Cancer-Diabetes की जांच होगी आसान, उज्जैन में ECDS लगाएगी South Korean Tech वाला मेडिकल प्लांट

टिकाऊ विकास तकनीक के क्षेत्र की ईसीडीएस ने बुधवार को कहा कि वह दक्षिण कोरिया की तीन कंपनियों के साथ बनाए गए संयुक्त उपक्रम के तहत उज्जैन में 780 करोड़ रुपये के शुरुआती निवेश से एक चिकित्सा उपकरण संयंत्र लगाएगी जो भारत में उसका पहला कारखाना होगा। ईसीडीएस की भारतीय शाखा के निदेशक राजेश भारद्वाज ने यहां संवाददाताओं से कहा, हमने उज्जैन की विक्रम उद्योगपुरी के चिकित्सा उपकरण पार्क में 15.60 एकड़ में एक संयंत्र स्थापित करने का प्रस्ताव राज्य सरकार को दिया है जिसमें से 1.5 एकड़ जमीन हमें प्राप्त भी हो चुकी है। यह भारत में हमारी पहली इकाई होगी। भारद्वाज ने कहा, ‘‘हम इस साल 780 करोड़ रुपये के शुरुआती निवेश से इस संयंत्र का निर्माण शुरू करेंगे और अप्रैल, 2027 तक पहले चरण का उत्पादन शुरू हो जाएगा। पहले चरण में करीब 500 लोगों को रोजगार देने का प्रयास किया जाएगा।’’ उन्होंने कहा कि ईसीडीएस ने उज्जैन परियोजना को अमलीजामा पहनाने के लिए दक्षिण कोरिया की तीन कंपनियों के साथ 50-50 प्रतिशत की भागीदारी वाले संयुक्त उपक्रम के तहत हाथ मिलाया है। उन्होंने बताया कि इस संयंत्र में पहले चरण का उत्पादन शुरू होने के तीन साल के भीतर अगले चरण के तहत 1,250 करोड़ रुपये का अतिरिक्त निवेश किया जाएगा। भारद्वाज ने बताया कि भारत में ईसीडीएस की पहली इकाई में कैंसर, किडनी रोगों और मधुमेह जैसी बीमारियों की जांच के लिए किट बनाई जाएंगी और इन उपकरणों का विनिर्माण नैनो फाइबर और बायोमास पॉलिमर तकनीक से किया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि ईसीडीएस ने राज्य सरकार को प्रस्ताव दिया है कि वह वर्ष 2028 के दौरान उज्जैन में लगने वाले सिंहस्थ कुंभ मेले में अत्याधुनिक कृत्रिम मेधा (एआई) प्रौद्योगिकी के जरिये भीड़ प्रबंधन कर सकती है।

PNSPNS
Feb 12, 2026 - 12:44
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Cancer-Diabetes की जांच होगी आसान, उज्जैन में ECDS लगाएगी South Korean Tech वाला मेडिकल प्लांट

टिकाऊ विकास तकनीक के क्षेत्र की ईसीडीएस ने बुधवार को कहा कि वह दक्षिण कोरिया की तीन कंपनियों के साथ बनाए गए संयुक्त उपक्रम के तहत उज्जैन में 780 करोड़ रुपये के शुरुआती निवेश से एक चिकित्सा उपकरण संयंत्र लगाएगी जो भारत में उसका पहला कारखाना होगा। ईसीडीएस की भारतीय शाखा के निदेशक राजेश भारद्वाज ने यहां संवाददाताओं से कहा, हमने उज्जैन की विक्रम उद्योगपुरी के चिकित्सा उपकरण पार्क में 15.60 एकड़ में एक संयंत्र स्थापित करने का प्रस्ताव राज्य सरकार को दिया है जिसमें से 1.5 एकड़ जमीन हमें प्राप्त भी हो चुकी है।

यह भारत में हमारी पहली इकाई होगी। भारद्वाज ने कहा, ‘‘हम इस साल 780 करोड़ रुपये के शुरुआती निवेश से इस संयंत्र का निर्माण शुरू करेंगे और अप्रैल, 2027 तक पहले चरण का उत्पादन शुरू हो जाएगा। पहले चरण में करीब 500 लोगों को रोजगार देने का प्रयास किया जाएगा।’’ उन्होंने कहा कि ईसीडीएस ने उज्जैन परियोजना को अमलीजामा पहनाने के लिए दक्षिण कोरिया की तीन कंपनियों के साथ 50-50 प्रतिशत की भागीदारी वाले संयुक्त उपक्रम के तहत हाथ मिलाया है। उन्होंने बताया कि इस संयंत्र में पहले चरण का उत्पादन शुरू होने के तीन साल के भीतर अगले चरण के तहत 1,250 करोड़ रुपये का अतिरिक्त निवेश किया जाएगा।

भारद्वाज ने बताया कि भारत में ईसीडीएस की पहली इकाई में कैंसर, किडनी रोगों और मधुमेह जैसी बीमारियों की जांच के लिए किट बनाई जाएंगी और इन उपकरणों का विनिर्माण नैनो फाइबर और बायोमास पॉलिमर तकनीक से किया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि ईसीडीएस ने राज्य सरकार को प्रस्ताव दिया है कि वह वर्ष 2028 के दौरान उज्जैन में लगने वाले सिंहस्थ कुंभ मेले में अत्याधुनिक कृत्रिम मेधा (एआई) प्रौद्योगिकी के जरिये भीड़ प्रबंधन कर सकती है।

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