Calcutta High Court ने बैंकों से स्थानीय भाषाओं के इस्तेमाल के संबंध में रिपोर्ट मांगी

कलकत्ता उच्च न्यायालय ने बैंकों से कहा है कि वे अपनी शाखाओं में स्थानीय समेत तीन भाषाओं में जरूरी दस्तावेज प्रकाशित करने से जुड़े आरबीआई के परिपत्र का पालन करने के संबंध में रिपोर्ट दाखिल करें। अदालत को बताया गया कि भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) और कुछ दूसरे बैंकों ने पहले ही अंग्रेजी, हिंदी और संबंधित स्थानीय के इस्तेमाल को लेकर रिपोर्ट दाखिल कर दी है। बांग्ला पोक्खो चैरिटेबल ट्रस्ट ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर पश्चिम बंगाल में बैंकों को आरबीआई के परिपत्र का पालन करने और उनकी सभी शाखाओं में स्थानीय बांग्ला का इस्तेमाल करने का निर्देश देने का अनुरोध किया था। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश सुजॉय पॉल की अध्यक्षता वाली एक खंडपीठ ने निर्देश दिया कि मामला दिसंबर के पहले हफ्ते में फिर से सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया जाए। पीठ ने कहा कि जिन बैंकों ने अब तक अपनी रिपोर्ट दाखिल नहीं की है, वे अगली तारीख से पहले रिपोर्ट दाखिल करें। आरबीआई ने एक जुलाई 2014 को एक परिपत्र के जरिये सरकारी और निजी बैंकों को ग्राहक सेवा से जुड़े दस्तावेज अंग्रेजी, हिंदी और स्थानीय में प्रकाशित करने का निर्देश दिया था।

PNSPNS
Nov 23, 2025 - 21:46
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Calcutta High Court ने बैंकों से स्थानीय भाषाओं के इस्तेमाल के संबंध में रिपोर्ट मांगी

कलकत्ता उच्च न्यायालय ने बैंकों से कहा है कि वे अपनी शाखाओं में स्थानीय समेत तीन भाषाओं में जरूरी दस्तावेज प्रकाशित करने से जुड़े आरबीआई के परिपत्र का पालन करने के संबंध में रिपोर्ट दाखिल करें।

अदालत को बताया गया कि भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) और कुछ दूसरे बैंकों ने पहले ही अंग्रेजी, हिंदी और संबंधित स्थानीय के इस्तेमाल को लेकर रिपोर्ट दाखिल कर दी है।

बांग्ला पोक्खो चैरिटेबल ट्रस्ट ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर पश्चिम बंगाल में बैंकों को आरबीआई के परिपत्र का पालन करने और उनकी सभी शाखाओं में स्थानीय बांग्ला का इस्तेमाल करने का निर्देश देने का अनुरोध किया था।

कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश सुजॉय पॉल की अध्यक्षता वाली एक खंडपीठ ने निर्देश दिया कि मामला दिसंबर के पहले हफ्ते में फिर से सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया जाए। पीठ ने कहा कि जिन बैंकों ने अब तक अपनी रिपोर्ट दाखिल नहीं की है, वे अगली तारीख से पहले रिपोर्ट दाखिल करें।

आरबीआई ने एक जुलाई 2014 को एक परिपत्र के जरिये सरकारी और निजी बैंकों को ग्राहक सेवा से जुड़े दस्तावेज अंग्रेजी, हिंदी और स्थानीय में प्रकाशित करने का निर्देश दिया था।

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