Braj Ki Holi: Mathura-Vrindavan जाने का है Plan, Braj की लट्ठमार होली का पूरा शेड्यूल, देखें सभी Dates

ब्रज की होली एक दिन का त्योहार नहीं बल्कि करीब 40 दिनों तक चलने वाला रंग, भक्ति और उत्साह का महापर्व है। होली का पर्व विशेष रूप से राधा-कृष्ण की लीलाओं, पारंपरिक आयोजनों और फाग गीतों से भरपूर होती है। ब्रज क्षेत्र मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश के वृंदावन, मथुरा, बरसाना, नंदगांव जैसे स्थानों में फैला हुआ है। इस दौरान भव्य रूप से रंगों से सराबोर हो जाता है। ब्रज की होली की शुरूआत बसंत पंचमी से होती है।यह पर्व राधा-कृष्ण के प्रेम को प्रदर्शित करने वाली लीलाओं के रूप में धीरे-धीरे पूरे महीने तक फैलती है। साल 2026 में 23 जनवरी से ब्रज की होली की शुरूआत हो चुकी है। फिर फरवरी और मार्च में विभिन्न स्थानों पर अद्भुत और पारंपरिक होली उत्सव मनाए जाएंगे। ऐसे में अगर आप भी इस महापर्व में शामिल होने का मन बना रहे हैं, तो हम आपको इस आर्टिकल के जरिए उत्सव के शेड्यूल और ब्रज में होने वाले विशेष आयोजनों के बारे में बताने जा रहे हैं।ब्रज होली 2026 के कार्यक्रमों का शेड्यूल25 फरवरी - बरसाना में लड्डू मार होली26 फरवरी - बरसाना में लट्ठमार होली27 फरवरी - नंदगांव में लट्ठमार होली28 फरवरी - वृंदावन में फूलों की होली उत्सव01 मार्च - गोकुल में छड़ी मार होली02 मार्च - गोकुल में होली उत्सव03 मार्च - होलिका दहन04 मार्च - होली का पर्व05 मार्च - दाऊजी मंदिर में हुरंगा होली उत्सवइन बातों का रखें ध्यानहोली के पर्व के दौरान रंग और पानी की वजह से दुर्घटनाओं का खतरा हो सकता है। इसलिए होली खेलने के दौरान सावधानी रखें। रंगों और पानी का उपयोग करते समय चेहरे और खासकर आंखों को बचाकर रखें।बता दें कि ब्रज की होली एक सांस्कृतिक और धार्मिक पर्व है। इसलिए ब्रज के पारंपरिक आयोजनों और मान्यताओं का सम्मान करें।होली खेलने के लिए पुराने और हल्के कपड़े पहनने चाहिए। क्योंकि कपड़ों में रंगों से दाग लग सकते हैं। वहीं हल्के कपड़े पहनें, जिससे कि ज्यादा रंग आपके शरीर पर न चिपके।ब्रज में होली के समय गर्मी और अधिक भीड़ हो सकती है। इसलिए खुद को हाइड्रेटेड रखें और अधिक समय तक धूप में खड़े होने से बचें।ब्रज की होली का धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व है। इसलिए इसके पारंपरिक रूपों को समझने के लिए वहां की संस्कृति और इतिहास के बारे में जानना फायदेमंद रहेगा।क्योंकि होली एक लोकप्रिय पर्व है, इसलिए ब्रज में जाने से पहले ही अपनी यात्रा और आवास बुक कर लें। जिससे कि आपको वहां पर पहुंचने के बाद कोई परेशानी न हो।अगर आप भी ब्रज की होली के खास उत्सवों में भाग लेना चाहते हैं, तो पहले ही जानकारी कर लें कि कहां पर किस दिन कौन सा आयोजन हो रहा है।

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Mar 3, 2026 - 13:02
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Braj Ki Holi: Mathura-Vrindavan जाने का है Plan, Braj की लट्ठमार होली का पूरा शेड्यूल, देखें सभी Dates
ब्रज की होली एक दिन का त्योहार नहीं बल्कि करीब 40 दिनों तक चलने वाला रंग, भक्ति और उत्साह का महापर्व है। होली का पर्व विशेष रूप से राधा-कृष्ण की लीलाओं, पारंपरिक आयोजनों और फाग गीतों से भरपूर होती है। ब्रज क्षेत्र मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश के वृंदावन, मथुरा, बरसाना, नंदगांव जैसे स्थानों में फैला हुआ है। इस दौरान भव्य रूप से रंगों से सराबोर हो जाता है। ब्रज की होली की शुरूआत बसंत पंचमी से होती है।

यह पर्व राधा-कृष्ण के प्रेम को प्रदर्शित करने वाली लीलाओं के रूप में धीरे-धीरे पूरे महीने तक फैलती है। साल 2026 में 23 जनवरी से ब्रज की होली की शुरूआत हो चुकी है। फिर फरवरी और मार्च में विभिन्न स्थानों पर अद्भुत और पारंपरिक होली उत्सव मनाए जाएंगे। ऐसे में अगर आप भी इस महापर्व में शामिल होने का मन बना रहे हैं, तो हम आपको इस आर्टिकल के जरिए उत्सव के शेड्यूल और ब्रज में होने वाले विशेष आयोजनों के बारे में बताने जा रहे हैं।

ब्रज होली 2026 के कार्यक्रमों का शेड्यूल

25 फरवरी - बरसाना में लड्डू मार होली
26 फरवरी - बरसाना में लट्ठमार होली
27 फरवरी - नंदगांव में लट्ठमार होली
28 फरवरी - वृंदावन में फूलों की होली उत्सव
01 मार्च - गोकुल में छड़ी मार होली
02 मार्च - गोकुल में होली उत्सव
03 मार्च - होलिका दहन
04 मार्च - होली का पर्व
05 मार्च - दाऊजी मंदिर में हुरंगा होली उत्सव

इन बातों का रखें ध्यान

होली के पर्व के दौरान रंग और पानी की वजह से दुर्घटनाओं का खतरा हो सकता है। इसलिए होली खेलने के दौरान सावधानी रखें। रंगों और पानी का उपयोग करते समय चेहरे और खासकर आंखों को बचाकर रखें।

बता दें कि ब्रज की होली एक सांस्कृतिक और धार्मिक पर्व है। इसलिए ब्रज के पारंपरिक आयोजनों और मान्यताओं का सम्मान करें।

होली खेलने के लिए पुराने और हल्के कपड़े पहनने चाहिए। क्योंकि कपड़ों में रंगों से दाग लग सकते हैं। वहीं हल्के कपड़े पहनें, जिससे कि ज्यादा रंग आपके शरीर पर न चिपके।

ब्रज में होली के समय गर्मी और अधिक भीड़ हो सकती है। इसलिए खुद को हाइड्रेटेड रखें और अधिक समय तक धूप में खड़े होने से बचें।

ब्रज की होली का धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व है। इसलिए इसके पारंपरिक रूपों को समझने के लिए वहां की संस्कृति और इतिहास के बारे में जानना फायदेमंद रहेगा।

क्योंकि होली एक लोकप्रिय पर्व है, इसलिए ब्रज में जाने से पहले ही अपनी यात्रा और आवास बुक कर लें। जिससे कि आपको वहां पर पहुंचने के बाद कोई परेशानी न हो।

अगर आप भी ब्रज की होली के खास उत्सवों में भाग लेना चाहते हैं, तो पहले ही जानकारी कर लें कि कहां पर किस दिन कौन सा आयोजन हो रहा है।

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