ED ने अघोषित विदेशी संपत्ति मामले में Jharkhand में एक चार्टर्ड अकाउंटेंट के परिसरों पर छापे मारे

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने विदेश में कथित रूप से अघोषित संपत्ति रखने के मामले में रांची के एक चार्टर्ड अकाउंटेंट और उसके सहयोगियों के खिलाफ मंगलवार को छापे मारे। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि चार्टर्ड अकाउंटेंट और संदिग्ध हवाला ऑपरेटर नरेश कुमार केजरीवाल, उनके कुछ पारिवारिक सदस्यों और सहयोगियों के रांची, मुंबई और सूरत स्थित परिसरों की विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा) के प्रावधानों के तहत तलाशी ली जा रही है।इसे भी पढ़ें: Delhi blast probe: अल-फलाह यूनिवर्सिटी के डायरेक्टर जव्वाद सिद्दीकी पर जांच तेजईडी के अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई आयकर विभाग के निष्कर्षों के आधार पर की गई है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि नरेश कुमार केजरीवाल का संयुक्त अरब अमीरात, नाइजीरिया और अमेरिका में ‘‘अघोषित’’ विदेशी मुखौटा संस्थाओं पर नियंत्रण है, और इनका प्रबंधन भारत से प्रभावी ढंग से किया जाता है।इसे भी पढ़ें: ट्रम्प से 1 बिलियन डॉलर के मानहानि विवाद पर BBC ने मांगी माफी, मानी अपनी गलती उन्होंने बताया कि इन परिसंपत्तियों में 900 करोड़ रुपये से अधिक की अघोषित राशि जमा है और संदेह है कि लगभग 1,500 करोड़ रुपये ‘‘फर्जी’’ ‘टेलीग्राफिक’ हस्तांतरण के माध्यम से भारत में वापस भेजे गए।

PNSPNS
Dec 2, 2025 - 10:41
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ED ने अघोषित विदेशी संपत्ति मामले में Jharkhand में एक चार्टर्ड अकाउंटेंट के परिसरों पर छापे मारे

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने विदेश में कथित रूप से अघोषित संपत्ति रखने के मामले में रांची के एक चार्टर्ड अकाउंटेंट और उसके सहयोगियों के खिलाफ मंगलवार को छापे मारे। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि चार्टर्ड अकाउंटेंट और संदिग्ध हवाला ऑपरेटर नरेश कुमार केजरीवाल, उनके कुछ पारिवारिक सदस्यों और सहयोगियों के रांची, मुंबई और सूरत स्थित परिसरों की विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा) के प्रावधानों के तहत तलाशी ली जा रही है।

इसे भी पढ़ें: Delhi blast probe: अल-फलाह यूनिवर्सिटी के डायरेक्टर जव्वाद सिद्दीकी पर जांच तेज

ईडी के अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई आयकर विभाग के निष्कर्षों के आधार पर की गई है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि नरेश कुमार केजरीवाल का संयुक्त अरब अमीरात, नाइजीरिया और अमेरिका में ‘‘अघोषित’’ विदेशी मुखौटा संस्थाओं पर नियंत्रण है, और इनका प्रबंधन भारत से प्रभावी ढंग से किया जाता है।

इसे भी पढ़ें: ट्रम्प से 1 बिलियन डॉलर के मानहानि विवाद पर BBC ने मांगी माफी, मानी अपनी गलती

उन्होंने बताया कि इन परिसंपत्तियों में 900 करोड़ रुपये से अधिक की अघोषित राशि जमा है और संदेह है कि लगभग 1,500 करोड़ रुपये ‘‘फर्जी’’ ‘टेलीग्राफिक’ हस्तांतरण के माध्यम से भारत में वापस भेजे गए।

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