आर्सेनल और एटलेटिको मैड्रिड के बीच चैंपियंस लीग सेमीफाइनल का पहला चरण ड्रॉ पर खत्म हुआ, लेकिन मैच के बाद चर्चा रेफरी के फैसलों को लेकर ज्यादा रही है। मुकाबला 1-1 की बराबरी पर रहा, हालांकि अंत के पलों में आर्सेनल को मिला पेनल्टी का मौका वापस लिए जाने से टीम निराश नजर आई।
मौजूद जानकारी के अनुसार मैच की शुरुआत में आर्सेनल ने बेहतर नियंत्रण दिखाया और पहले हाफ में बढ़त भी बना ली। विक्टर ग्योकेरेस ने पेनल्टी के जरिए गोल कर टीम को आगे किया, जो डेविड हैंको की गलती के कारण मिला था। गौरतलब है कि इस दौरान एटलेटिको की ओर से जूलियन अल्वारेज ने भी कुछ अच्छे मौके बनाए, लेकिन गोल नहीं कर सके।
दूसरे हाफ में मुकाबले का रुख बदलता नजर आया और एटलेटिको मैड्रिड ने दबाव बढ़ाया। बता दें कि बेन व्हाइट के हैंडबॉल के चलते एटलेटिको को पेनल्टी मिली, जिसे जूलियन अल्वारेज ने गोल में बदलकर स्कोर बराबर कर दिया। इसके बाद आर्सेनल की टीम कुछ समय तक दबाव में रही और गोलकीपर डेविड राया को कई अहम बचाव करने पड़े।
गौरतलब है कि मैच के अंतिम चरण में सबसे बड़ा विवाद तब हुआ जब आर्सेनल को एक और पेनल्टी मिली, लेकिन वीडियो समीक्षा के बाद रेफरी ने अपना फैसला बदल दिया। एबेरेची एजे के गिरने पर पहले पेनल्टी दी गई थी, लेकिन बाद में इसे रद्द कर दिया गया, जिससे आर्सेनल को जीत का मौका नहीं मिल सका।
मौजूद जानकारी के अनुसार अतिरिक्त समय में एटलेटिको के पास भी मैच जीतने का अवसर था, लेकिन उनका प्रयास गोल से थोड़ा ऊपर निकल गया। ऐसे में आर्सेनल को ड्रॉ से संतोष करना पड़ा, हालांकि टीम को यह एहसास जरूर होगा कि जीत उनके हाथ से निकल गई।
खिलाड़ियों के प्रदर्शन की बात करें तो गोलकीपर डेविड राया ने शानदार खेल दिखाया और कई महत्वपूर्ण बचाव किए। डिक्लान राइस ने भी मिडफील्ड में प्रभावशाली प्रदर्शन किया, जबकि गेब्रियल मैगलहाएस ने रक्षा पंक्ति में अहम योगदान दिया। वहीं मार्टिन ओडेगार्ड और गेब्रियल मार्टिनेली उम्मीद के मुताबिक असर नहीं छोड़ सके।