थीं। साल 1975 में आपातकाल के दौरान उनको तिहाड़ जेल जाना पड़ा था। उन्होंने इंदिरा गांधी से सीधी टक्कर ली, लेकिन समझौता नहीं किया। गायत्री देवी को लालच, धमकी दोनों दी गईं। लेकिन वह झुकी नहीं।

बताया जाता है कि संसद में इंदिरा गांधी को गायत्री देवी की मौजूदगी रास नहीं आती थी। इंदिरा गांधी ने उनको 'शीशे की गुड़िया' कह दिया था। गायत्री देवी और इंदिरा गांधी के बीच यह रंजिश आजीवन चलती रही। हालांकि बाद में गायत्री देवी ने राजनीति छोड़ दी थी।

मृत्यु

वहीं गायत्री देवी का साल 2009 में 90 साल की उम्र में निधन हो गया था।

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