Donald Trump का ये नया आदेश पूरी दुनिया में ला सकते हैं भूचाल! जानें अब क्या करने वाले हैं अमेरिका के राष्ट्रपति

अमेरिकाके राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने आव्रजन नीति में एक और कड़ा बदलाव करते हुए नया आदेश जारी किया है। इस आदेश के तहत देश में वैध रूप से रह रहे उन हजारों शरणार्थियों को गिरफ्तार किया जा सकता है, जिनके पास अब तक कोई स्थायी आवास (Permanent Address) नहीं है।मिनिसोटा में बृहस्पतिवार को होने वाली संघीय अदालत की सुनवाई से पहले गृह मंत्रालय (डीएचएस) द्वारा दाखिल एक मेमो में कहा गया है कि ‘ग्रीन कार्ड’ के लिए आवेदन करने वाले शरणार्थियों को अपने आवेदनों की समीक्षा के लिए अमेरिका में प्रवेश किए जाने के एक साल बाद संघीय हिरासत में रहना होगा। बुधवार को दाखिल मेमो में कहा गया है कि डीएचएस ‘‘निरीक्षण और जांच प्रक्रिया की अवधि के लिए आव्रजकों को हिरासत में रख सकता है।’’इसे भी पढ़ें: AI Impact Summit | Shashi Tharoor ने एआई शिखर सम्मेलन की सराहना की, बड़े आयोजनों में छोटी-मोटी गड़बड़ियों को सामान्य बताया मानवाधिकार कार्यकर्ता और पुनर्वास समूहों ने इस आदेश की कड़ी आलोचना की है और संभवत: इस आदेश को कानूनी चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा। इस आदेश से पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडन के प्रशासन के दौरान अमेरिका आए लगभग 200,000 शरणार्थियों के बीच भ्रम और भय पैदा हो सकता है। यह आदेश ट्रंप प्रशासन द्वारा आव्रजन पाबंदियों की श्रृंखला में हालिया कार्रवाई है। पिछले साल के अंत में ‘एसोसिएटेड प्रेस’ (एपी) द्वारा प्राप्त एक मेमो में कहा गया था कि ट्रंप प्रशासन बाइडन प्रशासन के दौरान अमेरिका में प्रवेश पाने वाले सभी शरणार्थियों की समीक्षा करने की योजना बना रहा है तथा बाइडन के कार्यकाल के दौरान आए शरणार्थियों के लिए ‘ग्रीन कार्ड’ की मंजूरी तुरंत निलंबित कर दी गई थी।इसे भी पढ़ें: इन 2 देशों से होगी भारत की अगली बड़ी जंग! इजराइल ने क्या खुलासा कर दिया? प्रशासन ने नीति में बदलाव के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा और आर्थिक चिंताओं का हवाला दिया। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि देश में प्रवेश करने वाले शरणार्थियों की पहले से ही व्यापक जांच-पड़ताल की जाती है।ग्रीन कार्ड आवेदकों के लिए नई शर्तेंमिनिसोटा की संघीय अदालत में बृहस्पतिवार को होने वाली सुनवाई से पहले गृह मंत्रालय (DHS) द्वारा दाखिल एक मेमो में स्पष्ट किया गया है कि:अनिवार्य हिरासत: ‘ग्रीन कार्ड’ के लिए आवेदन करने वाले शरणार्थियों को अपने आवेदनों की समीक्षा के दौरान संघीय हिरासत में रहना पड़ सकता है।समय सीमा: यह नियम उन शरणार्थियों पर लागू होगा जिन्हें अमेरिका में प्रवेश किए हुए एक वर्ष से अधिक समय हो गया है।निरीक्षण प्रक्रिया: मेमो के अनुसार, डीएचएस जांच और निरीक्षण की पूरी अवधि तक आव्रजकों को हिरासत में रखने का अधिकार रखता है। पिछली नीतियों की निरंतरतायह आदेश ट्रंप प्रशासन द्वारा आव्रजन पाबंदियों की उस श्रृंखला का हिस्सा है जो सत्ता संभालते ही शुरू कर दी गई थी। पिछले साल के अंत में आए एक अन्य मेमो में भी यह संकेत दिया गया था कि बाइडन प्रशासन के दौरान आए सभी शरणार्थियों की फाइलों की दोबारा समीक्षा की जाएगी और उनके 'ग्रीन कार्ड' की मंजूरी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया था। 

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Feb 20, 2026 - 14:48
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Donald Trump का ये नया आदेश पूरी दुनिया में  ला सकते हैं भूचाल! जानें अब क्या करने वाले हैं अमेरिका के राष्ट्रपति

अमेरिकाके राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने आव्रजन नीति में एक और कड़ा बदलाव करते हुए नया आदेश जारी किया है। इस आदेश के तहत देश में वैध रूप से रह रहे उन हजारों शरणार्थियों को गिरफ्तार किया जा सकता है, जिनके पास अब तक कोई स्थायी आवास (Permanent Address) नहीं है।

मिनिसोटा में बृहस्पतिवार को होने वाली संघीय अदालत की सुनवाई से पहले गृह मंत्रालय (डीएचएस) द्वारा दाखिल एक मेमो में कहा गया है कि ‘ग्रीन कार्ड’ के लिए आवेदन करने वाले शरणार्थियों को अपने आवेदनों की समीक्षा के लिए अमेरिका में प्रवेश किए जाने के एक साल बाद संघीय हिरासत में रहना होगा। बुधवार को दाखिल मेमो में कहा गया है कि डीएचएस ‘‘निरीक्षण और जांच प्रक्रिया की अवधि के लिए आव्रजकों को हिरासत में रख सकता है।’’

इसे भी पढ़ें: AI Impact Summit | Shashi Tharoor ने एआई शिखर सम्मेलन की सराहना की, बड़े आयोजनों में छोटी-मोटी गड़बड़ियों को सामान्य बताया

मानवाधिकार कार्यकर्ता और पुनर्वास समूहों ने इस आदेश की कड़ी आलोचना की है और संभवत: इस आदेश को कानूनी चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा। इस आदेश से पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडन के प्रशासन के दौरान अमेरिका आए लगभग 200,000 शरणार्थियों के बीच भ्रम और भय पैदा हो सकता है। यह आदेश ट्रंप प्रशासन द्वारा आव्रजन पाबंदियों की श्रृंखला में हालिया कार्रवाई है।

पिछले साल के अंत में ‘एसोसिएटेड प्रेस’ (एपी) द्वारा प्राप्त एक मेमो में कहा गया था कि ट्रंप प्रशासन बाइडन प्रशासन के दौरान अमेरिका में प्रवेश पाने वाले सभी शरणार्थियों की समीक्षा करने की योजना बना रहा है तथा बाइडन के कार्यकाल के दौरान आए शरणार्थियों के लिए ‘ग्रीन कार्ड’ की मंजूरी तुरंत निलंबित कर दी गई थी।

इसे भी पढ़ें: इन 2 देशों से होगी भारत की अगली बड़ी जंग! इजराइल ने क्या खुलासा कर दिया?

प्रशासन ने नीति में बदलाव के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा और आर्थिक चिंताओं का हवाला दिया। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि देश में प्रवेश करने वाले शरणार्थियों की पहले से ही व्यापक जांच-पड़ताल की जाती है।

ग्रीन कार्ड आवेदकों के लिए नई शर्तें

मिनिसोटा की संघीय अदालत में बृहस्पतिवार को होने वाली सुनवाई से पहले गृह मंत्रालय (DHS) द्वारा दाखिल एक मेमो में स्पष्ट किया गया है कि:

अनिवार्य हिरासत: ‘ग्रीन कार्ड’ के लिए आवेदन करने वाले शरणार्थियों को अपने आवेदनों की समीक्षा के दौरान संघीय हिरासत में रहना पड़ सकता है।

समय सीमा: यह नियम उन शरणार्थियों पर लागू होगा जिन्हें अमेरिका में प्रवेश किए हुए एक वर्ष से अधिक समय हो गया है।

निरीक्षण प्रक्रिया: मेमो के अनुसार, डीएचएस जांच और निरीक्षण की पूरी अवधि तक आव्रजकों को हिरासत में रखने का अधिकार रखता है। 

पिछली नीतियों की निरंतरता

यह आदेश ट्रंप प्रशासन द्वारा आव्रजन पाबंदियों की उस श्रृंखला का हिस्सा है जो सत्ता संभालते ही शुरू कर दी गई थी। पिछले साल के अंत में आए एक अन्य मेमो में भी यह संकेत दिया गया था कि बाइडन प्रशासन के दौरान आए सभी शरणार्थियों की फाइलों की दोबारा समीक्षा की जाएगी और उनके 'ग्रीन कार्ड' की मंजूरी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया था। 

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